T-20 फॉरमेट के हिट होने के बाद बीच-बीच में कभी कभार ये भी खबरें आ जाती है कि कुछ लोग 10-10 ओवरों का भी मैच कराना चाहते हैं. तर्क होता है कि इस भागम-भाग वाले दौर में समय किसी के पास नहीं है. सब फटाफट क्रिकेट ही देखना चाहते हैं. लेकिन क्या आप यकीन करेंगे कि एक दौर ऐसा भी था जब क्रिकेट मैच काफी लंबा खिंचा करता था. एक वक्त तो ऐसी नौबत आ गई थी कि एक मैच 12 दिन तक खिंच गया था. इस पर विश्वास करना मुश्किल है मगर ये सच है और आज की तारीख का उस मैच से गहरा कनेक्शन है, क्योंकि आज ही के दिन यानी 3 मार्च 1939 को वो मैच शुरू हुआ था. ये मैच डरबन में साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच खेला गया था. 3 मार्च से शुरू होकर 14 मार्च तक वो चला था. इस मैच को इतिहास का सबसे लंबा मैच कहा जाता है. इसलिए इसे नाम दिया गया 'टाइमलेस टेस्ट मैच'.

12 दिन के इस मैच को टाइमलेस टेस्ट का नाम दिया गया. (फोटो:आईसीसी ट्विटर)
दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की सीरीज़ चल रही थी. सभी मैच दक्षिण अफ्रीका की धरती पर ही खेले गए थे. पांचवें मैच से पहले इंग्लैंड की टीम सीरीज़ में 1-0 से बढ़त बना चुकी थी. पांचवां मैच जब शुरू हुआ तो दोनों टीमों के बीच ये सहमति बनी कि जब तक इस मैच का फैसला नहीं निकल जाता, मैच खेलते रहेंगे. जिसके बाद ये मैच 12 दिनों तक चला जिसमें से 2 दिन खिलाड़ियों ने रेस्ट किया, और एक दिन का खेल बारिश की वजह से धुल गया. 43 घंटे 16 मिनट तक खेले गए इस मैच में 1981 रन बने, 5447 गेंदे फेंकी गईं. लेकिन अंत में ये मैच भी ड्रॉ पर ही खत्म हुआ. मगर ऐसा हुआ क्यों ?मैच जब शुरू हुआ तो दक्षिण अफ्रीका की टीम हावी थी. टॉस उन्होंने ही जीता था. पहले बैटिंग करते हुए उन्होंने 540 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया. जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 316 रन ही बना सकी. इस मैच में साउथ अफ्रीका के बॉलर डेल्टन ने 59 रन देकर 4 विकेट चटकाए थे. फर्स्ट इनिंग खत्म होने के बाद दक्षिण अफ्रीका की टीम इंग्लैंड पर 214 रनों की बढ़त हासिल कर चुकी थी.
दूसरी इनिंग्स में भी दक्षिण अफ्रीका ने शानदार बैटिंग की और 481 रनों का स्कोर खड़ा कर दिया. इस तरह पहली पारी और दूसरी पारी मिलाकर दक्षिण अफ्रीका की बढ़त 695 रन की हो गई. इंग्लैंड को लक्ष्य मिला 696 रन का. दूसरी पारी में इंग्लैंड ने शानदार वापसी की, 696 रनों के विशाल स्कोर का पीछा करने उतरी टीम ने 5 विकेट खोकर 654 रन बना लिए. इस पारी में इंग्लैंड के कप्तान हेमंड ने 140 रन और इडरिच ने 219 रनों की पारी खेली थी. मैच में इंग्लैंड को जीत के लिए बस 42 रन चाहिए थे. इंग्लैंड की टीम जीत सकती थी. लेकिन 12वें दिन बारिश की वजह से लंच के बाद का खेल नहीं हो पाया और अंपायर ने ड्रा करने की अपील कर दी.

इंग्लैंड के बल्लेबाज़ इडरिच शॉट खेलकर दौड़ते हुए
मैच 12वें दिन खत्म करने की वजह
कहने को तो ये मैच इंग्लैंड जीत सकती थी. 13वें दिन अगर इंग्लैंड बैटिंग करती तो ये मैच आराम से जीत सकती थी. लेकिन अंपायर की अपील के बाद दोनों टीम के कप्तान में मैच ड्रॉ पर खत्म करने की बात मान ली. वैसे इसके पीछे एक और वजह थी क्योंकि इंग्लैंड की टीम को 2 दिन ट्रेन से सफर करके डरबन से केपटाउन पहुंचना था. उसके बाद 17 तारीख की शिप पकड़कर वो अपने वतन वापिस लौटते. और वो किसी हाल में शिप को मिस नहीं करना चाहते थे. इसीलिए मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ और इंग्लैंड टीम 5 मैचों की सीरीज 1-0 से जीतकर अपने वतन वापिस लौट गई. कायदे से दर्शकों को उस शिप का शुक्रिया अदा करना चाहिए.

इंग्लैंड के खिलाड़ियों को इसी शिप को पकड़ने डरबन से केपटाउन ट्रेन के रास्ते पहुंचना था
इस मैच में साउथ अफ्रीका की टीम ने 1011 रन बनाए थे, दोनों टीमों की तरफ से 5 सेंचुरी लगी थी और इंग्लैंड के इडरिच ने एक डबल सेंचुरी भी मारी थी. वैसे बढ़िया है आज की तारीख में 5 ही दिन में ये काम खत्म हो जाता है. वरना लंबा खेलने के मामले में धुरंधर आज भी कम नहीं है.























