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निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर लगाया आरोप, कहा- ‘UPA शासन में ATM की तरह यूज होते थे बैंक’

Nirmala Sitharaman on Rahul Gandhi: राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था कि सरकार ने पब्लिक सेक्टर के बैंकों को, ताकतवर कारोबारी समूहों के लिए ‘निजी फाइनेंसर' के रूप में तब्दील कर दिया है. निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए उनके आरोपों को ‘बेबुनियाद’ और ‘तथ्यों से परे’ बताया.

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लोकसभा में निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद बताया ( फोटो साभार: इंडिया टुडे)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने लोकसभा में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के उन आरोपों को बेबुनियाद करार दिया. जिसमें राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि सरकार ने बैंकों को कारोबारी समूहों के लिए ‘निजी फाइनेंसर' के रूप में तब्दील कर दिया है. निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए उनके आरोपों को ‘बेबुनियाद’ और ‘तथ्यों से परे’ बताया. साथ ही उन्होंने पीएम मोदी के कामों की तारीफ करते हुए कहा कि भारत के पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) में पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शानदार सुधार हुए हैं.

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आजतक की खबर के मुताबिक, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बैंकिग क्षेत्र के एक डेलीगेशन से मुलाकात की थी. इस मुलाकात के बाद उन्होंने ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि पब्लिक सेक्टर के बैंकों को हर भारतीय को लोन उपलब्ध कराने के लिए डिज़ाइन किया गया था. लेकिन केंद्र सरकार ने पब्लिक सेक्टर के बैंकों को ताकतवर कारोबारी समूहों के लिए ‘निजी फाइनेंसर' के रूप में तब्दील कर दिया है.

‘UPA शासन में ATM की तरह यूज होते थे बैंक’

इन आरोपों का जवाब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार, 11 दिसंबर को लोकसभा में दिया. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा- 

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“क्या विपक्ष के नेता से मिलने वालों ने उन्हें नहीं बताया कि कांग्रेस के UPA शासन के दौर में कॉरपोरेट क्रेडिट के केंद्रीकरण और अंधाधुंध लोन के बंटवारे ने ही PSBs की सेहत बिगाड़ दी थी? तब पब्लिक सेक्टर के बैंकों को सत्ता में बैठे लोगों के ’खास मित्रों’ के लिए ‘ATM’ की तरह इस्तेमाल किया जाता था. UPA शासन के दौरान ही बैंक कर्मचारियों को डराकर, ‘फ़ोन बैंकिंग’ के ज़रिए अपने चहेतों को मनमाने लोन देने पर मजबूर किया जाता था. क्या विपक्ष के नेता से मिलने वालों ने उन्हें नहीं बताया कि हमारी सरकार ने 2015 में ‘एसेट क्वालिटी रिव्यू’ शुरू करके UPA सरकार की इसी ‘फ़ोन बैंकिंग’ की काली करतूतों को उजागर किया?”

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मोदी सरकार की तारीफ की

मोदी सरकार की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा- 

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“कांग्रेस को चाहिए कि वह विपक्ष के नेता राहुल गांधी को शासन और सुधारों की वास्तविक जानकारी देने का काम गंभीरता से ले. क्या विपक्ष के नेता से मिलने वालों ने उन्हें नहीं बताया कि 54 करोड़ जन धन खाते और 52 लाख करोड़ से अधिक बग़ैर गारंटी (Collateral-free) लोन, विभिन्न प्रमुख योजनाओं (PM MUDRA, स्टैंड-अप इंडिया, PM SVANidhi, PM Vishwakarma) के तहत मंज़ूर किए गए हैं? क्या विपक्ष के नेता से मिलने वालों ने उन्हें नहीं बताया कि पिछले 10 वर्षों में 10 लाख रुपये तक के ऋणों में 238% की वृद्धि हुई है.”

इसके अलावा उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया है. उन्होंने कहा कि राहुल का बयान मेहनती कर्मचारियों और साफ-सुथरी एवं मजबूत बैंकिंग प्रणाली से लाभ लेने वाले नागरिकों का अपमान है.

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