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मुस्लिम लड़के के साथ बैठी हिंदू लड़की को मारने का हक BJP नेता को किसने दिया?

BJP के ही नेता योगी आदित्यनाथ की थू-थू कराने पर तुले हैं!

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BJP ने क्या अपने नेताओं को ये ही जिम्मेदारी दी है, कि वे प्रेमी जोड़ों के पीछे दौड़कर उनकी कुंडली खंगालें और गुंडागर्दी करें...
दुनिया में सब एक जैसे नहीं होते. कुछ के हिस्से प्रेम कहानियां आती हैं. कुछ के हिस्से प्रेम की लंका लगाने का काम आता है. मुझे उस इंसान के पैर छूने हैं, जो धर्म और जाति देखकर प्यार करता है. उनकी आरती उतारनी है, जो उदारता दिखाते हुए अपनी जात-बिरादरी में प्यार करने की सलाह देते हैं. ऐसे लोगों के लिए ये धरती बड़ी क्षुद्र है. पॉलिटिकल करेक्ट होने की मजबूरी है. वरना कह देती, ऐसे लोग धरती पर बोझ हैं. इन सबको पैक करके किसी और दुनिया में भेज देना चाहिए. बड़ा अझेल हो जाता है ये सब.


मार्च का महीना था. BJP उत्तर प्रदेश में जीती थी. 5 महीने के अंदर UP आदर्श प्रदेश बन गया है. क्राइम का नामोनिशान खत्म. अपराधियों का सूपड़ा साफ. पुलिस थाने में बैठकर मक्खियां मार रही है. वेतन जस्टिफाई करने के लिए मजबूरी में मोरल पुलिसिंग कर रही है. 'चोर-पुलिस' के खेल में खुद चोर भी बन जाती है. जितनी खाली पुलिस है, उतनी ही खाली BJP भी है शायद. राज्य विधानसभा में 312 सीटें जीत ही चुकी है. 2019 अभी दूर है. इसके नेता निरे खलिहर हो गए हैं. कुछ तो गुंडागर्दी करके 'टाइम पास' कर रहे हैं. इस बेकारी को समझना हो, तो अलीगढ़ की BJP महिला विंग की अध्यक्ष संगीता वार्ष्णेय की हरकतों को देखिए. उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें वो एक लड़की को खींच-खींचकर झापड़ लगा रही हैं. अपनी दो कौड़ी की गैरकानूनी हरकत का ठीकरा मुख्यमंत्री योगी के सिर भी फोड़ रही हैं.
क्या उत्तर प्रदेश की पुलिस इतनी खाली और बेकार है कि शांति से बैठकर बात करने वाले प्रेमियों की कुंडली खंगालती फिरे...
क्या उत्तर प्रदेश की पुलिस इतनी खाली और बेकार है कि शांति से बैठकर बात करने वाले प्रेमियों की कुंडली खंगालती फिरे!

अंधा क्या चाहे, दो आंखें: हिंदू लड़की, मुस्लिम लड़का वजह? लड़की हिंदू है. एक मुसलमान लड़के के साथ दुकान में 'पकड़ी' गई. दोनों कुर्सी पर बैठकर बात करने का गुनाह कर रहे थे. खबर मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाई. मौके पर पहुंचकर मुसलमान प्रेमी को 'रंगे हाथों' पकड़ा. उसे थाने ले गई. लड़की की 'अक्ल ठिकाने' लगाने का काम संगीता वार्ष्णेय को सौंपा गया. मंच पर अवॉर्ड लेने आया कलाकार जैसे किसी को शुक्रिया कहता है. ठीक उसी अंदाज में संगीता ने योगी आदित्यनाथ का नाम लिया. कहती हैं,
ये सब ऊपर से हो रहा है. हमारे योगी जी ने पूरी तरह से वो कर रखी है. कि अब तुम मिलकर तो देखो. हमारी हिंदू लड़कियों को मुसलमान देखें तो सही.
ऐसे मातहत हों, तो विपक्ष निकम्मा हो जाएगा. अपने ही लोग सरकार का बेड़ा गर्क कर देंगे. खुद ही सुन लीजिए क्या कह रही हैं वो:

एक कौड़ी की तमीज नहीं और बना दिया महिला विंग का अध्यक्ष वीडियो में संगीता वार्ष्णेय लड़की के साथ बहुत बदतमीजी से पेश आ रही हैं. उससे बेहूदे सवाल पूछ रही हैं. उसे हिंदू-मुस्लिम वाला टुच्चा ज्ञान दे रही हैं. फिर थप्पड़ भी मारती हैं. आखिर में प्रतिज्ञा भी कराती हैं कि लड़की फिर कभी उस लड़के से नहीं मिलेगी. किस हक से? BJP की महिला शाखा की अध्यक्ष की हैसियत से? किसने दिया उनको ये हक? कानून ने? संविधान ने? प्रदेश सरकार ने? एक मुस्लिम लड़के का हिंदू लड़की के साथ घूमना कब से अपराध हो गया? वो भी तब जब दोनों बालिग हैं.
क्या संगीता या कोई भी और इस बात की गारंटी दे सकता है कि फलां धर्म और फलां जाति का लड़का धोखेबाज नहीं होता...
क्या संगीता या कोई भी और इस बात की गारंटी दे सकता है कि फलां धर्म और फलां जाति का लड़का धोखेबाज नहीं होता...

