राजस्थान के खेल मंत्री हैं अशोक चांदना (Ashok Chandna) ने अपनी ही पार्टी के बड़े नेता सचिन पायलट पर बड़ा हमला बोला है. 12 सितंबर की रात उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट से सचिन पायलट के लिए धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया. एक ट्वीट में अशोक चांदना ने लिखा,
अशोक गहलोत के मंत्री की सचिन पायलट को खुली धमकी, 'मैं लड़ने पर आया तो एक ही बचेगा'
सचिन पायलट को धमकी देने वाले अशोक चांदना राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में खेल मंत्री हैं.


Ashok Chandna ने Sachin Pilot को धमकी क्यों दी?"मुझ पर जूता फिकवाकर सचिन पायलट अगर मुख्यमंत्री बनें तो जल्दी से बन जाएं क्योंकि आज मेरा लड़ने का मन नहीं है. जिस दिन मैं लड़ने पर आ गया तो फिर एक ही बचेगा और यह मैं चाहता नहीं हूं."
मामला 12 सितंबर को ही अजमेर के पुष्कर में हुए कार्यक्रम से जुड़ा है. यह कार्यक्रम गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला के अस्थि विसर्जन के अवसर पर आयोजित किया गया था. अशोक चांदना इस कार्यक्रम में पहुंचे थे. बताया गया कि वो जैसे ही मंच पर बोलने आए, उनकी तरफ भीड़ से चप्पल और जूते आने शुरू हो गए. मंत्री ने अपने ऊपर हुए इस हमले का आरोप राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट पर लगाया है. दरअसल, भीड़ की तरफ से जब यह हमला हुआ उसी दौरान 'सचिन पायलट जिंदाबाद' के भी नारे लगे थे.
किरोड़ी सिंह बैंसला राजस्थान में गुर्जर आरक्षण आंदोलन के नेता थे. इसी साल मार्च में उनका निधन हुआ था. उनके बेटे विजय बैंसला ने 17 अगस्त को कोटपूतली से 'अस्थि कलश यात्रा' निकाली थी. 23 जिले से होकर यह यात्रा पुष्कर पहुंची थी. इसी मौके पर 12 सितंबर को कार्यक्रम का आयोजन हुआ था. इसमें गुर्जर सहित अति पिछड़ी जातियों (MBC) के लोग इकट्ठा हुए थे. इसे अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है.
बहरहाल, यात्रा के तहत आयोजित कार्यक्रम में चप्पल-जूते चलने के बाद अशोक चांदना को अपना भाषण बीच में छोड़ना पड़ा. उनसे पहले देवस्थान मंत्री शकुंतला रावत बोलने आईं तो भीड़ ने उनके खिलाफ भी नारेबाजी की. हालांकि शकुंतला ने अपना भाषण पूरा कर लिया. बाद में अशोक चांदना ने इसके लिए सीधे-सीधे सचिन पायलट को जिम्मेदार ठहराया.
BJP नेता राजेंद्र राठौड़ से भी भिड़ेइस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया, बीजेपी विधायक राजेंद्र राठौड़ जैसे नेता भी मौजूद थे. अशोक चांदना ने BJP नेता राजेंद्र राठौड़ पर भी सवाल उठाया. 12 सितंबर को ही ट्विटर पर लिखा,
"आज एक अद्भुत नजारा देखने को मिला. 72 शहीदों (गुर्जर आरक्षण आंदोलनकारी) को मारने का आदेश देने वाले राजेंद्र राठौड़ साहब (तत्कालीन मंत्री) के मंच पर आने पर तालियां बजीं और जिनके परिवार के लोग आंदोलन में जेल गए उन पर जूते फेंके गए."
अशोक चांदना ने आगे लिखा,
"जिस मंच पर जूते फेंके गए उस पर शहीदों के परिवारजन बैठे थे, कम से कम उनका तो ख्याल कर लेते. कर्नल साहब (किरोड़ी सिंह बैंसला) की अंतिम स्मृति को ऐसे कलंकित करने वाले लोग कितनी दूर तक ले जाएंगे यह तो वक्त बताएगा."
दरअसल, 2007-08 में गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान तत्कालीन वसुंधरा राजे की सरकार में राजेंद्र राठौड़ मंत्री थे. इस आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में 70 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. अशोक चांदना के आरोपों पर राजेंद्र राठौड़ ने भी जवाब दिया कि दूसरों पर तोहमत लगाने से पहले 'अपने गिरेबान में झांक कर देखो, आखिर हुजूर यह हालत क्यों बनी?' राजेंद्र ने कहा कि दूसरों की पकी हुई फसल को काटकर अगर अपने खेत ले जाओगे तो परिणाम ऐसे ही निकलेंगे.
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