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आर्मी नहीं फेक प्रोफाइल की वजह से गई कश्मीरी स्टूडेंट की जान

वो जिसे लड़की समझकर बात कर रहा था, मिला तो पता लगा ये उसी का क्लासमेट था.

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ओवैस के अंतिम संस्कार की तस्वीर Source - AP
पीरबाग में 21 साल के एक इंजीनियरिग स्टूडेंट की लाश रेलवे ब्रिज के पास मिलने के बाद माहौल गरमा गया था. 14 दिसंबर को उसकी लाश बरामद होने के बाद लोगों का कहना था कि बच्चे को फौज ने मारा है.  गुस्साए लोगों ने एयरपोर्ट रोड पर प्रोटेस्ट शुरू कर दिया. न्यूज स्टेट टाइम्स की खबर के मुताबिक़ जिससे 70 लोगों की फ्लाइट मिस हो गई. लेकिन पुलिसिया जांच के बाद कुछ और ही बात सामने आई. मरने वाला इंजीनियरिंग स्टूडेंट ओवैस बशीर मलिक और ईशान मजीद पांचवी तक साथ-साथ पढ़ा करते थे. फिर दोनों अलग हो गए, सालों बाद ईशान ने फेसबुक पर एक लड़की के नाम से फेक प्रोफाइल बनाई. ओवैस को रिक्वेस्ट भेजी और दोनों बतियाने लगे. पिछले एक साल से दोनों बातें कर रहे थे. ओवैस ईशान को लड़की समझ उससे बात करता. पहले फेसबुक पर फिर फोन पर. हालांकि इस दौरान वो कभी मिले नहीं. घर वालों को भी पता था ओवैस किसी लड़की से बतियाता था. कुछ दिन पहले दोनों  ने मिलना तय किया. मिले तो पता लगा ओवैस जिस लड़की से बात करता था वो लड़की ही नहीं है. बल्कि कभी स्कूल में उसके साथ पढने वाला ईशान है. ईशान बाई सेक्सुअल था और अपनी सेक्सुअलिटी को लेकर कन्फ्यूज भी. ओवैस को जब ये बात पता चली तो दोनों में हाथापाई हो गई. ईशान के धक्के से ओवैस गिर गया और उसकी जान चली गई. फिलहाल पुलिस ने ईशान को पकड़ लिया है, साथ में तीन जीआरपी वाले भी पकड़ाए हैं, जिनने लाश मिलने पर पुलिस को बताने की बजाय पटरी के किनारे डाल दिया था ताकि वो किसी पचड़े में न फंसे.

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