साथ बैठने पर इतना हंगामा? शादी से पहले सेक्स कर लिया, तो नोंच ही खाएंगे इस देश में बिना शादी किए साथ रहना गैरकानूनी नहीं. गैर जाति-मजहब वाले के साथ शादी गुनाह नहीं. बालिग होने के बाद रजामंदी से किसी के साथ सेक्स करना गुनाह नहीं, भले ही शादी से पहले हो. बिना शादी के बच्चा पैदा करना गुनाह नहीं. संगीता तो संगीता, उत्तर प्रदेश पुलिस भी माशाअल्लाह निकली. लड़के को पकड़कर ले गई. किस अधिकार से? मीडिया खबरों के मुताबिक, संगीता वार्ष्णेय ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है. ये शिकायत लिखने वाले पुलिसवालों का दिमाग तो नहीं खराब हो गया? किस आधार पर शिकायत लिखेंगे? कि लड़का-लड़की साथ बैठे थे? कि लड़का मुसलमान था और लड़की हिंदू थी. बेमतलब उनकी ऐसी की तैसी कराई गई! लानत ये है कि थप्पड़ मारने वाली खुद पुलिस में शिकायत लिखवा रही है.
जिस देश में बिना शादी किए साथ रहने और बच्चा पैदा करने पर मनाही नहीं, वहां संगीता वार्ष्णेय जैसे लोग साथ दूसरी धर्म के लड़के के साथ बैठने पर इतना नीचता दिखाते हैं...
जिस देश में बिना शादी किए साथ रहने और बच्चा पैदा करने पर मनाही नहीं, वहां संगीता वार्ष्णेय जैसे लोग दूसरे धर्म के लड़के के साथ बैठने पर इतनी नीचता दिखाते हैं.

दूसरी टीम के लिए खेल रही है क्या UP पुलिस? वीडियो की शुरुआत में लड़का-लड़की परेशान लग रहे हैं. किसी दुकान में बैठे हैं. खुली सी जगह है. लड़का किसी को फोन मिला रहा है. लड़की मायूस खड़ी है. कई लोग उन्हें देखने आ रहे हैं. ऐसा लगता है कि कुछ पंगा हो चुका है. फिर पुलिस वहां पहुंचती है. वर्दी से लगता है सीनियर इंस्पेक्टर की रैंक का कोई पुलिसवाला है. पुलिस लड़के को बाहर बुलाती है. दुकान के बाहर खासी भीड़ जमा है. लोग साइकिल-बाइक रोककर मुफ्त का तमाशा देखने में लगे हैं.

नाम क्या है तुम्हारा? फैजान! क्यों आए थे लड़की के साथ? मैं तो भैया सामान लेने आया था. पकड़ लिया भैया ने. लड़की कौन है? फ्रेंड है.

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इस वाकये के कारण लड़की बेहद डरी हुई लग रही है. अगर उसके साथ या उसके बॉयफ्रेंड के साथ कुछ बुरा होता है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?
इस वाकये के कारण लड़की बेहद डरी हुई लग रही है. अगर उसके साथ या उसके बॉयफ्रेंड के साथ कुछ बुरा होता है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?

फिर दो पुलिसवाले फैजान को अपने साथ बाइक पर बैठाकर ले जाते हैं. लड़की अंदर सिर पर हाथ रखकर बैठी है. पीछे से कोई आवाज सवाल करती है. ये आवाज शायद हिंदू जागरण मंच के लोगों की है. जो इतने 'निकम्मे' हैं कि पिछले कई दिनों से इस जोड़े पर नजर रख रहे थे.

नाम क्या है आपका? आप यहां क्या कर रही थीं? घूम रही थी. किसके साथ? अपने बॉयफ्रेंड के साथ. क्या नाम है उसका? फैजान. रहने वाली कहां की हैं आप? कहां की रहने वाली हैं?

इस सवाल का कोई जवाब नहीं देती लड़की. फिर एंट्री होती है संगीता वार्ष्णेय की. किसी अथॉरिटी की तरह सवाल-जवाब करते हुए. जैसे लड़की की मां हों. इनके ही सीने पर सांप लोट रहा हो.

