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यहां 5 दिन का वीकली ऑफ होता है

गर्मी आई. पानी सूखा. बिजली बननी कम हुई तो लिया गया ये भौंचक फैसला.

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वेनेजुएला के राष्ट्रपति शायद अपनी जनता से यही कह रहे हैं (Photo - Reuters से)
कैसा हो अगर पता लगे कि अब से ऑफिस सिर्फ दो दिन ही जाना है. अगर ये पढ़कर चेहरा चमकने की कगार पर है. तो हम समझ सकते है तुम्हारा ऑफिस वाला दर्द. लेकिन ज्यादा खुश न हो. ये खबर है वेनेजुएला की. साउथ अमेरिका में पड़ता है वेनेजुएला देश. यहां के प्रेजिडेंट निकोलस मदुरो ने हफ्ते में पांच दिन छुट्टी का आदेश जारी किया है.

मक्कार नहीं हैं वेनेजुएला के बाबू

ऐसा नहीं है कि वहां के सरकारी अमले वाले लोग बिलकुल ही काम करना नहीं चाहते. वजह ये है कि वेनेजुएला में पानी की भयानक किल्लत हो गई है. सूखा पड़ रखा है. बड़े-बड़े बांध तक सूख गए हैं. इसी के चलते बिजली भी कम बन पा रही है. दिन में चार-चार घंटे के कट चल रहे हैं. अब वो यूपी वाले तो हैं नहीं. जो आदत डाल लें. इसलिए हलकान हुए जा रहे हैं. और इसलिए सरकार ने मई महीने के लिए ये फैसला किया है. काले मेघा न आए तो जून में भी यही आदेश लागू रहेगी. अब आप कहेंगे कि सरकारी नौकरी आजकल मिलती ही कितनों को है. तो साहब. आंकड़ा ये है कि वेनेजुएला में दफ्तर जाने वाले लोगों में हर पांचवां सरकारी है. यानी 20 परसेंट लोग. यानी 28 लाख लोग. आदमी अब समझ नहीं पा रहा. खुश हो कि पंखा झले. एक धुकधुकी भी लगी है. कि ये जो छुट्टी बढ़ा दी गई है तो क्या तनख्वाह भी घटेगी. और मामला सिर्फ पानी बिजली का ही नहीं है. राजनीतिक पार्टियां भी एक दूसरे का मूड़ खोंटने में लगी हैं. खाने की चीजों और दवाइयों की कमी हो रखी है. पूरे देश में जीका वायरस फैला हुआ है. कच्चे तेल की कीमतें गिरने से आमदनी कम हो रखी है.

ये स्टोरी आदित्य नवोदित ने की है, आदित्य दी लल्लनटॉप के साथ इंटर्नशिप कर रहे हैं.

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