नोएडा में रहने वाले एक पति-पत्नी ने आत्महत्या कर ली. पति की मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद दोनों ने ये दुखद फैसला किया. दोनों की 3 साल पहले ही शादी हुई थी. पुलिस की जांच में पता लगा कि कुछ दिन पहले पति अरुण को गले में खराश हुई. पहले कुछ दिन उन्होंने नॉर्मल दिक्कत समझकर कुछ नहीं किया, लेकिन जब हालत बिगड़ी तो जांच कराई. जांच के बाद 25 अप्रैल को रिपोर्ट आई, जिसमें लास्ट स्टेज के कैंसर का पता लगा. रिपोर्ट को देखकर पति-पत्नी को गहरा सदमा लगा और दोनों ने 4 दिन बाद 29 अप्रैल को सेक्टर-22 में अपने किराये के मकान में ही जान दे दी.
मेडिकल रिपोर्ट में ऐसा क्या था, जिसे देखकर पति-पत्नी ने आत्महत्या कर ली
दोनों की 3 साल पहले ही शादी हुई थी.


आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक मामले की जांच कर रहे एडीसीपी रणविजय ने बताया,
'जांच में पता लगा कि कुछ दिन पहले अरुण के गले में खराश हुई थी. कई दिनों तक दिक्कत होने पर उन्होंने जांच कराई. उनके कई टेस्ट भी किए गए. 25 अप्रैल को अरुण रिपोर्ट लेकर आए, तो पता चला कि गले का कैंसर लास्ट स्टेज पर हैं. दोनों पति-पत्नी काफी दुखी हो गए. उनके दिमाग में कई बातें आने लगी. इन बातों को सोचकर वे डिप्रेशन में आ गए और सुसाइड करने का फैसला कर लिया. जिसके बाद पति-पत्नी ने शुक्रवार यानी 29 अप्रैल को घर में आत्महत्या कर ली.'
अरुण सेक्टर-62 में एक फैक्ट्री में इंजीनियर थे. वह नोएडा में आठ साल से रह रहे थे. तीन साल पहले उनकी शादी शशिकला से हुई. जिसके बाद से दोनों नोएडा के सेक्टर-22 में किराये के मकान में साथ रह रहे थे. 29 अप्रैल के बाद से ही अरुण के परिवारवाले कॉन्टैक्ट करने की कोशिश कर रहे थे. जब फोन नहीं उठा तो परिवारवालों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी. जिसके बाद पुलिस अरुण के घर पहुंची तो मामले का खुलासा हुआ. इसे लेकर एडीसीपी रणविजय ने बताया,
'अरुण के परिवार वालों ने हाल-चाल जानने के लिए फोन मिलाया था, लेकिन फोन नहीं उठा. इसके बाद उन्होंने कंपनी वालों को फोन किया तो पता लगा कि अरुण काम पर नहीं आए हैं. कई बार फोन मिलाने पर अरुण से बात नहीं हो सकी, तो मामले की सूचना पुलिस को दी गई. बताए गए पते पर जब पुलिस पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद मिला. दरवाजा खोलकर जब पुलिस अंदर पहुंची तो दोनों के शव मिले.
पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें पत्नी ने लिखा था, 'पति को गले का लास्ट स्टेज का कैंसर है जिसकी वजह से हम दोनों अपनी जान दे रहे हैं. अब हम जीना नहीं चाहते.'
एक जरूरी जानकारी. अगर आप कभी डिप्रेशन फील करें या आत्महत्या के विचार आएं, तो इन नंबरों पर जरूर फोन कर लें. बेहतर होगा कि आप अपने करीबी लोगों से भी इस बारे में बात करें.# आसरा हेल्पलाइन के नंबर 9820466276 पर कॉल करने पर फ़ौरन रिस्पॉन्स मिलता है.#सहाय हेल्पलाइन का नंबर है 080– 25497777. इस पर भी आपकी कॉल फ़ौरन ली जाएगी.#स्नेहा फाउंडेशन का नंबर 9566027776 है. यहां आप सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक कॉल कर सकते हैं.#फोर्टिस नेशनल हेल्पलाइन का नंबर 8376804102 है और आप यहां 24×7 कॉल कर सकते हैं.#वन लाइफ हेल्पलाइन का नंबर 7893078930 है. आपसे बात करने के लिए लोग 24×7 मौजूद हैं यहां.#रौशनी ट्रस्ट का नंबर 040-66202000 है और आप यहां सुबह 11 बजे से रात के नौ बजे तक कॉल कर सकते हैं.#मित्रम फाउंडेशन के नंबर 080-2572-2573 पर आप सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक कॉल कर सकते हैं.



















