टेक्सास, अमेरिका की एक महिला हैं मैरी लोउ ब्रूनर. स्कूल में टीचर थीं. अब रिटायर हो चुकी हैं. टेक्सास स्टेट बोर्ड ऑफ़ एजुकेशन के काउंसिल में सदस्य पद के चुनाव के लिए खड़ी हुई थीं. शुरूआती दौर में ही हार गई. लेकिन ये कोई बड़ी खबर नहीं है. आए दिन चुनाव होते हैं. आए दिन लोग जीतते-हारते रहते हैं.
लेकिन जिस वजह से वो हारी हैं वो बहुत ही अजीब हैं. फेसबुक पर काफी समय से वो ऊटपटांग से स्टेटस डालती रही हैं. ऐसे-ऐसे कमेंट्स करती रहीं जिनकी वजह से उनके वोटर भी उनके खिलाफ हो गए थे.
एक के बाद एक कंट्रोवर्सी से भरे स्टेटस लिखती रहीं है फेसबुक पर:
1. बराक ओबामा गे प्रौस्टिट्युट हैं
मैरी के हिसाब से ओबामा ने अपनी जवानी प्रौस्टिट्यूशन में बिताई है."ओबामा को समलैंगिकों से इतना ज्यादा लगाव इसलिए है क्योंकि वो खुद कई सालों तक गे प्रौस्टिट्युट रहे हैं. इससे जो पैसा उनको मिलता था, ओबामा उसका यूज़ ड्रग्स खरीदने के लिए करते थे. ओबामा हर उस चीज़ का विरोध करते हैं जिसका समर्थन ईसाई करते हैं. हो सकता है वो बेवफाई में भी यकीन रखते हों और अपनी पत्नी को धोखा दे रहे हों."

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2. डायनासोरों को नोआ की नाव ने मारा
बाइबिल में नोआ की नाव (Noah's Ark) की कहानी है."नोआ, आदम के ही परिवार का दसवीं जनरेशन का आदमी था. एक रात भगवान ने उसके सपने में आकर कहा कि प्रलय आने वाला है. हर तरफ पानी ही पानी होगा. अगर इस दुनिया को बचाना है तो एक नाव बनाओ. बहुत बड़ी सी. उस नाव में अपनी पत्नी को बिठाओ. अपने तीनों बेटों और उनकी पत्नियों को भी बिठाओ. साथ में इस धरती पर जानवरों की जितनी भी प्रजाति है सबकी 7-7 जोड़ियां अपनी नाव में ले कर बाढ़ आने से पहले किसी सेफ जगह चले जाओ.
नोआ से वही किया. 150 दिनों तक लगातार बारिश होती रही. हर तरफ पानी भर गया था. लेकिन नोआ का परिवार और सारे जानवर उस नाव में सेफ थे. नाव चलने से 70वें दिन नाव जा कर अरारात नाम के पहाड़ (तुर्की में) से टिक गया. करीब 73 दिनों बाद पानी बरसना बंद हुआ और 90 दिनों बाद ज़मीन सूखने लग गयी. जब पूरी ज़मीन सूख गयी, सारे जानवर और नोआ का परिवार बाहर आ गए. अरारात पहाड़ पर ही बस गए और नयी ज़िन्दगी शुरू की."
"जिन जानवरों को नोआ ले कर गया था उनमें डायनासोर नहीं थे क्योंकि नोआ ने अपनी नाव करीब 2000 BC (ईसा पूर्व) में बनाई थी और डायनासोरों को दुनिया से गए 6 करोड़ से ज्यादा साल हो चुके हैं!"

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अब मैरी के स्टेटस पर आइए. उनका कहना है कि डायनासोरों के दुनिया से ख़त्म हो जाने की वजह नोआ की नाव थी.
"नोआ ने जब अपनी नाव बनाई, उसने डायनासोरों के जोड़ों को अपने साथ नहीं लिया. या जिनको लिया वो बहुत बूढ़े हो चुके थे और बच्चे पैदा नहीं कर सकते थे. जब पूरी दुनिया में बाढ़ आ गई, डायनासोरों के छोटे-छोटे बच्चे ज़मीन पर ही छूट गए. कुछ बाढ़ में बह कर मर गए. कुछ ज़मीन के सूखने का इंतज़ार करने लगे. जो वेजीटेरियन वाले डायनासोर थे, उनको बाढ़ की वजह से खाने को घासफूस नहीं मिली. इस वजह से वो सब मर गए. खुदाई करने पर जो हड्डियाँ मिलती हैं उनको देख कर ये साफ़ समझ में आता है. बेचारे डायनासोर मिटटी के नीचे दब कर मरे हैं. अब ये सब बाढ़ की वजह से नहीं हुआ होगा तो कैसे हुआ होगा. अगर नोआ अपने साथ डायनासोरों को भी ले जाता तो शायद आज डायनासोर जिंदा होते. "

