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कांग्रेस के मंत्री जीतू पटवारी बोले- कमलनाथ सरकार दारू का इंतजाम भी करवा रही

मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री का बयान वायरल हो रखा है.

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जीतू पटवारी के विवादित बोल कमलनाथ सरकार पर भारी पड़ सकते हैं.
मध्यप्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के पहले एक वीडियो वायरल हुआ. इसमें इंदौर के एक कांग्रेसी नेता कहते दिख रहे थे - चचा आपको मेरी इज़्ज़त रखनी है, पार्टी गई तेल लेने.
ये नेता थे तब कांग्रेस के वर्किंग प्रेसिडेंट जीतू पटवारी. लगता है चचा ने बात मान ली थी. और जीतू 5 हजार वोट से चुनाव जीत गए. फिर मंत्री भी बन गए. उच्च शिक्षा मंत्री. पर एक चीज होती है आदत. जो आसानी से नहीं बदलती. बड़बोलेपन की. जैसे बिहार में एक नेता हैं गिरिराज सिंह. वो जब तक दो चार महीने में एक विवादित बयान न दे दें. उनका काम नहीं चलता. तो मध्यप्रदेश में ये जिम्मा संभाल रखा है जीतू पटवारी ने.
कैसे, वो जीतू का ताजा बयान सुनकर आप समझ जाएंगे. वो 2 मार्च को रतलाम के सैलाना में थे. वहां किसानों को कर्जमाफी का सर्टिफिकेट बांट रहे थे. अब सूखा-सूखा सर्टिफिकेट बांटेंगे तो नेता काहे के. तो देने लगे भाषण. मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की राशि बढ़ाकर 51 हजार रुपए किए जाने की बढ़ाई करने लगे. बोलते बोलते बोल गए -
क्या किसी ने कल्पना की थी कि हमारी बेटियों की शादी के लिए 51 हजार रुपए मिलेंगे. एक गरीब परिवार, जो किसान है, मजदूरी करता है, उसकी बेटी की जब शादी आती है तो घर में हर तरह की व्यवस्था करनी पड़ती है. खाना-पीना करना पड़ता है. पीने के लिए और तरह की देसी-विदेशी की व्यवस्था करनी पड़ती है. जानता हूं मैं इस बात को, तो कहां से आए वो पैसा. इसकी व्यवस्था भी आदरणीय कमलनाथ जी ने की है.
जीतू पटवारी(फाइल फोटो)
जीतू पटवारी पहले भी देते रहे हैं विवादित बयान. (फाइल फोटो)
और इस कार्यक्रम में ये शराब वाला अकेला बयान नहीं था. पटवारी ने एक ओर विवादित बयान दिया. वो बोले -
अधिकारी-कर्मचारी चाहे वह सहकारी संस्था का हो, कृषि विभाग का हो, हमारे तहसील या कलेक्टरेट में हो. यदि कोई चूक की तो ये कमलनाथ की सरकार है. डंडे मारने में भी कसर नहीं छोड़ेगी.
माने नेताजी एकदम फॉर्म में थे. पहले शराब फिर डंडे चलाने की बात. पटवारी की बातें सुन वहां मौजूद उनके कार्यकर्ता और भीड़ खूब खिलखिलाई. तालियां बजीं. फिर ये वीडियो हो गया वायरल और लोग अब नेताजी की लानत-मलानत कर रहे हैं. देश भर में तालियां बज रही हैं. मगर गुस्से वाली. इसलिए कि एक प्रदेश का मंत्री ऐसी हल्की बातें कैसे कर सकता है. वो भी तब जब नई-नई सरकार आई हो. लोकसभा चुनाव सिर पर हों. पर क्या कीजिएगा. कभी-कभी नेता अपने बड़बोलेपन में सच भी बोल जाते हैं. चुनाव के दौरान शराब की व्यवस्था तो करनी ही पड़ती है. आप किसी भी गांव चले जाइयेगा, आपको भतेरे किस्से मिल जाएंगे. तो हो सकता है जीतू आने वाले चुनावों के लिए जनता को ये ऑफर की तरह दे रहे हों. पर जो भी वो कर रहे थे वो, और उनका बयान एकदम गलत है. निंदनीय.


एमपी में लॉ एंड ऑर्डर का हाल भी देख लीजिए -

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