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इस बिरयानी वाले के साथ जो हुआ, वो जानकर पीएम मोदी खुश भी होंगे तो दुखी भी हो जाएंगे

वायरल फेसबुक पोस्ट से बाहर आई कहानी.

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अक्षय कभी 5 स्टार होटल में शेफ थे. लॉकडाउन में नौकरी गई तो अपना खुद को स्टॉल लगा लिया. (फोटो - बीइंग मालवणी)
कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन की वजह से देशभर में बहुतों की नौकरी चली गयी. इनमें से कुछ दूसरी नौकरी पाने में सफल हुए, तो काफी लोग अब भी बेरोज़गारी की मार झेल रहे हैं. कुछ लोग मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत अभियान पर कदमताल करने लगे. जितना उनके पास था, उसे लगाकर अपना कुछ भी छोटा-मोटा बिज़नेस शुरू कर लिया. ऐसे ही निकले अक्षय पारकर. पहले मुंबई के 5 स्टार होटल में शेफ थे. नौकरी गई तो सड़क किनारे बिरयानी का स्टॉल लगा लिया. क्या है उनकी कहानी, आइये बताते हैं.

मुंबई के 5 स्टार होटल के शेफ की कहानी

अक्षय पारकर होटल मैनेजमेंट वगैरह की पढ़ाई करके 8 साल से मुंबई के आलीशान होटलों में शेफ का काम कर रहे थे. बढ़िया जिंदगी जी रहे थे. ताज ग्रुप के होटलों पर भी काम किया था. क्रूज़ शिप पर भी अपनी सेवाएं दे चुके थे. महीने की आमदनी करीब 74 हज़ार रूपये के आसपास थी. अपना खर्चा निकालने के बाद तनख्वाह से अपने माता-पिता के लिए भी पैसे जोड़ लेते थे. हाल ही में अक्षय की मां के घुटनों का ऑपरेशन भी हुआ था. लेकिन अचानक उनके जीवन का कोरोना चैप्टर शुरू हुआ, और सब ठप्प. लॉकडाउन में नौकरी चली गयी. कुछ दिनों तक घर पर बैठकर अपनी सेविंग्स से गुज़ारा किया. लेकिन जब अकाउंट में बस 20,000 रूपये रह गए, तो अक्षय को लगा कि अगर अब कुछ नहीं किया तो हालत बद से बदतर हो जायेगी. अक्षय ने आपदा में अवसर देखा. करीब 10,000 रूपये के इन्वेस्टमेंट से सड़क किनारे एक बिरयानी की स्टॉल खोली. और 5 स्टार होटलों में मिलने वाली बिरयानी का स्वाद सड़क पर बेचने लगे. अक्षय पारकर ने मुंबई के दादर इलाके में शिवजी मंदिर के सामने पारकर बिरयानी हाउस नाम से स्टॉल खोली. हर दिन करीब 5 किलो बिरयानी बनाकर बेचने से काम शुरू किया. जल्दी ही अक्षय की बिरयानी सुगंध कस्टमर्स को खींचने लगी, और दुकान चल पड़ी. जल्दी ही 5 किलो का टारगेट 7 किलो बिरयानी प्रतिदिन में बदल गया.

फेसबुक पोस्ट से मिली लोकप्रियता

अक्षय के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि अपनी दुकान का प्रचार कर सकें. लेकिन तभी मुंबई के ही एक फेसबुक पेज बीइंग मालवणी ने मराठी में अक्षय की स्टोरी सोशल मीडिया पर चलाई. ये पोस्ट काफी वायरल हुई. लोगों को अक्षय के स्टॉल के बारे लोगों को पता चला.
आयुष्य तुम्हाला एक संधी देते आता त्या संधीचे कसे सोन्यात रुपांतर करायचे हे तुमच्यावर असते ह्या लॉकडाऊन च्या आधी मुंबईतील... Posted by Being मालवणी on Tuesday, November 17, 2020
अक्षय की स्टोरी वायरल होने के बाद उनके स्टॉल पर आने वाले लोगों को तादाद बढ़ गई. इसके बाद अक्षय का खुद पर भरोसा भी बढ़ गया. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अब लॉकडाउन खुलने के बाद भी उनका अपनी पुरानी जॉब में वापस लौटने का कोई इरादा नहीं है.

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