ईरान की सबसे ताकतवार फ़ोर्स ‘इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बयान पर उन्हें दो टूक जवाब दिया है. कहा है कि जंग कब ख़त्म होगी, अब ये ईरान तय करेगा. सोमवार, 9 मार्च को CBS न्यूज़ की एक रिपोर्टर से फ़ोन पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘मुझे लगता है कि जंग पूरी तरह ख़त्म हो चुकी है. ईरान के पास न तो नेवी है, न कोई बातचीत का ज़रिया और न ही एयर फ़ोर्स. उनकी मिसाइलें और ड्रोन्स बेहद कमज़ोर हैं. ऐसा लगता है कि उनके पास कुछ नहीं बचा है, मिलिट्री सेंस में तो कुछ भी नहीं.’
'आप नहीं, अब हम तय करेंगे जंग कब खत्म होगी', ईरान ने दिया ट्रंप को जवाब
IRGC hits back Trump: डॉनल्ड ट्रंप ने कहा था कि वो जंग जीत चुके हैं, लेकिन जंग तब तक चलेगी जब तक ईरान घुटने ना टेक दे. इस बात पर IRGC ने ट्रंप को जवाब दिया है.
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लेकिन इंडिया टुडे की रिपोर्ट बताती है कि बाद में ट्रंप अपनी बात से पलट भी गए. जिस जंग में उन्हें कुछ भी बचा हुआ नहीं दिख रहा था, उसी जंग को जीतने की बात करने लगे. रिपब्लिकन सदस्यों के साथ एक कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा,
‘हम कई मायनों में पहले ही जीत चुके हैं, लेकिन अभी पूरी तरह जीतना बाकी है. जंग तब तक चलेगी जब तक ईरान निश्चित रूप से घुटने न टेक दे.’
डॉनल्ड ट्रंप के इन्हीं गोल-मोल दावों पर IRGC ने कड़ा जवाब दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक़, ईरानी मीडिया ने बताया कि फोर्स के एक प्रवक्ता ने कहा है कि ‘वॉशिंगटन नहीं तेहरान तय करेगा कि ये जंग कब और कैसे ख़त्म होगी.’ उन्होंने ट्रंप के दावों को ‘नॉनसेंस’ करार दिया. साथ ही साथ एक धमकी भी दी. धमकी ये कि ईरान तेल भंडार का एक कतरा भी कहीं जाने नहीं देगा.
ईरान ने कहा या तो मिडिल ईस्ट में सब सुरक्षित रहेंगे या फिर कोई नहीं. इस चीज़ से ये बात साफ़ हो गई है कि अगर हमला जारी रहा तो खाड़ी में ऑयल को लेकर मारामारी चलती रहेगी.
बता दें, बीते शनिवार को ईरानी अधिकारियों ने दावा किया था कि तेहरान और आसपास के इलाके में हमले की वजह से 5 ऑयल डिपोट में आग लग गई. जिसकी वजह से फ्यूल सप्लाई बाधित हुआ. हालांकि ये भी बताया गया कि दो से तीन दिन में सप्लाई नॉर्मल हो जाएगी.
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IRGC क्या है?IRGC के पास लगभग 2 लाख 30 हजार ट्रेंड सैनिक हैं. ये रेगुलर आर्मी से आधे से भी कम है. फिर भी IRGC अधिकार के मामले में रेगुलर आर्मी से आगे है. ईरान के 25 से अधिक प्रांतों में इसकी तैनाती रहती है. IRGC ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम भी चलाती है. IRGC का राजनीति में भी अच्छा दखल है. ईरान के कई राष्ट्रपतियों के करियर की शुरुआत IRGC से हुई है.
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