रेप के आरोप में फंसे राजस्थान के मंत्री और कांग्रेस नेता महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी 'फरार' हैं. दिल्ली पुलिस की टीम रविवार 15 मई को रोहित को गिरफ्तार करने जयपुर पहुंची, लेकिन वे नहीं मिले. इसके बाद पुलिस ने रोहित जोशी के घर के बाहर नोटिस चिपका दिया. नोटिस में रोहित को पूछताछ के लिए 18 मई को दिल्ली के सदर बाजार थाने में हाजिर होने को कहा गया है. रोहित जोशी पर 23 साल की एक महिला के रेप का आरोप है.
रेप केस: राजस्थान के मंत्री का बेटा रोहित जोशी फरार, दिल्ली पुलिस ने घर पर चिपकाया नोटिस
नोटिस में रोहित को पूछताछ के लिए 18 मई को दिल्ली के सदर बाजार थाने में हाजिर होने को कहा गया है. रोहित जोशी पर 23 साल की एक महिला के रेप का आरोप है.


दो घरों पर पहुंची पुलिस
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की 15 सदस्यों की एक टीम रविवार सुबह रोहित जोशी को पकड़ने पहुंची. एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया कि पुलिस की टीम ने शहर में मंत्री के दो घरों पर पहुंची, लेकिन आरोपी वहां नहीं था. उन्होंने बताया,
"हमारी टीम रोहित जोशी का पता लगाने के लिए सर्च अभियान चला रही है. वो फिलहाल फरार है."
वहीं मंत्री महेश जोशी ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि उन्हें दिल्ली पुलिस के जयपुर में होने की जानकारी दी गई. उन्होंने कहा, "कानून को अपना काम करना चाहिए. और सच बाहर आना चाहिए. मैं पुलिस जांच में पूरा सहयोग करूंगा. इस मामले का मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए."

क्या हैं आरोप?
23 साल की एक महिला ने रोहित जोशी के खिलाफ दिल्ली में शिकायत दर्ज कराई थी. FIR में महिला ने आरोप लगाया कि रोहित ने 8 जनवरी 2021 से इस साल 17 अप्रैल तक उसके साथ कई बार रेप किया. इसके अलावा जबरन अबॉर्शन करवाने का भी आरोप है. दिल्ली पुलिस ने रोहित जोशी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार), 328 (अपराध के इरादे से किसी को नशीला पदार्थ खिलाना), 312 (जबरन अबॉर्शन कराना), 366 (किडनैपिंग) के तहत केस दर्ज किया था.
महिला ने शिकायत में लिखा है कि रोहित जोशी के साथ उसकी दोस्ती पिछले साल ही फेसबुक के जरिये हुई थी. आरोपों के मुताबिक, रोहित पहले से शादीशुदा था. लेकिन उसने महिला से कहा था कि वो पत्नी से तलाक ले लेगा. FIR के अनुसार,
"8 अगस्त 2021 को रोहित उसे सवाई माधोपुर ले गया था. वहां उसने ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसका रेप किया. रोहित ने उसके आपत्तिजनक वीडियो भी बनाए. 11 अगस्त 2021 को महिला ने रोहित को जब बताया कि वह प्रेग्नेंट है तो उसने अबॉर्शन करवाने का दबाव बनाया. जब महिला ने मना कर दिया तो रोहित ने उसे जबरन अबॉर्शन पिल खिला दी."
महिला ने एफआईआर में कहा है,
"जब मैंने उसे कॉल किया तो उसने कहा कि वह मंत्री का बेटा है और उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है. उसने अपने पैसे और पावर की धमकी दी. और कहा कि लोगों पता भी नहीं चलेगा कि मैं कहां गायब हो जाऊंगी. अगर मैं कुछ बोलती हूं तो भंवरी देवी केस दोहराया जाएगा."
विपक्ष ने मामला दबाने का लगाया आरोप
यह मामला सामने आने के बाद बीजेपी ने राज्य सरकार पर रोहित जोशी को बचाने का आरोप लगाया है. विपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने पिछले हफ्ते कहा था,
"यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार आरोपी को बचाने की कोशिश कर रही है. यह कांग्रेस की संस्कृति है, जो हमेशा ऐसे मामलों को दबाने की कोशिश करती है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है."
महेश जोशी को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का करीबी माना जाता है. मामला तूल पकड़ने के बाद महेश जोशी ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा था कि अगर उनके बेटे ने कुछ गलत किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं है.






















