पिछले दिनों 'मजार' काफी चर्चा में थी. सिर्फ इसलिए कि औरतें मजार में नहीं जा सकती हैं. औरतों को वहां जाने से बचना चाहिए. वहां जाना गलत है. ऐसा है. वैसा है. अंधा भैंसा है... सुन सुन के कोफ़्त होती थी. फालतू की पाबंदियों पर. खैर उसे जाने दो. एक खबर अच्छी वाली सुनाते हैं. लेकिन खबर है पाकिस्तान से.
पाकिस्तान में एक मजार है. मजार-ए-काइद. काइद का मतलब लीडर. रहनुमा. जो पाकिस्तान के लिए मुहम्मद अली जिन्ना बने. इसलिए उनकी कब्र पर जो इमारत बनाई गई उसे मजार-ए-काइद कहा जाता है. और पाकिस्तानियों के लिए बहुत अहम है. वैसे ही जैसे इंडिया में राजघाट.
मज़ार-ए-काइद को शनिवार की रात गुलाबी लाइट से रंगीन कर दिया गया. वो भी लोगों को ब्रेस्ट कैंसर से अवेयर करने के लिए. वल्लाह, जहां मजारों पर जाने को लेकर औरतों पर पाबंदी लगायी जाती हो वहां उनके लिए मजार को गुलाबी करना तारीफ का काम तो है ही. डॉन न्यूज़ के मुताबिक पाकिस्तान में तकरीबन सालाना 40 हजार ब्रेस्ट कैंसर के मरीज सामने आते हैं. ये सिर्फ और सिर्फ इसलिए हैं क्योंकि औरतों को इस बारे में जानकारी नहीं होती. औरतें छोटा मोटा मर्ज़ समझकर उसे नजर अंदाज कर देती हैं. और पाकिस्तान का माशरा यानी सोसाइटी भी ऐसी है जहां ब्रेस्ट के बारे में खुलकर बात नहीं होती है. https://twitter.com/AndleebAbbas/status/789847785856262145?ref_src=twsrc%5Etfw औरतों को ब्रेस्ट कैंसर के बारे में जागरूक करने के लिए वहां पिंक रिबन मुहिम चल रही है. पिंक रिबन के चीफ एग्जीक्युटिव उमर आफताब का कहना है कि हर साल अक्टूबर को 'pinktober'मनाया जाता है. ताकि पाकिस्तानी ख्वातीन को ब्रेस्ट कैंसर से आगाह किया जा सके. ब्रेस्ट के बारें में यहां बात करना तो जैसे बहुत ही बुरी बात है. इस वजह से बहुत सी औरतों को तो इस बीमारी के बारे में पता ही नहीं चलता और मौत की कगार पर आ खड़ी होती हैं. मजार-ए-काइद को पिंक लाइट से नहला देना ये हमारे लिए बड़ी ही चीज है. हम छाती के कैंसर के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं उसमें इस मुक़द्दस इमारत को गुलाबी करने से छाती के कैंसर के बारे में लाखों पाकिस्तानियों में एक तगड़ा मैसेज पहुंचेगा. आफताब ने इस मौके पर पाकिस्तान में कैंसर के इलाज के लिए एक हॉस्पिटल खोले जाने का ऐलान किया. जिसमें गरीबों का मुफ्त इलाज किया जाएगा. उन्होंने लोगों से अपील की ज्यादा से ज्यादा इस काम में मदद करें. मजार-ए-काइद वो जगह है जहां लोगों ने अपनी सखावत का सबूत दिया था. और खूब पैसा दान किया था ताकि इमारत बन सके. उन्होंने कहा एक बार फिर उसी जगह खड़े हैं और पूरे मुल्क से गुजारिश करते हैं. हमारी ख्वातीन की जिंदगियां बचाने के लिए अपनी सखावत दिखाएं और दान करें.
इसपर ध्यान जरूर दें
स्तन या बांह के नीचे गांठ होना
स्तन से रस जैसे कुछ पदार्थ का निकलना
निपल्स का मुड़ जाना
स्तन में सूजन
स्तन के साइज़ में बदलाव
स्तन को दबाने पर दर्द न होना
ये वो सिम्पटम्स हैं, जिनको बिलकुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए. और हां इन बातों को जानके सिर्फ अपने तक ही नहीं रखना चाहिए बल्कि अपने आसपास भी लोगों को बताएं, ताकि किसी के काम आ जाएं. इंडिया में ब्रेस्ट कैंसर के 60 फीसदी मामले तीसरी और चौथी स्टेज में पता चलते हैं, इसलिए दो मिनट का टेस्ट करने के लिए टाइम निकालो. और इस मुसीबत को पास न आने दो.
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