
राम गोपाल वर्मा ने अपनी वाली फिल्म 'न्यूक्लियर' के पोस्टर को ट्वीट कर लोगों को इन्फॉर्म किया-
पोस्टर पर लिखा हुआ है “एक एटम बम जिसे स्मगलिंग करके मुंबई लाया जाता है. जिसका मकसद कश्मीर को मुक्त कराना है. जबकि पाकिस्तान इसमें अपने इंवॉल्वमेंट से इनकार करता है. अमेरिका इंडिया और पाकिस्तान को मनाता है कि अगर एटॉमिक वॉर हुआ तो लाखों लोगों की जानें जा सकती है. और थर्ड वर्ल्ड वॉर शुरू हो जाएगा". रामगोपाल वर्मा ने फिल्म के पोस्टर के साथ इस ट्वीट में बताया कि, ''340 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह मेरी पहली इंटरनेशनल फिल्म होगी.साथ ही राम गोपाल वर्मा ने अपने अगले ट्वीट में बताया कि इस फिल्म की शूटिंग अमेरिका, चाइना, रशिया, यमन और इंडिया में होगी. यह एक इंटरनेशनल फिल्म है, इसलिए इस फिल्म में अमेरिकन, चाइनीज, रशियन और इंडियन एक्टर्स होंगे.

जिनको ये लगता है कि ये प्रोडक्शन हाउस नया है जो रामू को पैसे दे रहा है तो रामू का ये ट्वीट पढ़ लीजिए-
इस इंटरनेशनल फिल्म 'न्यूक्लियर' को 'CMA ग्लोबल ग्रुप' प्रोड्यूस कर रहा है. साथ ही बताया कि इससे पहले भी 'CMA ग्लोबल ग्रुप' ने उनकी 15 फिल्मो को प्रोड्यूस किया है. 'CMA ग्लोबल ग्रुप' एक जाना-पहचाना प्रोडक्शन ग्रुप है.

राम गोपाल वर्मा ट्वीट

राम गोपाल वर्मा ने कहा, ''मैं रील और रियल लाइफ की स्टोरीज के सब्जेक्ट्स का रीडर रहा हूं. जिसे मैं पूरे चाव से पढ़ता और देखता हूं. पर मैंने अपनी लाइफ में न्यूक्लियर जैसे सब्जेक्ट को न पढ़ा और न देखा.'' रामू ने फिल्म की वेबसाइट पर पोस्ट किये गए नोट में कहा, ''हां, यह इंडिया में अब तक की सबसे महंगी फिल्म होगी. और इसकी वजह है, इस स्टोरी का प्लॉट. इस फिल्म को इतने बड़े पैमाने पर फिल्माया जाएगा कि लोगों ने कभी नहीं देखा होगा.''इस फिल्म का मेन सब्जेक्ट टेररिज्म और न्यूक्लियर वॉर है. जिसमें यह दिखाया जाएगा कि न्यूक्लियर हथियार गलत हाथों में आ जाने का परिणाम दुनिया के लिए कितना खतरनाक हो सकता है.
रामू ने कहा, ''हिरोशिमा एवं नागासाकी शहरों में हुए परमाणु बम के धमाकों की गूंज, विस्फोट के 70 साल बाद आज भी भी दुनिया के कानों में गूंज रही है. इस समय सबसे ज्यादा डराने वाली बात यह है कि यदि यह विस्फोट हमारे समय में होता है, तो स्थिति कितनी भयानक हो सकती है. जाहिर है कि मुंबई जैसे बड़े शहर में अगर सच में एटॉमिक अटैक होता है तो आसानी से थर्ड वर्ल्ड वॉर स्टार्ट हो जाएगा. और ऐसे में दुनिया का खात्मा भी हो सकता है.चूंकि इस फिल्म का सब्जेक्ट इंडिया-पाकिस्तान, न्यूक्लियर बम, कश्मीर और थर्ड वर्ल्ड वॉर हैं, इसलिए कंट्रोवर्सिज होने के पूरे आसार हैं. वैसे तो रामू की फ़िल्में दो तरह की होती हैं. या तो बहुत ही अच्छी होती है या फिर बहुत ही खराब होती है. रामगोपाल वर्मा ने जहां सत्या, रंगीला, सरकार जैसी शानदार फिल्में बनाई है, तो वहीं आग जैसी वाहियात फिल्म से लोगों को दुखी भी किया है. रामगोपाल वर्मा की जो सबसे खास बात ये है कि वो सबसे अलग सब्जेक्ट चूज करते हैं. इसके लिए उनकी तारीफ भी होती है और आलोचना भी. जहां तक बात रामू की पहली इंटरनेशनल फिल्म 'न्यूक्लियर' की है, वो मार्किट में आने बाद ही पता चलेगा उनका 'न्यूक्लियर' कितना बड़ा धमाका करता है.
रामू के फैन तो ताल ठोंकेंगे कि देखो हम कहते थे कि अभी इंतजार कर रहे हैं रामू. मौका मिलते ही कुछ धमाका करेंगे. पर रामू के विक्टिम तो फिर से झटके में आ गये होंगे कि ये लकड़ी रामू संभाल भी पायेंगे कि नहीं.














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