मैप के मुताबिक घूमने-फिरने के लिए सबसे ज्यादा सेफ जगहें हैं- नॉर्वे, फ़िनलैंड, स्वीडन,स्विट्ज़रलैंड, स्लोवेनिया, आइसलैंड, मेक्सिको, कोलंबिया.इन देशों को दिखाने के लिए अलग-अलग रंगों का इस्तेमाल किया गया है. जो सबसे खतरनाक जगहें हैं उन्हें लाल रंग से दिखाया गया है. रिस्क लेवल को 'एक्सट्रीम', 'हाई', 'मीडियम', 'लो' में बांटा गया है. पाकिस्तान इनमें से एक है. पाकिस्तान के लिए इसमें कहा गया है 'यहां के विरोध प्रदर्शन बहुत हिंसक होते हैं और टूरिस्ट उनके शिकार बन सकते हैं. उनकी दिक्कत सिक्योरिटी, लॉ एंड ऑर्डर की वजह से भी बढ़ सकती है.
खैबर-पख्तून्खवा और बलूचिस्तान बॉर्डर से लगे क्षेत्र सबसे ज्यादा खतरे वाले हैं. इसके लिए सरकारी कंट्रोल, लॉ एंड ऑर्डर की कमी को जिम्मेदार बताया गया है. इसके अलावा यहां का ट्रांसपोर्ट सिस्टम भी दुरुस्त नहीं है. मैप में इन खतरों को मापने के लिए आतंकवाद, घुसपैठ,राजनैतिक-सामाजिक अस्थिरता, कम्युनल वायलेंस, अपराध को आधार बनाया गया है. इसके लिए और जिन चीजों को देखा गया उनमें है कि किसी देश में सिक्योरिटी और इमरजेंसी सर्विसेज की क्या हालत है. किसी नैचुरल डिजास्टर के आने पर देश के पास क्या व्यवस्था है. इससे पहले भी वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम की ट्रैवेल एंड टूरिज्म रिपोर्ट ने सबसे खतरनाक जगहों में पाकिस्तान को चौथे नंबर पर रखा था.
पाकिस्तान को 3.04 का स्कोर दिया गया था. फ़िनलैंड को 6.7 के स्कोर के साथ यूरोप का सबसे सुरक्षित देश बताया गया था. ये स्टोरी निशान्त ने की है.



















