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ऐसा दिखता है देश का पहला बुलेट ट्रेन स्टेशन, रेल मंत्री ने शेयर किया वीडियो

मुंबई और अहमदाबाद के बीच देश का पहला अत्याधुनिक हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाया जा रहा है. जिसमें अहमदाबाद में बन रहे बुलेट ट्रेन स्टेशन की तस्वीरें सामने आई हैं.

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अहमबाद बुलेट ट्रेन स्टेशन की तस्वीरें. (फोटो-X )

देश के पहली बुलेट ट्रेन स्टेशन की तस्वीरें सामने आ गई हैं. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया. जिसमें अहमदाबाद के साबरमती मल्टीमॉडल ट्रांस्पोर्ट हब पर स्थित बुलेट ट्रेन स्टेशन की झलक सामने आई.

रेल मंत्री अश्विणी वैष्णव ने 7 दिसंबर की शाम ये वीडियो शेयर किया. इस वीडियो में अबतक बने स्टेशन के अंदर और बाहर की तस्वीरों को दिखाया गया है. जैसा वीडियो में दिख रहा है, रात में बेहद खूबसूरत दिखता है ये बुलेट ट्रेन स्टेशन. इसे प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना कहा जाता है.

मुंबई और अहमदाबाद के बीच देश का पहला अत्याधुनिक हाई स्पीड रेल (HSR) कॉरिडोर बनाया जा रहा है. हाई स्पीड रेल लाइन 508 किमी तक फैली हुई होगी. इसमें से 448 किमी की रेल लाइन जमीन से ऊंचाई पर स्थित होगी, 26 किमी सुरंगों से होकर गुजरेगी और 7 किमी तटबंध पर बनाई जा रही है.

अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन स्टेशन के दक्षिण की ओर स्टेनलेस स्टील से बना एक बड़ा भित्तिचित्र (दीवार पर बनाया चित्र) दिखाई देता है. जो अंग्रेजों के खिलाफ महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन दांडी मार्च या नमक सत्याग्रह, को दर्शाता है.

यहां लगभग 1,33,000 वर्ग मीटर फैली हब बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है. दो बिल्डिंग बनाई जा रही हैं, जिसमें दफ्तर, कमर्शियल कामकाज और यात्रियों के लिए जरूरत के सामान की दुकानों के लिए जगह निर्धारित की गई है.

पिछले महीने, नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉरपोरेशन (NHRCL) ने घोषणा की थी कि बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) स्टेशन का लगभग 15 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है. NHRCL ने 2027 तक स्टेशन का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य बनाया है. बीकेसी स्टेशन, जो हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर एकमात्र भूमिगत स्टेशन है, छह प्लेटफार्मों के साथ डिज़ाइन किया गया है. इस विशेष रूप से 16-कोच बुलेट ट्रेनों के लिए तैयार किया गया है. स्टेशन के निर्माण के लिए 32 मीटर की गहराई की खुदाई की जा चुकी है. स्टेशन के निर्माण के लिए 4.8 हेक्टेयर जमीन पर खुदाई चल रही है. 24 मीटर की गहराई पर प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा. स्टेशन तीन मंजिल का होगा.