“बोलेरो के चालक ने रवि के वाहन को आगे निकलने के दौरान रोका. कथित तौर पर रवि और उनकी मंगेतर के साथ गाली-गलौज की. जब रवि ने इसका विरोध किया तो चालक ने कार का दरवाजा खोलकर उनका रास्ता रोक लिया. रवि का आरोप है कि कार से तीन-चार लोग निकले और पीटना शुरू कर दिया. कई लोग कार के अंदर ही बैठे रहे. वह किसी तरह बचकर मौके से भागे, तो कार सवार लोगों ने कुछ दूर तक उनका पीछा भी किया.”
किसान आंदोलन की चर्चित फ़ोटो खींचने वाले पत्रकार पर हमला, 5-6 लोगों पर पीटने का आरोप
जिस कार में हमलावर सवार थे, उस पर 'भारत सरकार' लिखा था
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बाएं वो कार, जिसमें बैठे लोगों के ऊपर रवि चौधरी पर हमला करने का आरोप है. दाएं किसान आंदोलन के दौरान रवि की खींची वो फ़ोटो, जो वायरल हुई.
किसान आंदोलन की एक तस्वीर बहुत वायरल हुई थी. इसमें एक पुलिसकर्मी एक सिख किसान को पीटने के लिए लाठी उठाता नज़र आ रहा था. इस तस्वीर को खींचा था प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया यानी PTI के फोटो जर्नलिस्ट रवि चौधरी ने. अब रवि चौधरी ने अपने ऊपर हमला होने का दावा किया है. ख़बरों के मुताबिक़, रवि 7 दिसम्बर अपनी मंगेतर के साथ बाइक पर सवार होकर जा रहे थे. आरोप लगाया कि जब वे ग़ाज़ियाबाद में गंगा कैनाल रोड के पास पहुंचे तो 5-6 लोगों ने हमला कर दिया. गौर करने वाली बात ये है कि जिस बोलेरो कार में हमलावार सवार थे, उस पर लिखा था ‘भारत सरकार’.
रवि चौधरी ने ट्वीट करके इस मामले की जानकारी दी. ये भी आरोप लगाया कि ग़ाज़ियाबाद के मुरादनगर थाने की पुलिस ने FIR लिखने से मना कर दिया है. हालांकि देर रात दी लल्लनटॉप को मिली जानकारी के अनुसार, ग़ाज़ियाबाद पुलिस ने FIR दर्ज कर ली. कार्रवाई करने का भी आश्वासन दिया. इस बाबत जनता का रिपोर्टर नाम की वेबसाइट ने ख़बर भी प्रकाशित की. बक़ौल इस ख़बर,
बहरहाल, टाइम्स ऑफ़ इंडिया के पत्रकार पीयूष राय से बातचीत में ग़ाज़ियाबाद के एएसपी इराज राजा ने बताया कि बोलेरो कार की पहचान कर ली गयी है. जल्द ही आरोपियों की गिरफ़्तारी होगी.
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