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इंडिया ने चीन से बदला लेने को निकाला ये तरीका

चीन UN में मसूद अजहर को आतंकी मानने से इंकार कर दिहिस था. अब इंडिया ने उस आदमी को इनवाइट किया है जिसको उसने टेररिस्ट मान रखा है. लगै मिर्ची.

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फोटो - thelallantop
बीते मार्च का आखिरी दिन और UN में उस दिन का तमाशा याद है? जब यूनाइटेड नेशंस की मीटिंग में चीन अपनी औकात दिखाइस था. हुआ ये था कि इंडिया ने पाकिस्तान के मसूद अजहर को आतंकी डिक्लेयर करने पर बिड लगाई थी. ये वहां से जैश ए मोहम्मद नाम का टेररिस्ट ग्रुप चलाता है. पठानकोट अटैक में इसी का हाथ था. तो उस केस में भांजी मार दी थी चीन ने. उसने भारत के खिलाफ वोट किया था. अब चीन की लंका लगा दी है इंडिया ने. काम ऐसा किया है. आज चीन की मीडिया में ये खबर आ रही है. कि वर्ल्ड वीगर कॉन्ग्रेस के लीडर डॉल्कन को इंडिया ने अपने यहां आने की परमीशन दी है. घणी मूरखता का काम किया है. इससे आतंकवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई को झटका लगेगा. काहे कि डॉल्कन चीन पुलिस और इंटरपोल के मुताबिक रेड कॉर्नर्ड टेररिस्ट है. सारे देशों को इसका संज्ञान लेकर न्याय करना चाहिए. चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री के प्रवक्ता हैं 'हुआ चुनयिंग.' उनसे न्यूज एजेंसी पीटीआई ने World Uyghur Congress की रिपोर्ट के बारे में पूछा. और डॉल्कन की अगले महीने दलाई लामा से होने वाली मीटिंग के बारे में भी. तो वो बोले "सिचुएशन क्या है इसकी पूरी जानकारी तो नहीं है. मैं ये कहना चाहता हूं कि डॉल्कन इंटरपोल द्वारा घोषित आतंकी है. अगर उसको बुलाया जा रहा है तो संबंधित कंट्री इसका इंसाफ करें."

कौन है डॉल्कन

डॉल्कन इसा वीगर एक्टिविस्ट है. शीनज़ियांग क्षेत्र, जो नॉर्थ वेस्ट चाइना में है. वहां के टर्की मूल के मुसलमानों की लड़ाई लड़ रहा है ये आदमी. 1997 में चीन छोड़ चुका है. चीन की गवरमेंट ने उसे तंग कर दिया था इस वजह से. फिलहाल जर्मनी की सिटिजनशिप ले रखी है. 2008 में बीजिंग में ओलंपिक होने वाला था. उसका बायकाट कर दिया था भाईसाब. ईस्ट टर्किस्तान और तिब्बत को मुक्त करने की मांग के साथ. न जाने कितने ग्रुप का मेंबर है. कौन से कांड किये हैं. लेकिन चीन वालों के लिए वो टेररिस्ट है. उनके लिए ये टेररिस्ट है. मसूद अजहर नहीं है. उसको बुलाएं. आइसक्रीम खिलाएं. ठंडा बंटा पिलाएं. आम पना पेश करें. लेकिन वह इंडिया का अपराधी है. उसके मुकाबले तो डॉल्कन के पाप कुछ हैं ही नहीं.

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