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मध्य प्रदेश 'एनकाउंटर' का तीसरा वीडियो, जिससे पूरी पिक्चर क्लियर हो गई है

जिंदा था एक संदिग्ध आतंकी, जिसे बाद में गोली मारी गई.

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फोटो - thelallantop
मध्य प्रदेश के ईंटखेड़ी 'एनकाउंटर' का तीसरा वीडियो सामने आया है, जिससे नए संकेत मिले हैं और ये शिवराज सरकार के लिए अच्छे नहीं है. इस वीडियो में पुलिस और एसटीएफ वालों की बातचीत से साफ है कि एक संदिग्ध आतंकी जिंदा था. जिसे बाद में दोबारा गोली मारी गई. ये वीडियो एनकाउंटर के ठीक बाद का है, जैसा सबसे पहला वीडियो था. लेकिन ये एक अलग एंगल से है और पिछले वीडियो के मुकाबले कुछ लंबा है.
2 मिनट के इस वीडियो में एक पुलिस वाले को कहते सुना जा सकता है कि एक आदमी जिंदा है. फिर एक पुलिस वाला कहता है, एक गोली छाती में मारो तो मर जाएगा. फिर गोली चलाई जाती है, जो हमने पहले वीडियो में भी देखा था. फिर गाली दी जाती है और चिल्लाया जाता है कि पुलिस को मारेगा! तो एक ज़िंदा संदिग्ध आतंकी पर दो बार गोली चलाई जाती है. पहली गोली 49वें सेकेंड पर और दूसरी 1 मिनट 56 सेकेंड पर.

पहली गोली

वीडियो के 46वें सेकेंड पर पुलिस वालों की तरफ से कोई चिल्लाता है, 'अरे ज़िंदा है, ज़िंदा है.' इसके बाद एसटीएफ का एक जवान जमीन पर पड़े कैदी पर गोली चलाता है और पीछे से मां की गाली गूंजती है. फिर पीछे से कोई सलाह देता है, 'अब मत चलाना.' फिर किसी की आवाज आती है, 'वीडियो बना रहे हो तुम ऐसे में.' फिर एक और आवाज़ आती है, 'भाई ये बंद करवाओ.' इसके बाद कैमरा कुछ सेकेंड के लिए नीचे हो जाता है, लेकिन बंद नहीं होता. सबको निर्देश जारी होता है, 'सब लोग अपनी-अपनी गन अंदर रख लें.'

दूसरी गोली

इसके ठीक बाद वीडियो में नीली टी-शर्ट वाले एक कैदी का हाथ हिलता नजर आता है. जिससे जाहिर है कि वह जिंदा था. फिर पुलिस वालों की तरफ से दो तरह की आवाज़ें आती हैं. एक कहता है, 'अब मत चलाओ गोली.' एक कहता है, 'मार दो, मार दो. छाती में मार दीजिए, मर जाएगा वो.' इसके बाद एक गोली और चलाई जाती है. पीछे से आवाज़ आती है, 'बस.' फिर बहन की गाली के साथ कहा चिल्लाया जाता है, 'पुलिस को मारेगा!'

देखें पूरा वीडियो

https://www.youtube.com/watch?v=HKV-TwXBgxM&feature=youtu.be
 
- ये वीडियो सही है तो सवाल उठेगा कि मध्य प्रदेश पुलिस और STF की टीम ने तय प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया? - उनकी दिलचस्पी संदिग्ध आतंकियों को ज़िंदा पकड़ने में क्यों नहीं थी? -  क्या ऊपर से इन संदिग्ध आतंकियों को किसी भी सूरत में मार देने के आदेश जारी हुए थे? ये आदेश किसने दिए थे? - इस पूरे वीडियो में आपको कहीं ढूंढे से भी वो देसी कट्टे नहीं दिखेंगे, जिन्हें संदिग्ध आतंकियों से बरामद करने का दावा पुलिस ने किया है. - मान लीजिए कि कैदियों ने पुलिस टीम पर गोलियां चलाईं. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आठों पर काबू पा लिया गया. इस वीडियो को सही मानकर चलें तो सात की मौत हो गई और एक जिंदा था. पुलिस ने इस जिंदा कैदी को बचाने की कोशिश क्यों नहीं की? वह मध्य प्रदेश में सिमी को सपोर्ट करने वालों के बारे में जरूरी सुराग दे सकता था. वो ये भी बता सकता था कि आठों संदिग्ध आतंकी किस तरह भागे, इसकी प्लानिंग कैसे की.

इससे पहले आ चुके हैं दो वीडियो

इससे पहले घटना के दो वीडियो आ चुके हैं. एक ठीक उसी समय का है, जिसके बारे में आपने ऊपर पढ़ा. लेकिन वो वीडियो छोटा है. जिसे शायद कोई और जवान बना रहा होगा और बाद में उसने बंद कर दिया. हालांकि उस वीडियो में भी एक जवान जमीन पर पड़े संदिग्ध आतंकी पर गोली चलाते दिख रहा है. तब ये लग रहा था कि लाश पर गोली चलाई गई है, लेकिन नए वीडियो से पता लगा है कि वो जिंदा था. [facebook_embedded_post href="https://www.facebook.com/thelallantop/videos/1599721143668056/"] एक और वीडियो है, जिसमें संदिग्ध लोग एक चट्टान के ऊपर खड़े हैं और पुलिस टीम नीचे है. लग रहा है कि पुलिस और गांव वाले दोनों साथ में हैं. गांव वालों में से कोई कहता है, '5 दिख गए. हम तो पूरा गांव पीछे आए हैं. आठों के.' फिर एक पुलिस वाला कंट्रोल रूम को इसकी सूचना देता है, 'कंट्रोल ये 5 आदमी हमसे बात कर रहे हैं और 3 आदमी पीछे से खिसकने की फिराक में हैं. चारों तरफ से घिरवा दो. दो बैठे हैं, एक लंगड़ा रहा है.' [facebook_embedded_post href="https://www.facebook.com/thelallantop/videos/1599774313662739/"]

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