हाल में हुए पांच राज्यों के चुनाव में कांग्रेस पार्टी की करारी हार के बाद राहुल गांधी खबरों से दूर रहे. लेकिन आज यानी 9 अप्रैल को राहुल गांधी दिल्ली में एक बुक लॉन्च के मौके पर पहुंचे. माइक संभाला. और ऐसा भाषण दिया कि खबरनवीसों को एक साथ कई खबरें दे दीं. तो सीधे खबर पर चलते हैं. राहुल ने कहा,
कांग्रेस की लगातार हार के बाद बोले राहुल गांधी, 'मुझे सत्ता में इंटरेस्ट ही नहीं है'
राहुल ने कहा, कांग्रेस ने बसपा को गठबंधन में यूपी चुनाव लड़ने का ऑफर दिया था.


"कुछ लोग राजनीति में हैं, जो सिर्फ सत्ता हासिल करने की कोशिश में रहते हैं. सुबह उठते हैं, तो सोचते हैं कि सत्ता कैसे मिलेगी. रात को सोने तक यही सोचते रहते हैं. उसमें मेरी एक प्रॉबलम आ गई. मैं सत्ता के बीच में पैदा हुआ. लेकिन बड़ी अजीब सी बीमारी है कि मुझे सत्ता में इंटरेस्ट ही नहीं है."
#WATCH There're politicians who're in pursuit of power. They ponder upon attaining power throughout...I was born in centre of power but honestly, I don't have interest in it. Instead, I try to understand the country: Congress MP Rahul Gandhi at a book-launch event in Delhi pic.twitter.com/DH1rltlYzE
— ANI (@ANI) April 9, 2022
हालिया चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन सबने देखा है. 2013 के बाद से देश में कांग्रेस का दायरा लगातार घट रहा है. पार्टी अपनी जमीन बचाने की कोशिश कर रही है. ऐसे में राहुल गांधी कह रहे हैं कि उन्हें सत्ता में इंटरेस्ट नहीं है. राहुल गांधी पर उनके विरोधी अकसर आरोप लगाते हैं कि वो जबरदस्ती राजनीति कर रहे हैं. विरोधी कहते हैं कि राहुल को ना तो राजनीति आती है और ना ही वो करना चाहते हैं. ऐसे में राहुल गांधी का ये ताज़ा बयान सुन, उनके विरोधियों का खुश होना लाज़मी है.

बुक लॉन्च के दौरान राहुल गांधी.(@INCIndia)
दरअसल, राहुल दिल्ली के जवाहर भवन में एक बुक लॉन्च के मौके पर पहुंचे थे. किताब का नाम है- द दलित ट्रुथ. बात दलितों की हो रही थी, तो राहुल दलित पॉलिटिक्स का जिक्र करते हुए यूपी चुनाव तक पहुंच गए. और निशाने पर लिया यूपी में दलित राजनीति का चेहरा मायावती को.
#WATCH Mayawatiji didn't fight elections, we sent her the message to form an alliance but she didn't respond. Kanshi Ram Ji raised voice of Dalits in UP, though it affected Congress. This time she didn't fight for Dalit voices because there are CBI, ED & Pegasus: Rahul Gandhi pic.twitter.com/Jf7nvHAec0 — ANI (@ANI) April 9, 2022
राहुल गांधी ने कहा,
"यूपी में मायावती ने चुनाव ही नहीं लड़ा. हमने मायावती को संदेश दिया कि हमारे साथ लड़िए और सीएम बनिए. लेकिन उन्होंने जवाब तक नहीं दिया. कांशीराम ने यूपी में दलितों की आवाज़ उठाई. हालांकि इससे कांग्रेस को नुकसान हुआ. लेकिन इस बार मायावती ने दलितों की आवाज़ नहीं उठाई. क्योंकि अब CBI, ED और पेगसस है."
यूपी में विपक्ष की एकसाथ लड़ने की बात कई दफे हो चुकी है. प्रियंका गांधी भी चुनाव के दौरान ये कह चुकी हैं कि सबको साथ लड़ना चाहिए था. हालांकि, राहुल गांधी ने मायावती को ये संदेश भिजवाया था कि गठबंधन करिए और मुख्यमंत्री बनिए. लेकिन नतीजों में कांग्रेस को सिर्फ दो सीट तो मायावती की पार्टी को सिर्फ एक सीट ही मिल पाई.
इस बीच राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता खत्म करने का भी आरोप लगाया. राहुल ने कहा,
"हम कहते हैं कि संविधान की रक्षा करनी है. मगर कॉन्स्टीट्यूशन को इम्प्लिमेंट कैसे किया जाता है? इंस्टीट्यूशन से. सारे इंस्टीट्यूशन आरएसएस के हाथ में हैं. इंस्टीट्यूशन आपके और हमारे हाथ में नहीं है. अगर इंस्टीट्यूशन आपके और हमारे हाथ में नहीं हैं, तो कांस्टीट्यूशन हमारे हाथ में नहीं है. ये कोई नया आक्रमण नहीं है. ये आक्रमण उस दिन शुरु हुआ, जब महात्मा गांधी की छाती में तीन गोलियां दागी गई थीं."
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने महंगाई और बेरोजगारी को लेकर भी सरकार पर हमला बोला. राहुल गांधी ने कहा कि हमें लड़ने की जरूरत है. गांधी और अंबेडकर के रास्तों पर चलने की जरूरत है.
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