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आतंकी को कार से खींचकर निकालने वाले मुदासिर को शौर्य चक्र सम्मान, जानते हैं कितने आतंकी मारे थे?

मुदासिर के नाम पर बारामूला में बिंदास चौक बनाया गया है.

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मुदासिर अहमद शेख (फोटो- आज तक)

74वें गणतंत्र दिवस (Republic day) की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने वीरता पुरस्कारों (Gallantry Awards) का ऐलान किया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीरता पुरस्कार के लिए 412 जवानों के नामों को मंजूरी दी. इनमें 6 जवानों को कीर्ति चक्र और 15 को शौर्य चक्र दिया जाएगा. इनमें एक नाम बहुत खास है. जम्मू कश्मीर पुलिस के पूर्व कॉन्स्टेबल मुदासिर अहमद शेख का. ‘बिंदास’ नाम से जाने जाते थे. पिछले साल आतंकियों के साथ एनकाउंटर में मुदासिर की मौत हुई थी. सरकार ने मरणोपरांत उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित करने की घोषणा की है.

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आतंकियों की कार पर झपट पड़े थे मुदासिर

आज तक से जुड़े प्रभंजन भदौरिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मुदासिर पिछले साल 25 मई को आतंकियों से लड़ते वक्त शहीद हो गए थे. इस एनकाउंटर में तीन आतंकी भी मारे गए थे. दरअसल, जम्मू कश्मीर के बारामुला इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. इसके बाद बारामूला में सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चलाया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक आतंकियों के निशाने पर अमरनाथ जाने वाले यात्री थे. इसी ऑपरेशन के दौरान मुदासिर अहमद शेख ने आतंकियों की गाड़ी को पहचान लिया था. सुरक्षाबलों से घिरने के बाद आतंकियों ने उन पर फायर कर दिया.

आतंकियों की ओर से फायरिंग होने पर मुदासिर उनके वाहन की ओर झपटे और एक आतंकी को कार से बाहर खींच लिया. इसके बाद बाकी आतंकियों ने उन पर लगातार फायरिंग करनी शुरू कर दी. फायरिंग में मुदासिर गंभीर रूप से घायल हो गए. घायल होने के बावजूद मुदासिर आतंकियों से मुकाबला करते रहे और उन्होंने क्रॉस फायरिंग भी की.

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मुदासिर के नाम पर चौक

गंभीर रूप से घायल होने के कारण मुदासिर शहीद हो गए. लेकिन इस ऑपरेशन में मुदासिर ने तीन आतंकियों को भी मार गिराया. इसी बहादुरी के लिए मुदासिर को शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाना है. शहीद होने पर उनके पिता मकसूद अहमद ने कहा था कि मुदासिर की कुर्बानी से हजारों लोगों की जान बच गई. पिता ने कहा कि हमें और हमारी बिरादरी को फक्र है कि मुदासिर ने लड़ते-लड़ते जान दी. और देश के लिए वीरगति हासिल की.

मुदासिर अहमद शेख को अपने इलाके में ‘बिंदास’ नाम से जाना जाता था. उनकी याद में बारामूला में बिंदास चौक की स्थापना की गई है. इस चौक का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने किया था. 

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