अंग्रेजी की एक कहावत है, tit-for-tat. माने जैसे को तैसा. पाकिस्तान की राजनीति में इन दिनों इस कहावत पर खूब अमल किया जा रहा है. कैसे? अभी चंद दिन पहले ही पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (PTI) के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर एंटी-टेरर ऐक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था. आरोप लगे थे कि इस FIR के पीछे सत्ताधारी पार्टी की साजिश थी. केंद्र की सत्ता में पाकिस्तान मुस्लिम लीग - नवाज़ (PML-N) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के गठबंधन वाली सरकार है.
इमरान खान पर हुई FIR तो ऐसे लिया बदला!
इमरान खान ने सत्ताधारी नेता पर ही FIR करवा दी?


अब PTI ने इमरान पर हुई FIR का बदला लिया है. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में PTI गठबंधन की सरकार है. चौधरी परवेज़ इलाही मुख्यमंत्री हैं. उनको पंजाब में इमरान खान की पार्टी PTI का समर्थन हासिल है.उनके होमटाउन में पाकिस्तान के गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह पर एंटी-टेरर ऐक्ट के तहत मुकदमा दर्ज़ किया गया है. पिछले कुछ वक्त में इमरान और इलाही की करीबी बढ़ी है. लिहाज़ा, ये बात कही जा रही है कि राणा सनाउल्लाह पर जो FIR की गई है वो इमरान का बदला है.
अब आपको परवेज़ इलाही की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग - क़ायद (PML-Q) के एक नेता का बयान सुनाते हैं. नाम है, मूनिस इलाही. उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार ने तो इमरान खान के ख़िलाफ़ झूठा मुकदमा दर्ज करवाया है लेकिन आम जनता ने राणा के ख़िलाफ़ सच्ची-मुच्ची वाला केस दर्ज किया है.
दूसरी अपडेट का संबंध एक प्राकृतिक आपदा से है. पाकिस्तान इन दिनों भयंकर बाढ़ की चपेट में है. इसके कारण देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया गया है. इस बाढ़ में अब तक 343 बच्चों समेत 937 लोगों की मौत हो चुकी है. बाढ़ के कारण तीन करोड़ से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है. पाकिस्तान में अगस्त महीने में अब तक 160 मिलीमीटर से अधिक बारिश हो चुकी है. ये औसतन बारिश से 241 प्रतिशत ज़्यादा है. सबसे ज़्यादा प्रभावित सिंध और बलूचिस्तानप प्रांत हैं.
दुनिया की ख़बरों में आज जापान भी बना रहा, वजह? जापान के पुलिस चीफ़ इटारु नाकामुरा ने पद छोड़ने का ऐलान किया है. नाकामुरा ने कहा कि वो शिंज़ो आबे की सुरक्षा में चूक की ज़िम्मेदारी ले रहे हैं. 08 जुलाई को आबे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इससे पहले शिंजो आबे की हत्या के मामले की जांच हुई थी. इसमें हत्या के लिए पुलिस की नाकामी को ज़िम्मेदार ठहराया गया था.
न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने घटना की फुटेज का आकलन कर चूक की बात कही थी. उन्होंने बताया था कि शिंज़ो आबे के बॉडीगार्ड उन्हें बचा सकते थे. हमले के वक़्त उन्हें दूसरी तरफ़ धकेल सकते थे. या, कवर कर सकते थे. लेकिन वे ऐसा करने में असफल रहे.
एक अपडेट दक्षिण कोरिया से भी है. दक्षिण कोरिया में प्रजनन दर लगातार घट रहा है. इस साल ये दर 0.81 पर पहुंच गया है. 2021 में ये दर एक बच्चा प्रति जोड़ा थी. आसान भाषा में कहें तो 2018 में दक्षिण कोरिया में हर एक जोड़ा एक बच्चा पैदा कर रहा था. विकसित देशों में ये दर 1.6 की है. आदर्श प्रजनन दर 2.1 की मानी जाती है, माने, अगर एक जोड़ा औसतन दो बच्चे औसत पैदा करता है तो जनसंख्या का संतुलन बना रहता है.
पिछले 60 सालों में पूरी दुनिया में प्रजनन दर में गिरावट देखी गई है, लेकिन दक्षिण कोरिया का हाल कुछ ज़्यादा ही ख़राब है. यहां 1970 के दशक की शुरुआत में हर महिला औसतन चार बच्चे पैदा करती थी.
प्रजनन दर का संबंध देश की जनसंख्या से होता है. घटती जनसंख्या किसी देश के लिए परेशानी का सबब बन सकती है. ज़ाहिर सी बात है, प्रजनन दर कम होने से देश में युवा आबादी कम और बूढों की संख्या बढ़ेगी. इससे पेंशन का खर्चा, स्वास्थ्य सेवाओं का खर्चा बढ़ेगा.
2020 में दक्षिण कोरिया में जन्म से ज़्यादा मौतें दर्ज की गई थी. प्रजनन दर में कमी का कारण क्या है?
जानकारों का कहना है कि इसका सबसे बड़ा कारण आर्थिक दबाव है. महंगाई लगातार बढ़ रही है. घरों की कीमतों और रोज़मर्रा के सामान भी महंगे हो रहे हैं. ऐसे में बच्चा आने से उनके ऊपर दबाव बढ़ता है. लोगों को अपने कैरियर की चिंता भी रहती है. इस वजह से वे बच्चा पैदा करने में झिझक दिखाते हैं.
पुतिन के गुरु की बेटी की हत्या के पीछे कौन था?






















