कोलंबियन राइटर निकोलस गोमेज़ डाविला की एक मशहूर लाइन है, जो उन्होंने स्पेशली मूर्खों के लिखी है. ये लाइन है “A confused idea attracts a fool like a flame attracts an insect.” यानी कि एक भ्रमित करने वाला आइडिया मूर्खों को ठीक उसी तरह से अट्रैक्ट करता है, जैसे आग की लौ कीड़े-मकोड़े को. आप भी कहेंगे कि कैसी बात कर रहे हैं हम. हम कहेंगे बिल्कुल ठीक बात कर रहे हैं. पूरा माहौल आज की स्टोरी के हिसाब से बनाए हैं.
क्या बर्फ में फंसे कांग्रेसी नेता की मदद से पहले सेना ने उनसे फंसे होने का सबूत मांगा?
क्या इस बार सेना से सबूत मांगना वाकई में कांग्रेस के लिए भारी पड़ा?
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इस खबर के ओरिजनल लिंक को एक लाख से भी ज्यादा बार शेयर किया गया है
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अब पूरी कहानी समझिए. हुआ यूं कि आज सुबह हमें कई पाठकों ने कुछ लिंक्स और कई फेसबुक पोस्ट्स के स्क्रीनशॉट्स भेजे. सभी ने यही जानने की इच्छा जताई कि पोस्ट या फिर उस स्टोरी की सच्चाई क्या है. हमने दिए गए लिंक का खोला तो चेहरे पर हंसी छूट गई. पहले आप उन लोगों के पोस्ट को देखिए फिर इस मामले को विस्तार से बताएंगे.

एक भाई ने कुछ इस तरह का पोस्ट किया. फिर इस पोस्ट को 900 से ज्यादा लोगों ने शेयर कर दिया.
ऊपर वाले पोस्ट को देखकर दिमाग में ये सवाल आएगा ही आएगा कि क्या वाकई में कांग्रेस के साथ ऐसा हुआ है. क्या वाकई में कांग्रेस नेता बर्फ में फंस गए थे. क्या वाकई में सेना ने कांग्रेस से बर्फ में फंसे होने के सबूत मांगे? स्क्रीनशॉट को देखकर मन में ऐसे सवाल का आना लाज़मी है. एक और पोस्ट देखिए:-
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लोगों ने पोस्ट को कुछ इस तरह से भी शेयर किया.
अब एक और लिंक पर नज़र मारिए. ये लिंक भी हमारे पाठक ने भेजा है और वे भी इसकी सच्चाई जानना चाहते थे.

इस पोस्ट को एक हजार से ज्यादा लोगों ने शेयर किया.
अब आपके मन में भी तमाम तरह के सवाल उठ रहे होंगे. पहला कि हमने शुरुआत में मूर्ख वाली बात क्यों की. दूसरा क्या वाकई में कांग्रेस के नेता के साथ ऐसा हुआ है जैसे दावे किए जा रहे हैं. वैसे आगे आपके मन में कोई भी सवाल आए उससे पहले तीसरे स्क्रीन शॉट को दुबारा से देखिए. गौर से देखने पर आपको पता चलेगा कि मुकेश चौरसिया नाम के युवक ने जिस वेबसाइट का लिंक शेयर किया है, उस वेबसाइट का नाम ही Hindi.Fakingnews.com है. 'फेकिंग न्यूज़' यानी कि नाम से ही काफी कुछ क्लियर है.
फेकिंग न्यूज़ एक ऐसी वेबसाइट है जो खबरों को ह्यूमर अंदाज में लिखने के लिए जानी जाती है. जिसका सच्चाई से कोई ताल्लुक नहीं होता है.

वेबसाइट के अबाउट सेक्शन में साफ-साफ लिखा है 'सच्चाई से इनका कोई लेना-देना नहीं है'
ये वेबसाइट किसी भी कंटेंट को मज़ाक के लहजे में लिखने के जानी जाती है. ये कांग्रेस नेता के बर्फ में फंसने वाली स्टोरी भी कुछ इसी अंदाज में लिखी गई है. अब वेबसाइट की स्टोरी को कुछ लोगों ने मज़ाक में तो कुछ लोगों ने चतुराई के साथ शेयर कर दिया. उन्होंने बाकायदा इस वेबसाइट की हेडिंग उड़ाई और अंदर की खबर जो ह्यूमरस अंदाज में लिखी गई थी. उसके स्क्रीनशॉट को फेसबुक पर शेयर कर दिया. दूसरा स्क्रीनशॉट इस बात की नजीर है.
अब आप इस स्टोरी का ओरिजिनल वर्जन देखिए
:

वेबसाइट ने फेसबुक पर कुछ इस तरह से स्टोरी शेयर की
मामला आप समझ गए होंगे कि इस खबर का सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है. अब मूर्खों वाली बात पर आते हैं. तो ये बात हमने इसीलिए कही क्योंकि कई लोग इस खबर के कमेंट सेक्शन में कांग्रेस को बुरा-भला कह रहे थे. किसी ने कहा 'जैसी करनी वैसी भरनी' किसी ने लिखा कांग्रेस के साथ ऐसा ही होना चाहिए था. अब सोचिए जिस खबर का सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है, जिस वेबसाइट की खबर लोग शेयर कर रहे हैं उनके नाम से ही सारा मामला क्लियर है. तस्वीर में जो गाड़ी दिख रही है, वो भी विदेश की है. उसके बावजूद लोग ऐसा कमेंट करेंगे. उन्हें क्या कहेंगे?
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