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प्रशांत किशोर जेडीयू में जाने को तैयार हैं अगर...

नीतीश से प्रशांत किशोर की ये मुलाकात दिलचस्प है. बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़कर वापस आरजेडी और कांग्रेस के साथ मिलकर नई सरकार बनाने के बाद से ही नीतीश उनके निशाने पर रहे हैं.

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बाएं- प्रशांत किशोर, दाएं- नीतीश कुमार (फोटो- आजतक)

चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात (Nitish Kumar-Prashant Kishor Meeting) की है. आजतक को दिए इंटरव्यू में प्रशांत किशोर ने खुद इसकी जानकारी दी. बताया कि दो दिन पहले ही वो नीतीश कुमार से मिले हैं. बिहार के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के लिहाज से ये मुलाकात खास और दिलचस्प है. बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़कर वापस आरजेडी और कांग्रेस के साथ मिलकर नई सरकार बनाने के बाद से ही नीतीश कुमार प्रशांत किशोर के निशाने पर रहे हैं.

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Nitish Kumar से मुलाकात पर क्या बोले Prashant Kishor?

बताया गया है कि प्रशांत किशोर और नीतीश कुमार के बीच ये मुलाकात डेढ़-दो घंटे तक चली. ऐसे में हर तरफ चर्चा है कि क्या अब प्रशांत किशोर फिर नीतीश के पाले में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं? हालांकि आजतक के इंटरव्यू में उन्होंने साफ कर दिया कि ये केवल एक शिष्टाचार भेंट थी.

प्रशांत किशोर ने बताया-

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दो दिन पहले ही मेरी मुलाकात नीतीश कुमार से हुई है. दो-तीन महीने से उनसे मेरी मिलने की बात हो रही थी, लेकिन मैं मिल नहीं पाया था. इसको आप सामजिक-राजनीतिक शिष्टाचार ही मानिए.

उन्होंने आगे कहा-

लोग कह रहे हैं हमारी मुलाकात रात के अंधेरे में हुई. मैं बता देना चाहता हूं कि मैं नीतीश कुमार से सीएम रेसिडेंस पर मिला और सबके सामने मिला. लगभग साढ़े चार बजे शुरू हुई मुलाकात डेढ़ दो घंटे तक चली. हमारे कॉमन दोस्त पवन वर्मा जी ने आग्रह किया कि हमें मिलना चाहिए और बात करनी चाहिए.

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क्या नतीजा निकला ? 

जब प्रशांत किशोर से पूछा गया कि इस मुलाकात का क्या नतीजा निकला तो उन्होंने बताया-

उन्होंने अपनी बात कही और मैंने अपनी राय रखी. मैंने उनसे बिहार की स्थिति को लेकर बातचीत की. मेरे अपने स्टैंड अब भी वही हैं. मेरे सवाल भी वही हैं जो पहले थे. 2 अक्टूबर से होने वाली पदयात्रा में भी कोई परिवर्तन नहीं होगा.

नीतीश से फिर हाथ मिलाएंगे? 

इस सवाल पर प्रशांत किशोर बोले-

बिहार में जो विकास के दावे किए गए हैं या किए जा रहे हैं उनमें कोई दम नहीं है. जब तक बिहार में विकास में लिए बेहतर प्रयास नहीं होगा तब तक लोगों या नेताओं के आपस में जुड़ने से कोई फर्क नहीं पडे़गा. इसमें प्रशांत किशोर का मिलना भी शामिल है.

हालांकि नीतीश के साथ मिलने की बात पर प्रशांत किशोर ने साफ इनकार भी नहीं किया. वो बोले-

अगर वो साल में 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दे दें तो उसके बाद ही कोई बात हो सकती है. अभी कोई संभावना नहीं है.

इसके अलावा बेगूसराय में गोलीबारी और राज्य में बढ़ते क्राइम रेट को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा-

लॉ एंड ऑ को लेकर लोगों के मन में जो डर है, जो आशंकाएं हैं, वो सही साबित हो रही हैं. बेहतर प्रयास की जरूरत है. बिहार में तब से लॉ एंड ऑर्डर की व्यवस्था बिगड़ी है जब से राज्य में शराबबंदी लागी हुई है. प्रशासन का बड़ा हिस्सा शराबबंदी के काम में लगा हुआ है जो उनका मूल काम नहीं है. इसके चलते रूटीन लॉ एंड ऑर्डर खराब हो गया है. ये स्थिति पिछले 2 ढाई साल से बिगड़ी है. चाहे नीतीश कुमार बीजेपी के साथ हों या आरजेडी के साथ, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. 

बता दें कि प्रशांत किशोर को 2020 में JDU से बर्खास्त कर दिया गया था.

देखें वीडियो- बिहार: गैंगरेप की इस घटना के बाद नीतीश सरकार पर उठ रहे सवाल

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