मैं आज और कल के अपने पश्चिम बंगाल दौरे को लेकर उत्साहित हूं. इस दौरान स्वामी विवेकानंद जयंती के मौके पर रामकृष्म मिशन में समय बिताउंगा. इस जगह में कुछ खास है.उन्होंने रामकृष्ण मिशन के ही स्वामी आत्मास्थानंद के बारे में कहा,
फिर भी एक कमी खलेगी. मुझे जन सेवा ही प्रभु सेवा की सीख देने वाले स्वामी आत्मास्थानंद जी नहीं होंगे. रामकृष्ण मिशन में उनकी गरिमामयी उपस्थिति ना होना अकल्पनीय है.

पश्चिम बंगाल दौरे को लेकर पीएम मोदी के दो ट्वीट.
दूसरे कार्यकाल की पहली पश्चिम बंगाल यात्रा
पीएमओ की तरफ से बताया गया है कि ये यात्रा पूरी तरह गैर राजनीतिक है. मोदी के दूसरे कार्यकाल में ये उनकी पहली पश्चिम बंगाल यात्रा है. आखिरी बार उन्होंने अप्रैल, 2019 में साउथ दीनाजपुर और नादिया ज़िलों में रैलियां की थीं. लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 42 में 18 सीटें जीती थीं, जिसे बीजेपी का बड़ा उभार कहा गया. प्रधानमंत्री के तौर पर कुल मिलाकर ये उनकी 20वीं यात्रा है.
कई उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके लिए हावड़ा ब्रिज को रंग बिरंगी लाइट से सजाया गया है. वो कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के हल्दिया डॉक कॉम्पलेक्स पर रिवरफ्रंट डेवलपमेंट स्कीम की शुरुआत करेंगे. रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी नई फुल रेक हैंडलिंग सुविधा भी शुरू होगी. इसके अलावा नेताजी सुभाष ड्राई डॉक में कोचिन कोलकाता शिप रिपेयर यूनिट में सुविधाओं के विस्तार का उद्घाटन होगा. इसके अलावा पीएम मोदी चार हेरिटेज बिल्डिंग को भी समर्पित करने जा रहे हैं. इनमें पुरानी करेंसी बिल्डिंग, बेल्वेदेरे हाउस, मेटकॉफ हाउस और विक्टोरिया मेमोरियल हॉल शामिल है. संस्कृति मंत्रालय ने इनकी मरम्मत का काम किया है.
CAA-NRC को लेकर कई संगठनों ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. वामपंथी छात्र संगठन SFI ने छात्रों से कोलकाता पहुंचने को कहा है. उनका मकसद पीएम मोदी तक अपना संदेश पहुंचाना है. प्रशासन का दावा है कि सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम हैं.
CAA-NRC पर कांग्रेस-लेफ्ट के खिलाफ ममता
ममता बनर्जी ने CAA-NRC के खिलाफ होने वाली विपक्षी पार्टियों की बैठक में जाने से इनकार कर दिया है. ये बैठक 13 जनवरी को दिल्ली में होनी है. बैठक का बहिष्कार करते हुए ममता बनर्जी ने कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों पर 'गंदी राजनीति' करने का आरोप लगाया. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वो इस मुद्दे पर अकेली ही लड़ेंगी. उन्होंने पश्चिम बंगाल में कई पैदल मार्च किए हैं. गृह मंत्रालय की तरफ से नोटिफिकेशन जारी होने के बाद 10 जनवरी 2020 से CAA लागू हो गया है. दिसंबर 2019 में संसद के दोनों सदनों से इसे मंजूरी मिल गई थी.
सांसद स्वपनदास गुप्ता को CAA के पक्ष में बोले, विश्व भारती यूनिवर्सिटी में लेफ्ट समर्थक छात्रों ने कमरे में बंद किया






















