'इकॉनमी में ऐसे लोगों को प्रोडक्टिव एरियाज में और अच्छे से यूज किया जा सकता है, फैक्ट्री और बैंक वगैरह में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से ज्यादा लोगों को फायदा मिल रहा है.'वैसे ये पहली बार नहीं है कि रघुराम राजन डोसे से इकॉनमी समझा रहे हों. एक बार एक रिटायर्ड आदमी ने उनको लेटर लिख कहा. बैंको को कह दीजिए ज्यादा रिटर्न दें ताकि खर्चा चल सके. रघुराम राजन का जवाब आया. आप रिटर्न पर ध्यान देते हैं. महंगाई देखिए 10 से 5.5 पर आ गई है. आप उत्तेन पैसे में ज्यादा डोसा खरीद सकते हैं.
RBI गवर्नर ने डोसे से सिखाई इकॉनमी
रघुराम राजन से एक कन्या ने पूछा डोसा महंगा होता है सस्ता क्यों नहीं. जवाब कतई धांसू था.
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फोटो - thelallantop
RBI के गवर्नर जो हैं रघुराम राजन, शुरू में आए थे तो अखबार वाले उनको रॉकस्टार कहते थे. काहे कहते थे? इसका एक्जाम्पल देख लो. शनिवार को फेडरल बैंक के एक इवेंट में थे. एक कन्या ने पूछा. महंगाई दर बढ़ती है तो डोसे के रेट बढ़ते हैं. पर जब महंगाई घटती है तो घटते काहे नहीं. रघुराम राजन बोले क्योंकि "डोसा बनाने की टेक्नोलॉजी नहीं बदली है. आज भी आदमी वैसे ही डोसा बनाता है जैसे हमेशा से बनाता था. तवे पर घोल डालता है, फैलाता है, उस पर मसाला डालता है. इस सबके बीच डोसा बनाने वाले की तनख्वाह बढ़ती जा रही है." अब कहो इसमें खास क्या है? कौन नहीं जानता, लेकिन रघुराम राजन इसी के जरिये इकॉनमी भी समझाते हैं. उनने बताया
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