एक छोटी सी बच्ची. सिर्फ 6 साल की. क्लास वन में पढ़ती थी. एक दिन उसने 1 से 15 तक की गिनती गिनने में गलती कर दी. उसके पापा को बहुत गुस्सा आया. गुस्से में उसने बेटी के गले में प्याज ठूंस दिया. बच्ची का दम घुट गया. और उसकी मौत हो गई.
ये घटना महाराष्ट्र के औरंगाबाद डिस्ट्रिक्ट की है. बेलापुर गांव. एक मजदूर है संजय कुटे. उसकी बेटी, भारती. भारती ने एक महीने पहले ही स्कूल जाना शुरू किया था. अभी पढ़ना-लिखना सीख रही थी. 9 जुलाई को रात के करीब साढ़े नौ बज रहे थे. संजय बच्ची को पढ़ा रहा था. बच्ची से उसने 1 से 15 तक की गिनती सुनाने को कहा. बच्ची ने बोलना शुरू किया. 11 तक गिनकर वो अटक गई. 12 गिनना भूल गई. और 11 के बाद सीधे 13 बोल दिया. इस बात पर संजय को बहुत तेज़ गुस्सा आया. इतनी तेज़ कि उसने भारती को झापड़ मार दिया.
बच्ची रोने लगी. संजय ने उसको रोते देख कर फिर से झापड़ मारा. बच्ची का रोना अब रुके ही ना. संजय का गुस्सा बढ़ता जा रहा था. बच्ची का रोना बंद करने के लिए संजय ने उसके मुंह में एक बड़ा सा प्याज ठूंस दिया. और अपने हाथ से उसका मुंह बंद कर दिया, प्याज बच्ची के गले में चला गया. और बच्ची का दम घुटने लगा. थोड़ी ही देर में बच्ची बेहोश हो गई. अब संजय को कुछ होश आया. वो बेहोश बच्ची को लेकर पास के बजाज हॉस्पिटल गया. लेकिन वहां के डॉक्टर ने कह दिया कि बच्ची की मौत हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी.
बच्ची की डेडबॉडी को गांव में ही दफना दिया गया. बच्ची की मां दो दिनों तक सदमे में थी. फिर सोमवार को उसने पुलिस के पास जा कर शिकायत की. कहा कि उसके पति ने ही उसकी बेटी को मार डाला. मंगलवार को पुलिस ने संजय कुटे को गिरफ्तार कर लिया. पापा तो वो इंसान होते हैं, जिनपर हम सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं. भारती अभी छोटी सी बच्ची थी. पढ़ना सीख रही थी. गुस्सा होना अलग बात है. लेकिन ये जो हुआ वो नीचता की हद है.