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3. मौसमों में बदलाव कार्ल मार्क्स की साजिश थी
मैरी के हिसाब से मौसमों में बदलाव जैसी कोई चीज़ नहीं होती. सब झूठ है."ये सब कार्ल मार्क्स के ढोंग की वजह से हुआ. कैपिटलिज्म से कम्युनिस्ट विचारधारा की तरफ जब समाज बढ़ने लगा. तो लोगों को बरगलाने के लिए 'मौसम में बदलाव' जैसा प्रोपागेंडा लाया गया. और उसपर कम्युनिस्टों ने इतना हो-हल्ला मचा दिया कि लोगों को ये सच लगने लगा. असली में दुनिया में क्लाइमेट चेंज जैसा कभी कुछ हुआ ही नहीं है. ये सब कम्युनिस्ट दलों के घोषणापत्र का हिस्सा था. "तो अगली बार आपको बहुत गर्मी लगे तो कम्युनिस्टों को बुरा-भला कह कर दिल हल्का कर लेना.
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4. मुसलमान अमेरिका पर कब्ज़ा कर लेंगे
मैरी मुसलमानों और इस्लाम से बहुत नफरत करती है. जगह जगह पर इस्लाम-विरोधी भाषण दिए. फिर ये बेतुका सा स्टेटस भी डाल दिया."इस्लाम कोई धर्म नहीं है. कुछ सिरफिरे लोगों का हुजूम है. इस्लाम में इंसानों के खिलाफ कानून हैं. इस्लाम लोगों को अपने यकीन मानने के लिए फ़ोर्स करता है. ऐसा न करने पर लोगों को मार दिया जाता है. छोटे बच्चों के साथ सेक्शुअल हिंसा की जाती है. छोटी लड़कियों को बड़े-बूढ़े आदमियों से शादी करने के लिए मजबूर किया जाता है. अमेरिका को सारे मुसलमानों को भगा देना चाहिए. इस्लाम को बैन कर देना चाहिए. बाहर से मुसलमानों को अमेरिका में घुसने भी नहीं दिया जाना चाहिए. वरना वो लोग हमारे देश पर कब्ज़ा कर लेंगे. और जो भी लोग उनकी बात नहीं मानेंगे उनको मार डालेंगे"

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5. हाउस स्पीकर पॉल रायन आतंकवादी लगते हैं

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ये हैं अमेरिका के हाउस स्पीकर. पहले ये क्लीन शेव्ड रहते थे. कुछ दिनों पहले उन्होंने दाढ़ी बढ़ा ली. भाई उनकी मर्ज़ी. लेकिन मैरी को वो दाढ़ी बढ़ा कर आतंकवादी नज़र आते हैं.
कुल मिला कर इन मोहतरमा को हर वक़्त बेमतलब की बातें करने की बीमारी है. अपने चुनाव प्रचार के दौरान भाषणों में इन्होने कहा था,
"अगर मैं एजुकेशन बोर्ड की सदस्य बनी तो उन सारी चीज़ों को बच्चों की किताबों से हटा दूंगी जो होमोसेक्शुअलिटी को बढ़ावा देती है. या उनकी तरफ हल्का सा इशारा भी करती हैं. साथ में इस्लाम और कम्युनिस्ट विचारधारा से जुड़ी हर जानकारी भी बच्चों के सिलेबस से हटा दी जाएगी. बच्चो को सिंपल चीज़ें पढ़नी चाहिए. जैसे गुणा-भाग और पहाड़े"
अच्छा हुआ ये मैडम हार गयी. वरना ये ना जाने बच्चों को किस तरह का ज्ञान पिलातीं. शुक्रिया वोटरों! बचा लिया देश के बच्चों का भविष्य.


















