गुजरात का अहमदाबाद शहर. यहां नगर निगम ने 15 नवंबर 2021 को सड़कों के किनारे नॉनवेज की बिक्री पर बैन लगा दिया था. देखते ही कई और शहरों में भी ऐसे ही फरमान जारी कर दिए गए. गुजरात की देखा-देखी दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड के भी कुछ इलाकों में नॉनवेज की बिक्री पर रोक लगाने के आदेश दे दिए गए. ऐसे वीडियो भी सामने आए जिनमें कुछ लोग नॉनवेज की दुकानें हटाने के लिए दुकान मालिकों को धमकाते दिखे. लेकिन ये तमाम सरकारी और जबरन टाइप की कोशिशएं धरी की धरी रह गईं.
NFHS में सामने आया भारत का नॉनवेज सच, शाकाहार वाले दिल थामकर पढ़ें!
नॉनवेज खाने वालों की संख्या इतनी बड़ी है कि किसी को भी हैरत में डाल सकती है.


हाल ही में नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-5) के आंकड़े आए हैं जिसके बाद ये सवाल उठ रहा है कि क्या नॉनवेज पर जबरन रोक लगाना सही कदम है. ऐसा इसलिए क्योंकि NFHS के आंकड़े बताते हैं कि देश की बहुत बड़ी आबादी को नॉनवेज खाना पसंद है. ये संख्या इतनी बड़ी है कि किसी को भी हैरत में डाल सकती है. NFHS-5 के सर्वे में ये बात भी सामने आई है कि भारत में नॉनवेज खाने वालों की भीड़ लगातार बढ़ती ही जा रही है.
कितने लोग नॉनवेज खाते हैं?नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) 2019-2021 के बीच किया गया. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक NFHS-5 के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले 6 सालों में देश में चिकन, मछली और दूसरी तरह के मांसाहार खाने वाले पुरुषों की संख्या में 5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. वहीं ऐसी महिलाओं की संख्या में 0.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
सर्वे के मुताबिक 15 से 49 साल की उम्र के 83.4 फीसदी पुरुष और 70.6 प्रतिशत महिलाएं नॉन-वेज खाना खाती हैं, जबकि 6 साल पहले ऐसे पुरुषों की संख्या 78.4 फीसदी और महिलाओं की 70 फीसदी थी.
इसे इस तरह से भी कह सकते हैं कि इस आयु वर्ग के केवल 16.6 पर्सेंट पुरुष ही नॉनवेज नहीं खाते, महिलाओं में ये प्रतिशत 29.4 है.
हफ्ते में एक बार मांस खाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ीNHFS-5 के आंकड़ों के मुताबिक सप्ताह में एक बार मांस खाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है. सर्वे के तहत 15 से 49 साल की उम्र के 57.3 फीसदी पुरुष और 45.1 फीसदी महिलाओं ने हफ्ते में एक बार नॉनवेज खाने की बात स्वीकार की. जबकि साल 2015-16 के सर्वे के मुताबिक 48.9 प्रतिशत पुरुष और 42.8 प्रतिशत महिलाएं हफ्ते में एक बार नॉन-वेज खाती थीं.
NHFS के मुताबिक चिकन और मछली खाने वालों के मुकाबले अंडा खाने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है. 2019-21 के सर्वे के दौरान 84.07 प्रतिशत पुरुषों ने दैनिक, साप्ताहिक या कभी-कभी अंडे खाने की बात कही. ऐसे पुरुषों की संख्या 2015-16 में 80.3 फीसदी थी. वहीं महिलाओं की संख्या 70.8 फीसदी से बढ़कर 72 फीसदी तक पहुंच गई है.
बता दें, NFHS-5 सर्वेक्षण 17 जून, 2019 और 30 अप्रैल, 2021 के बीच दो फेज में हुआ था. इसमें 29 राज्यों और सात केंद्र शासित प्रदेशों के 707 जिले शामिल थे. सर्वे के आंकड़ों से तो साबित होता है कि देश में नॉनवेज खाने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है. ये तथ्य दिसंबर 2021 की एक खबर की याद दिलाता है. तब गुजरात के कई शहरों में जबरन नॉनवेज बैन किए जाने पर हाई कोर्ट ने कहा था, 'मुझे क्या खाना है ये आप कैसे तय कर सकते हैं? आपको मांसाहार पसंद नहीं है तो ये आपका दृष्टिकोण है. लेकिन आप किसी व्यक्ति को उसकी पसंद का खाना लेने से कैसे रोक सकते हैं. आप ये नहीं कर सकते.'
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