आजतक संवाददाता के अनुसार, इस प्रदर्शन की वजह के गाजियाबाद में मेरठ तिराहे से मुरादनगर तक गाड़ियों की कतारें लग गईं. कई किलोमीटर लंबे जाम के कारण सड़क पर निकले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इसके बाद रूट डायवर्जन किया गया. राजनगर एक्सटेंशन से मुरादनगर की तरफ जाने वाले वाहनों पर पाबंदी लगा दी गई. गाजियाबाद-मेरठ रोड पर दो जगह प्रदर्शन मुरादनगर श्मशान घाट में हुए हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों ने मुरादनगर में दो जगहों पर जाम लगाया. एक जगह 4 शव रखकर प्रदर्शन किया गया. दूसरी जगह 3 शव सड़क पर रखकर परिजनों ने विरोध जताया. इन लोगों की मांगों में 15 लाख रुपये की मदद, एक सरकारी नौकरी देना भी शामिल है. जाम लगने के बाद प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. एक बार परिजनों को समझा-बुझाने में कामयाबी मिली. लेकिन कुछ ही देर बाद फिर से जाम लगा दिया गया. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है.

मृतकों के परिजन मुआवजे के अलावा सरकारी नौकरी की मांग भी कर रहे हैं.
रविवार सुबह हुआ था हादसा मुरादनगर में श्मशान घाट पर रविवार सुबह ये हादसा उस वक्त हुआ, जब दिल्ली-NCR में बारिश हो रही थी. पुलिस का कहना है कि मुरादनगर के उखलारसी गांव के रहने वाले जयराम (70) की मृत्यु हो गई थी. उनके परिजन, सगे संबंधी और जानने वाले दाह संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे थे. बारिश के कारण ज्यादातर लोग श्मशान घाट में बने 70 फीट लंबे कॉरिडोर में खड़े थे. अंतिम संस्कार के बाद इसी जगह दो मिनट का मौन रखा गया. उसी दौरान शेड की छत भरभरा कर गिर गई. करीब 40 लोग मलबे में दब गए. NDRF की टीम ने करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद लोगों को निकाला. अभी तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है. 3 अधिकारी पुलिस ने गिरफ्तार किए मुरादनगर श्मशान घाट पर हादसे के मामले में पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. ये तीनों ही उस शेड को बनाने के जिम्मेदार माने जा रहे हैं, जिसके गिरने से 24 लोगों की मौत हो गई. इस मामले में गैर इरादतन हत्या, सरकारी कर्मचारी द्वारा विश्वास तोड़ने, किसी को चोट पहुंचाने की नीयत से काम करने आदि की धाराओं में केस दर्ज किया गया है. जिन्हें गिरफ्तार किया गया है, उनमें ईओ निहारिका सिंह, जूनियर इंजीनियर चन्दपाल और सुपरवाइजर आशीष शामिल हैं. कॉन्ट्रैक्टर अभी फरार है.





















