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सेक्शुअल वेलनेस कंपनी चलाने वाली महिला ने कराया कर्मचारियों का यौन शोषण

अमेरिका की सेक्शुअल वेलनेस कंपनी की पूर्व सीईओ निकोल डेडोन पर आरोप लगा था कि उन्होंने कंपनी के कर्मचारियों को अनुचित यौन संबंधों के लिए मजबूर किया. अब कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया है.

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निकोल डेडोन को कोर्ट ने यौन शोषण का दोषी ठहराया है (India Today)

अमेरिका की एक सेक्शुअल वेलनेस कंपनी वनटेस्ट (OneTest) की पूर्व सीईओ निकोल डेडोन को फेडरल कोर्ट ने अपने कर्मचारियों के शोषण का दोषी ठहराया है. डेडोन पर आरोप था कि उन्होंने अपनी कंपनी के कर्मचारियों से न सिर्फ कम मेहनताने पर जबरन काम (Forced Labor) करवाया बल्कि उन्हें गलत तरीके से अमीर ग्राहकों और निवेशकों के साथ यौन संबंध के लिए भी मजबूर किया. 

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अमेरिका के अटॉर्नी ऑफिस की वेबसाइट पर छपी प्रेस रिलीज के अनुसार, कोर्ट ने डेडोन के साथ उनकी सहकर्मी रेचल चेरविट्ज को भी दोषी ठहराया है. दोनों को सितंबर में सजा सुनाई जाएगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया है, उसमें उन्हें 20-20 साल की सजा हो सकती है. 

क्या है मामला?

निकोल डेडोन सेक्शुअल वेलनेस पर काम करने वाली अमेरिकी महिला हैं, जो अपने आपको बौद्ध धर्म से प्रभावित बताती हैं. साल 2004 में उन्होंने सैन फ्रांसिस्कों में वनटेस्ट नाम की कंपनी शुरू की थी. OneTaste दावा करती है कि वह लोगों को यौन शिक्षा और ‘ओर्गैज्मिक मेडिटेशन’ (Orgasmic Meditation) के जरिए मानसिक और भावनात्मक परेशानियों से उबरने में मदद करती है. इसके लिए कई हफ्तों तक चलने वाले महंगे रिट्रीट आयोजित किए जाते थे, जिनकी फीस लाखों में होती थी. 

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ऑर्गेज्मिक मेडिटेशन क्या है?

वनटेस्ट (OneTaste) खासतौर पर ऑर्गेज्मिक मेडिटेशन के लिए काफी चर्चा में आई, जिसे 'ओम-इंग' कहा जाता था. योगा जर्नल नाम की वेबसाइट में इसके बारे में बताया गया है कि ऑर्गेज्मिक मेडिटेशन में पुरुष पार्टनर महिलाओं के प्राइवेट पार्ट्स को छूकर 15 मिनट तक उन्हें उत्तेजित करते हैं. हालांकि, इसका मकसद ऑर्गेजम नहीं है बल्कि ‘गहन ध्यान की अवस्था’ में उतरना है. 

सैन फ्रांसिस्को (San Francisco) में शुरू हुई ये कंपनी लॉस एंजिल्स (Los Angeles), न्यूयॉर्क और लंदन जैसे बड़े शहरों में भी फैली. साल 2018 में Bloomberg की एक रिपोर्ट में कंपनी के पूर्व कर्मचारियों ने आरोप लगाए कि उनके साथ मानसिक, आर्थिक और यौन शोषण हुआ है, जिसके बाद 2023 में अमेरिकी सरकार ने इसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए. 

ट्रायल में वकील ने क्या बताया?
ट्रायल के दौरान सरकारी वकीलों ने कोर्ट को बताया कि पीड़ित कर्मचारियों को मजबूर किया जाता था कि वे कंपनी के लिए बहुत कम या बिना सैलरी के काम करें. गवाहों में कई महिलाएं थीं, जिन्होंने बताया कि उनका ‘ब्रेनवॉश’ कर दिया गया था और डराया गया था कि अगर उन्होंने विरोध किया तो उन्हें ग्रुप से निकाल दिया जाएगा. कुछ महिलाओं ने यह भी कहा कि कंपनी के कुछ मुख्य निवेशकों को हैंडलर्स दी जाती थीं, जिनसे सालों तक यौन संबंध बनाए जाते थे. 

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हालांकि, बचाव पक्ष के वकीलों के पूछताछ करने पर महिलाओं ने स्वीकार किया कि उन्होंने कंपनी के दिए असाइनमेंट से इनकार नहीं किया था. उन्होंने डेडोन या चेरविट्ज़ के सामने विरोध भी नहीं जताया. कर्मचारियों ने यह भी कहा कि उन्हें वनटेस्ट में रहने के लिए मजबूर नहीं किया गया था और सभी ने बाद में कंपनी छोड़ दी.

डेडोन के वकील ने क्या कहा?
डेडोन की वकील जेनिफर बोनजेन ने कोर्ट से कहा कि ये ऐसी महिलाएं थीं जिन्हें अपने दिमाग और शरीर पर पूरी तरह से स्वायत्तता हासिल थी. उन्होंने ये भी कहा कि जब महिलाएं वनटेस्ट में थीं तो वे बहुत मज़े कर रही थीं लेकिन एक दशक बाद वे इसके लिए दूसरों को दोष देना चाहती हैं. 

हालांकि, बचाव पक्ष की दलीलें एक दिन भी नहीं चलीं. उनके पास सिर्फ एक गवाह था. यहां तक कि डेडोन ने खुद गवाही नहीं दी, जबकि उन्होंने एलान किया था कि वह कोर्ट में गवाही देने जाएंगी.

कोर्ट का फैसला

अमेरिका के ब्रुकलिन की संघीय अदालत में ये मामला चल रहा था. 5 हफ्ते की सुनवाई के बाद जूरी ने फैसला देते हुए निकोल डेडोन और उनकी साथी रेचल चेरविट्ज को दोषी करार दे दिया है. अब सजा का एलान होना बाकी है.

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