उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार को नोएडा अथॉरिटी के CEO एम लोकेश को बर्खास्त कर दिया है. यह कार्रवाई नोएडा में एक 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद की गई है. इंजीनियर की कार घने कोहरे के बीच पानी से भरे एक गड्ढे में गिर गई थी, जिसमें डूबने से उनकी मौत हो गई.
नोएडा इंजीनियर मौत: यूपी सरकार ने इस बड़े अधिकारी को बर्खास्त किया, CM योगी ने जांच के आदेश दिए
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) के गठन का आदेश दिया था. उन्होंने SIT से पांच दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देने को कहा है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर मेरठ के मंडलायुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय SIT बनाई गई. इस टीम में मेरठ जोन के एडीजी और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता भी शामिल हैं.


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) के गठन का आदेश दिया था. उन्होंने SIT से पांच दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देने को कहा है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर मेरठ के मंडलायुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय SIT बनाई गई. इस टीम में मेरठ जोन के एडीजी और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता भी शामिल हैं.
यह हादसा 16 जनवरी की रात को हुआ. मृतक की पहचान युवराज मेहता के रूप में हुई है, जो गुरुग्राम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करते थे. वह नोएडा के टाटा यूरेका पार्क सोसायटी में रहते थे. देर रात काम से घर लौटते समय सेक्टर-150 के पास एक निर्माणाधीन इमारत के बेसमेंट के लिए खोदे गए करीब 30 फीट गहरे गड्ढे में उनकी कार गिर गई. बताया गया कि घना कोहरा होने के कारण विज़िबिलिटी बेहद कम थी और गड्ढे के आसपास कोई बैरिकेडिंग नहीं की गई थी.
पुलिस के मुताबिक, इस घटना की सूचना रात करीब 12:15 बजे मिली थी, लेकिन लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद अगली सुबह शव को बाहर निकाला जा सका. बचाव कार्य में फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें लगीं.
घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी, डिलीवरी एजेंट मोनिंदर ने आरोप लगाया कि बचाव कार्य में देरी हुई और अगर समय पर कार्रवाई होती तो युवराज की जान बचाई जा सकती थी. उसने कहा कि ठंड और गड्ढे में निकले लोहे के सरियों की वजह से बचावकर्मी पानी से भरे गड्ढे में उतरने से हिचक रहे थे.
मृतक के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने रविवार को नॉलेज पार्क थाने में एमजे विशटाउन प्लानर लिमिटेड और लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ FIR दर्ज की है. परिवार का आरोप है कि डेवलपर्स ने हादसे की आशंका के बावजूद वहां बैरिकेड, रिफ्लेक्टर जैसी बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की थी, जबकि इस इलाके को पहले से ही दुर्घटना संभावित बताया जा रहा था और स्थानीय निवासी इसकी शिकायत भी कर चुके थे.
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