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उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए LPG सिलेंडर पर सब्सिडी कितनी बढ़ी?

रक्षबंधन पर सिलेंडर के दाम में 200 रुपए की कटौती हुई थी. अब उज्जवला कनेक्शन पर और छूट दी गई है.

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केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले के बाद, उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए एक LPG सिलेंडर की कीमत 603 रुपए हो जाएगी. (फ़ोटो/आजतक)

5 राज्यों में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और 2024 में तो पूरे देश में आम चुनाव होने हैं. ऐसे में रोज़ नए ऐलान हो रहे हैं. बीते दिनों रसोई गैस के सिलेंडर के दाम 200 रुपये कम कर दिए गए. और आज खबर आई कि मोदी सरकार उज्जवला लाभार्थियों की सब्सिडी बढ़ाने जा रही है. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने 4 सितंबर को घोषणा की कि उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले लाभार्थियों को 200 रुपये की बजाय 300 रुपये की सब्सिडी मिलेगी. केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ये फैसला लिया गया.

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उज्ज्वला लाभार्थियों को अभी एक LPG के सिलेंडर 703 रुपए का पड़ता है. लाभार्थी बाजार भाव, माने 903 रुपए में सिलेंडर खरीदते हैं और 200 रुपए सरकार उनके खाते में डालती है. केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले के बाद, उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए एक LPG सिलेंडर की कीमत 603 रुपए हो जाएगी. क्योंकि सरकार प्रति सिलेंडर 300 रुपए की सब्सिडी खाते में डालेगी. एक साल में उज्जवला लाभार्थी 12 सिलेंडर ले सकते हैं. ये ऐलान करते हुए ठाकुर ने कहा,

“रक्षाबंधन के अवसर पर रसोई गैस के सिलेंडर की कीमत 1100 रुपए से घटकर 900 रुपए हो गई. और उज्जवला योजना के लाभार्थियों के लिए 200 रुपए की सब्सिडी ऐसे ही चलती रही जिससे उनको सिलेंडर 700 रुपए का पड़ता था. 4 अक्टूबर से उज्जवला योजना की लाभार्थी जो बहनें हैं, उनको 200 रुपए की बजाए 300 रुपए की सब्सिडी मिलेगी. करोड़ों बहनों के लिए एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ये निर्णय लिया गया है.”

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उज्ज्वला योजना की शुरुआत कब हुई?

उज्ज्वला योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में की थी. योजना के लाभार्थियों को पहली बार मुफ्त गैस सिलेंडर और गैस स्टोव दिए गए थे. इस योजना के तहत अब तक 9.60 करोड़ गैस कनेक्शन बांटे जा चुके हैं. अगले तीन वित्तीय वर्षों में उज्ज्वला योजना के तहत 75 लाख नये गैस कनेक्शन दिये जायेंगे. 

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में और क्या हुआ?

अनुराग ठाकुर ने आगे कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तेलंगाना में एक केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना को भी मंजूरी दे दी है. इस यूनिवर्सिटी पर 889 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

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सरकार ने केंद्रीय हल्दी बोर्ड के गठन को भी मंजूरी दे दी है. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये दोनों घोषणाएं 2 दिन पहले तेलंगाना में की थीं. भारत हल्दी का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है. 

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