फदी बौदया, लेबनानी समाचार संगठन मिराया इंटरनेशनल नेटवर्क के प्रधान संपादक हैं. एक लाइव टीवी इंटरव्यू कर रहे थे. अचानक एक इज़रायली मिसाइल उनके घर पर आकर गिरी और धमाके के असर से वो स्क्रीन से बाहर उड़ गए. उनकी जान बच गई है और बाद में उन्होंने पोस्ट किया कि वो ठीक हैं. चूंकि वीडियो लाइव था, इसलिए घटना रिकॉर्ड हो गई और वीडियो वायरल हो गया.
लाइव इंटरव्यू के बीच घर पर इजरायल ने दागी मिसाइल, धमाके में फ्रेम से बाहर उड़ गया पत्रकार
हमले में लेबनानी पत्रकार फदी बौदया की जान बच गई है. बाद में उन्होंने पोस्ट किया कि वो ठीक हैं. चूंकि वीडियो लाइव था, इसलिए घटना रिकॉर्ड हो गई और वीडियो वायरल हो गया.


उन्होंने पोस्ट किया है:
"उन सब का शुक्रिया, जिन्होंने फोन किया, मेसेज भेजा, हाल-ख़बर ली. उन सभी का भी शुक्रिया, जिन्होंने कुछ भी महसूस किया. अल्लाह का शुक्र है, मैं ठीक हूं. हम पर उनकी इनायत है. हम प्रतिरोध के समर्थन में अपना कर्तव्य जारी रखेंगे. आप सबका तहे दिल से शुक्रिया."
पत्रकारों की सुरक्षा के लिए गठित समिति (CPJ) ने अपनी रिपोर्ट में इस बात पर ज़ोर दिया है कि ऐसे युद्धग्रस्त और अस्थिर इलाक़ों में रिपोर्टिंग करते हुए जान का कितना बड़ा जोख़िम रहता है.
सितंबर, 2024 तक CPJ की जांच से पता चला है कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 116 पत्रकार और मीडियाकर्मी मारे गए हैं. साल 1992 से CPJ डेटा इकट्ठा कर रहा है और उनके बकौल ये पत्रकारों के लिए सबसे ख़तरनाक समय है.
ये भी पढ़ें - लैपटॉप और कमोड की इस तस्वीर को लेबनान विस्फोट का बताया जा रहा, लेकिन इसका सच क्या है?
पिछले साल अक्टूबर से इज़रायल और हमास के बीच जंग शुरू हुई. तब से इज़रायली सेना और ईरान समर्थित हिज़बुल्लाह के बीच भी क्रॉस-बॉर्डर युद्ध चल रहा है. पिछले कई सालों में सबसे ख़राब स्थिति में.
हाल के दिनों में हिज़बुल्लाह के सदस्यों पर कुछ संदिग्ध हमले हुए. पेजर और वॉकी-टॉकी जैसे कम्यूनिकेशन डिवाइस फटे. कथित तौर पर ये हमले सुनियोजित थे और हिज़बुल्लाह ने आरोप लगाया कि हमलों के पीछे इज़रायल का हाथ है. इज़रायल ने न तो इस बात को नकारा, न क़ुबूल किया.
सोमवार, 21 सितंबर को इज़रायल ने लेबनान पर मिसाइल हमला किया. इजरायल-हमास युद्ध की शुरुआत के बाद से सबसे बड़ा हमला. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इस हमले में कम से कम 356 लोग मारे गए और 1,246 से ज़्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए.
ये भी पढ़ें - इजरायल के हमले में 492 लोगों की मौत, नेतन्याहू ने क्या संदेश दिया?
इज़रायली सेना अपने हवाई हमले बढ़ा रही है, क्योंकि उनका कहना है कि दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में हिज़्बुल्लाह के हथियार के अड्डे हैं. एक इज़रायली सैन्य अधिकारी के अनुसार, इस अभियान का मक़सद उनकी सैन्य क्षमता को कम करना है.
इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक लेबनान में किए जा रहे हमलों से अब तक 558 लोग मारे गए हैं. इनमें से 50 बच्चे हैं. हज़ार से ज़्यादा लोग बुरी तरह से घायल हुए हैं.
यूरोपीय विदेश नीति प्रमुख जोसेप बोरेल ने कहा है कि यह वृद्धि क्षेत्र को "पूर्ण युद्ध" की ओर धकेल रही है.
वीडियो: दुनियादारी: हिजबुल्लाह को एक और बड़ा झटका, पेजर के बाद वॉकी-टॉकी किसने उड़ाया?





















