पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद शुक्रवार, 6 फरवरी को आत्मघाती हमले से दहल गई. स्थानीय मीडिया में दावा किया गया है कि इस हमले में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई है और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है.
इस्लामाबाद की मस्जिद में धमाके से 31 की मौत, जुमे की नमाज के लिए इकट्ठा हुए थे लोग
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आत्मघाती हमले में 31 लोगों की मौत हो गई. हमला शिया मस्जिद के अंदर हुआ, जिस समय लोग जुमे की नमाज अदा करने के लिए जुटे थे. टाइम्स ऑफ इस्लामाबाद की रिपोर्ट के मुताबिक, 100 से ज्यादा लोग इस हमल में घायल हो गए.


ये हमला उस समय हुआ जब शिया मस्जिद में जुमे की नमाज के लिए भारी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे. इस्लामाबाद में ये हमला ऐसे समय में हुआ है, जब उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव दो दिन के लिए पाकिस्तान के दौरे पर आए हैं.
पाकिस्तान के अखबार 'द डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, विस्फोट तारलाई इलाके में इमामबारगाह खदीजा अल-कुबरा नाम की मस्जिद में हुआ. हमलावर को सुरक्षाकर्मियों ने गेट पर रोक लिया था, जिससे वह मस्जिद के मुख्य परिसर में नहीं जा पाया. उसने कथित तौर पर गेट पर ही विस्फोट कर दिया. धमाका इतने जोरदार था कि वहां मौजूद कुछ लोगों के चिथड़े उड़ गए. धमाके के बाद शिया मस्जिद के बाहर और भीतर के हालात बेहद भयावह दिखे.
द डॉन की रिपोर्ट में बताया गया है कि धमाके में कई लोगों को छर्रे लगे हैं. कम से कम 169 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
हालांकि, इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी पुलिस के प्रवक्ता ताकी जवाद ने बताया कि विस्फोट आत्मघाती था या नहीं ये कहना अभी बहुत जल्दबाजी होगी. फोरेंसिक टीमों को ये पता करने के लिए लगाया गया है कि हमला आत्मघाती था या मस्जिद में पहले से बम लगाया गया था.
इस्लामाबाद जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने कहा कि मौके को सुरक्षाकर्मियों ने पूरी तरह से सील कर दिया है. शहर में इमरजेंसी लगा दी गई है. आसपास के सभी अस्पतालों में घायलों के इलाज की निगरानी के लिए सहायक कमिश्नरों को नियुक्त किया गया है.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हमले पर दुख जताते हुए जान गंवाने वाले पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ अपराध है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी हमले की कड़ी निंदा की और हमले के पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई.
इससे पहले नवंबर 2025 में इस्लामाबाद में कोर्ट के बाहर आत्मघाती विस्फोट हुआ था. इस हमले में 12 लोग मारे गए थे और 30 से ज्यादा घायल हुए थे.
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