The Lallantop

Mahadev Betting App में इंटरपोल की एंट्री होगी? ED का ये प्लान बहुतों को परेशान करेगा

Mahadev Betting App मामले में एक नया मोड़ तब जब एक मुख्य आरोपी ने वीडियो जारी किया. इस वीडियो में आरोपी ने दावा किया कि उसने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chhattisgarh CM Bhupesh Baghel) को 508 करोड़ रूपयों की रिश्वत दी है.

Advertisement
post-main-image
मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी गंभीर आरोप लगे हैं (फाइल फोटो: इंडिया टुडे/सोशल मीडिया)

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इंटरपोल से महादेव सट्टेबाजी ऐप (Mahadev Betting App) के दो फाउंडर्स के खिलाफ रेड नोटिस (Interpol Red Notice) जारी करने की मांग की है. आसान भाषा में इंटरपोल का मतलब है इंटरनेशनल पुलिस. भारत समेत 194 देश इस संगठन के सदस्य हैं. इन सारे देशों की पुलिस इंटरपोल की मदद से आपस में मिलकर अंतरराष्ट्रीय अपराध के खिलाफ कार्रवाई करती है. इंटरपोल, रेड नोटिस से दुनिया भर की पुलिस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भगोड़े अपराधी के बारे में सचेत करती है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ED ने महादेव सट्टेबाजी ऐप के दो फाउंडर्स के खिलाफ रेड नोटिस जारी करने की मांग की है. इन पर नेताओं और अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप है. रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसी संयुक्त अरब अमीरात से सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल नाम के दो व्यक्ति के प्रत्यर्पण की भी मांग कर रही है. प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में किसी व्यक्ति को दूसरे देश को सौंपा जाता है ताकि वहां किए गए अपराधों के लिए उस पर मुकदमा चलाया जा सके.

इस मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी गंभीर आरोप लगे हैं. इससे पहले, ED ने छत्तीसगढ़ CM ऑफिस से जुड़े अधिकारियों का नाम लिया था. उसके बाद मामले से सीधे CM Bhupesh Baghel को जोड़ा गया. जांच एजेंसी ने दावा किया था कि ‘ऐप के प्रमोटरों से CM बघेल को नियमित पैसे मिले, जिसकी कुल राशि 508 करोड़ रुपये’ है. यह दावा असीम दास नाम के एक व्यक्ति के बयान के आधार पर किया गया था, जिसे ED ने पकड़ा है. हालांकि, ED ने यह भी कहा कि अभी यह जांच का विषय है.

Advertisement

ये भी पढ़ें: Mahadev Betting App होगी ब्लॉक, आरोपी ने वीडियो जारी कर भूपेश बघेल के बारे में क्या बताया?

मामले में एक नया मोड़ तब आया, जब शुभम सोनी नाम के एक मुख्य आरोपी ने एक वीडियो जारी किया. इस वीडियो में आरोपी ने दावा किया कि वह महादेव ऐप का मालिक है. इसके लिए उसने वीडियो में अपनी ID भी दिखाई थी. उसने मुख्यमंत्री बघेल पर कई गंभीर आरोप लगाए. आरोपी ने दावा किया कि प्रोटेक्शन के लिए बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा हर महीने उससे 10 लाख रुपये लेते थे. आरोपी ने यह भी कहा है कि विनोद वर्मा ने रायपुर में उसकी मुलाकात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मे करवाई थी. आरोपी शुभम के अनुसार, मुख्यमंत्री बघेल ने उसे दुबई जाने और काम बढ़ाने को कहा था. शुभम ने ये भी दावा किया कि बाद में उसने इस मामले में 508 करोड़ रूपयों की रिश्वत मुख्यमंत्री को दी है.

ये भी पढ़ें: ED का दावा- 'महादेव ऐप के प्रोमोटर्स ने CM भूपेश बघेल को 500 करोड़ दिए'

Advertisement

इधर, भूपेश बघेल ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि ये BJP की साजिश है.

बीते दिनों, इस पूरे मामले पर कार्रवाई करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 22 अवैध सट्टेबाजी ऐप्स और वेबसाइट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया. इन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स में महादेव ऐप भी शामिल है. IT राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर के अनुसार, ED के अनुरोध पर ऐसा किया गया है.

क्या होता है रेड नोटिस के बाद?

रेड नोटिस, इंटरपोल के सदस्य देशों से किसी व्यक्ति को खोजने और अस्थायी रूप से हिरासत में लेने का आग्रह होता है. इसके बाद प्रत्यर्पण या आत्मसमर्पण जैसी प्रक्रिया होती है. इस तरह उस व्यक्ति को देश में वापस लाया जाता है.

ये भी पढ़ें: 'महादेव ऐप वालों से 508 करोड़ रुपये लिए', ED के दावों पर भूपेश बघेल क्या बोले?

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: महादेव एप केस में भूपेश बघेल को फंसाने वाला कौन?

Advertisement