कहां से आई हो बेटा? किसके साथ आई हो? बॉयफ्रेंड के साथ. कौन है बॉयफ्रेंड? नाम क्या है? फैजान. तेरा नाम क्या है? पूजा. पापा-मम्मी कहां हैं? पापा ड्यूटी गए हैं. मम्मी घर पर है. नंबर है? मम्मी का फोन आ गया है. आ रही हैं. नंबर दियो मम्मी का.

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क्या पुलिस को कानून समझाना होगा? कैसे जाहिलों की भर्ती हो रही है जो इतना भी नहीं जानते कि मर्जी से साथ बात करने, मिलने या सेक्स करने पर कानून का डंडा नहीं चलता...
क्या पुलिस को कानून समझाना होगा? कैसे जाहिलों की भर्ती हो रही है जो इतना भी नहीं जानते कि मर्जी से साथ बात करने, मिलने या सेक्स करने पर कानून का डंडा नहीं चलता.

और फिर संगीता वार्ष्णेय के दिमाग में भरी गंदगी सामने आती है. वो कहती हैं,
मुसलमान कभी किसी का सगा हुआ है?
पीछे से संगीता जैसी सोच वाले पिट्ठू हां में हां मिलाते हैं. आवाज आती है, 'न हुआ है, न होगा.' संगीता गंदगी उगलने में व्यस्त हैं. लड़की से उसकी उम्र पूछती हैं. वो बताती है, 18 की हूं. फिर संगीता उससे परिचय पत्र 'कागज' मांगती हैं. ताकि पुष्टि हो सके कि बालिग है. हो सकता है कि पूजा का बालिग होना संगीता को न भाया हो. लड़की नाबालिग होती, तो मुसलमान प्रेमी को फंसाना आसान था. अजेंडा पूरा करने के काम आ सकता था. संगीता को सब जानना है. पूछती हैं:

ये लड़का कहां मिला था? शादी में. दीदी के. शादी में? मुसलमान लड़का बुलाया था शादी में? भाई को पता है तुम्हारे? भाई को पता चलेगा तो कितनी पिटाई लगाएगा तुम्हारी? मम्मी को पता लगेगा कि हिंदू लड़की मुसलमान के साथ जा रही है, तो कितनी पिटाई लगेगी तुम्हारी. कब से आ रही हो यहां पर तुम? कितने दिन हो गए यहां आते? कभी-कभार आती हूं. कितने साल हो गए उस लड़के से मिले हुए? ढाई साल. ढाई साल हो गए और घर में किसी को नहीं पता? हिंदू-मुसलमान का फर्क जानती हो?

संगीता की बातों से लगता है. उनको हिंदुओं और मुसलमानों का साथ घुलना-मिलना पसंद नहीं. कौन सामान्य इंसान यूं हिंदू शादी में मुसलमान के शरीक होने से हैरान हो जाता है? और एक बात है. अगर कल को किसी लड़की का भाई अपनी बहन की 'ऑनर किलिंग' करता है, तो संगीता जैसे लोग क्या कहेंगे? सही ठहराएंगे! जिस तरह वो पूजा को उसके भाई का डर दिखा रही हैं, उससे तो ये ही लगता है.
क्या योगी सरकार ने प्रदेश की पुलिस पर भी 'लव जिहाद' के प्रोपगेंडा का प्रचार-प्रसार करने की जिम्मेदारी डाल दी है...
क्या योगी सरकार ने प्रदेश की पुलिस पर भी 'लव जिहाद' के प्रोपेगेंडा का प्रचार-प्रसार करने की जिम्मेदारी डाल दी है?

