मोरबी पुल हादसे के बाद अब तक 135 मौतों की पुष्टि हो चुकी है. घटना में 40 से ज़्यादा बच्चों की जान चली गई. 100 से ज़्यादा अस्पताल में भर्ती हैं. कुछ लापता भी हैं. इस सबके बीच कई दुखद कहानियां सामने आ रही हैं. ऐसी ही एक कहानी है सुरेंद्रनगर की एक महिला जिनलबेन की, जिसके सामने ही उसके पति और भाई की मौत हो गई.
मोरबी पुल हादसा: महिला ने बताया- "आंखों के सामने भाई और पति दोनों डूब गए"
भाई की शादी छह महीने पहले हुई थी. बहन से मिलने आया था.


आजतक के साजिद बेलिम की रिपोर्ट के मुताबिक़, मृतक युवक का नाम आनंदभाई मनसुखभाई सिंधव है. वो सुरेंद्रनगर वढवान रोड के शक्तिनगर इलाक़े के रहने वाले थे. छह महीने पहले उनकी शादी हुई थी. आनंदभाई की बहन मोरबी में रहती हैं. आनंदभाई और उनकी पत्नी मोरबी बहन से मिलने गए थे. 30 अक्टूबर की शाम को वो पहले मोरबी मणि मंदिर गए. फिर झूलते ब्रिज चले गए. सभी ब्रिज पर जा रहे थे, लेकिन आनंदभाई का भांजा झूले पर जाने से डर गया. इस वजह से आनंदभाई की बहन और उनकी पत्नी भांजे के साथ नीचे ही रुक गए. आनंदभाई और उनके बहनोई राहुलभाई वाघेला पुल पर चले गए. और फिर.. पुल ढह गया.
मृतक की पत्नी जिनलबेन आनंदभाई सिंधव ने बताया,
"मैं अपने पति, भैया और भाभी के साथ झूलता पुल देखने गई थी. बहुत भीड़ थी, तो अगले गेट पर टिकट नहीं मिला. इसलिए हम पिछले गेट पर गए. वहां मेरे पति ने टिकट लिया. फिर हम चारों और मेरा छह महीने का बच्चा पुल पर गए. पुल हिल रहा था, तभी बच्चा रोने लगा. मैं और मेरी भाभी भी डर गए. मेरी भाभी बाहर आ गई. मेरे पति ने कहा, 'हम आते हैं'. पुल हमारी नज़रों के सामने टूटा. मेरे पति और जीजा नज़र के सामने पानी में बह गए."
जिनलबेन और निरुपमाबेन, दोनों ने अपने पतियों को पानी में डूबते देखा. उन्होंने तुरंत सुरेंद्रनगर में अपने परिवार के सदस्यों को पुल गिरने की सूचना दी. परिवार के सदस्य सुरेंद्रनगर से मोरबी पहुंचे, जहां आनंदभाई और राहुलभाई के शव मिले. एक ही परिवार के दो युवकों की मौत.
परिवार वालों ने मांग की है कि हादसे के दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए.
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