फिर संगीता धमकी देती हैं. जाने किसके दम पर? आजाद मुल्क है कि तालिबान! ऐसी अंधेरनगरी कि दिन-दहाड़े गुंडागर्दी कर रही एक महिला पीड़िता को पुलिस का नाम लेकर धमका रही है.
तेरे को थाने लेकर जाएंगे. वो (फैजान) आएगा, तो उसकी तो टंगड़ी टूटेंगी. आ गई समझ में. हमेशा के लिए भूल जाएगा. और तेरी भी टूटेंगी संग में अगर तू नहीं मानेगी तो. अभी तो हम तुझे प्यार से समझा रहे हैं, यहीं. (पीछे से किसी की आवाज आती है- क्योंकि आप हमारी बच्ची हो)
संगीता पर दर्ज होनी चाहिए FIR, झापड़ कैसे मारा इसके बाद संगीता ने पूजा को कोसते हुए उसे तमाचे लगाए. चुपचाप मार खा गई. उसे अपने कानूनी अधिकारों की भी शायद समझ नहीं होगी. वैसे जहां पुलिस भी इतनी बेशर्मी से 'हिंदू अजेंडा' वाली मोरल पुलिसिंग करती हो, वहां पीड़ित को किस कानून पर भरोसा होगा!
मारेगी न कस-कस के. सब मालूम पड़ जाएगी. तुझे शर्म नहीं है? तू ज्यादा बड़ी हो गई? तेरे को इतनी समझ नहीं है कि कौन हिंदू है, कौन मुसलमान है? प्यार से समझा रहे हैं. समझ में ही नहीं आ रही कोई बात. ऊपर से हमारे सामने सीना तानकर और बोल रही है कि क्या कर लोगे?
फिर संगीता लड़की से करार करवाती हैं. फैजान से न मिलने का. राष्ट्रवाद भी अपनी एंट्री कराता है. पीछे से एक महिला की आवाज आती है: मालूम है, राष्ट्र की कितनी बदनामी होती है? मतलब हिंदू-मुसलमान के मिलने-जुलने से देश की बदनामी होती है! संगीता के मुंह से निकलने वाली 'ज्ञान गंगा' की बानगी देखिए:
कितनी बदनामी है. तू हिंदू है, सोच सबसे पहले. वो मुसलमान आज तक कभी किसी के सगे नहीं हुए. अब तेरा क्या होगा?
लड़की को प्रताड़ित करने और उसकी बेज्जती करने के लिए संगीता वार्ष्णेय के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए...
लड़की को प्रताड़ित करने और उसकी बेज्जती करने के लिए संगीता वार्ष्णेय के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.

और फिर संगीता ने कही सबसे काम की बात. योगी का नाम ले लिया. जो कहा, उसका सार ये ही था कि सब योगी करा रहे हैं.
ये ऊपर से ही सारी चल रही है. हमारे योगी जी ने पूरी तरह से वो कर रखी है. कि अब तुम मिलकर तो देखो. हमारी हिंदू लड़कियों को मुसलमान देखें तो सही. आंख उठाकर भी.
पीछे से एक महिला असल बात कहती है, 'इसीलिए ये बखेड़ा हुआ है.' हां में हां मिलाते हुए संगीता जोड़ती हैं:
कोई हिंदू लड़का होता, तो कोई तेरे से कुछ न कहता. समझ रही है. वो मुसलमान लड़का है, इसीलिए तुझे रोका.
अपने अजेंडे के लिए खेलते हैं 'हिंदू हिंदू - मुस्लिम मुस्लिम' पूजा को समझ आया या नहीं, पता नहीं. लेकिन हमें बराबर समझ आया. इस हिंदू-मुस्लिम अजेंडा को कैसे राजनीति के लिए भुनाया जा रहा है. कैसे धर्म और संस्कृति के नाम पर गैरकानूनी-गैरसंवैधानिक चीजों को शह दी जा रही है. पुलिस-प्रशासन भी गलत के साथ खड़े हो रहे हैं. खुलेआम बदतमीजी कर रही महिला मुंहजोरी कर रही है. पुलिस और मुख्यमंत्री का नाम ले रही है. कह रही है कि ऊपर (मुख्यमंत्री आवास?) से ही सारी प्लानिंग हो रही है. तो क्या संगीता जैसों को मोहरा समझा जाए? अगर पार्टी और सरकार संगीता पर ऐक्शन नहीं लेती है, तो संगीता की बात सच मान ली जाएगी.
संगीता वार्ष्णेय जैसे लोग हिंदुओं का भी नाम खराब करते हैं. खुद को हिंदुओं का झंडाबरदार बताने वाले ये लोग असल में अपनी घटिया हरकतों से पूरे समुदाय की किरकिरी कराते हैं...
संगीता वार्ष्णेय जैसे लोग हिंदुओं का भी नाम खराब करते हैं. खुद को हिंदुओं का झंडाबरदार बताने वाले ये लोग अपनी घटिया हरकतों से पूरे समुदाय की किरकिरी कराते हैं.

BJP खुलकर क्यों नहीं खेलती, मुंह में राम, बगल में छुरी नहीं चलेगी अगर संगीता जैसे लोग BJP का चेहरा बनेंगे, तो पार्टी को खुलकर खेलना चाहिए. अगर संगीता जैसों को शह देना है, तो साफ बताए. मुंह में राम और बगल में छुरी तो नहीं चलेगी. किस कौम में अच्छे लोग नहीं होते, किस कौम में बुरे लोग नहीं होते. उसका हिंदू मुसलमान से क्या लेना देना.
आमिर खान की PK याद है. उसमें गुरुजी थे. उन्होंने अनुष्का से कहा था कि मुसलमान धोखा देगा. फिल्म में कौन धोखेबाज होता है, आप जानते ही होंगे.


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