डॉक्टर नारंग मर्डर: दिल्ली पुलिस को मिला नया नाम- बहरुद्दीन.
बुधवार की रात. 15-20 की भीड़ ने विकासपुरी में डॉक्टर नारंग को उनके परिवार के सामने ही पीट-पीट कर मार डाला. जो गिरफ्त में आए, उन्होंने शिनाख्त परेड से इनकार कर दिया. और अब एक नए आरोपी का नाम सामने आया है.
Advertisement

फोटो - thelallantop
दिल्ली में बुधवार की रात को एक डेंटिस्ट को लोहे की रॉड और हॉकी और बल्लों से मारा जाता है. वजह? उसका 8 साल का बेटा सड़क पर बॉल उठाने जाता है और कुछ मोटरसाइकिल सवार उसके बेहद नज़दीक से निकलते हैं. इस से उन लोगों और डॉक्टर में झगड़ा शुरू हो जाता है. वो लड़के वहां अपनी बाइक खाड़ी करते हैं और अंजाम भुगतने की धमकी देकर चले जाते हैं. वापस आते हैं एक भीड़ लेकर. पंकज नारंग. डॉक्टर का नाम. डेंटिस्ट थे. अपने ही परिवार की आँखों के सामने मार दिए गए. बेटे, बीवी और बहन के सामने. उनके परिवार वाले आस-पड़ोस वालों से मदद मांगते रहे. जो भी बचाने गया, मारा गया. झगड़े और उन लड़कों के वापस आने के बीच में भी कुछ हुआ था. पंकज नारंग ने पुलिस को इमरजेंसी नंबरों पर कॉल करने की कोशिश की. लाइन बिज़ी थी. पीसीआर वैन्स बुलाना चाहते थे डॉक्टर नारंग. जब फ़ोन नहीं मिला तो पैदल ही चल पड़े जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर की और. वहां पीसीआर वैन्स खाड़ी मिलती हैं. उस रात वहां भी कोई मदद नहीं थी. जब डॉक्टर नारंग वापस अपने घर पहुंचे, भीड़ उनके घर पर पत्थर बरसा रही थी. रिपोर्ट्स के अनुसार जब भीड़ ने उन्हें मारना शुरू किया तो नारंग आस पास भागे और मदद के लिए चिल्लाये. उन सभी से माफ़ी भी मांगी पर अब सुनने को कौन तैयार था? तब तक मारा जब तक वो मर नहीं गए. नारंग के भाई संजीव पोपली ने बताया कि पंकज नारंग के सर में कई फ्रैक्चर आये, उनकी आंखें फूल गयी थीं, नाक से खून बह रहा था. इससे पहले कि उन्हें ऑपरेशन थियेटर में ले जाया जाता, उन्हें दिल का दौरा पड़ गया. 9 लोगों के खिलाफ़ मर्डर, अटेम्प्ट टु मर्डर, घुसपैठ, और तोड़फोड़ का मुकदमा दायर किया गया. गुरुवार की सुबह से ही ये खबर इधर-उधर फैलने लगी और इसके ही साथ शुरू हुआ अफवाहों का बाज़ार. अफवाहें व्हाट्सैप्प, ट्विटर और फेसबुक पर बेचीं और खरीदी जाने लगीं. हर अफवाह का कहना सिर्फ ये ही था कि नारंग हिन्दू थे और भीड़ मुसलमान. कुछ का तो ये भी कहना था कि ये सभी बांग्लादेशी थे जो इंडिया की बांग्लादेश पे जीत का बदला लेने नारंग पर पिल पड़े थे. जल्द ही #DrPankajLynched और #JusticeForDrNarang जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे. भीड़ में कई लड़के नाबालिग भी थे. मीडिया के इस बात को पुलिस से पहले कहने पर कईयों को इसमें मीडिया की हत्यारों को बचाने की कोशिश नज़र आई. बीजेपी की नूपुर शर्मा ने इसे ट्वीट भी किया. https://twitter.com/NupurSharmaBJP/status/713393367158120448 सोशल मीडिया पर तुरंत ही दादरी और मालदा फिर से जाग उठे. इस घटना को पूरी तरह से सांप्रदायिक घटना का ओहदा दे दिया गया. इन सारी बातों के बीच, सीनियर पुलिस अफ़सर मोनिका भारद्वाज ने ट्वीट किया और कहा कि 9 आरोपियों में से 5 हिन्दू हैं. साथ ही जिन 2 लोगों से पंकज की लड़ाई हुई थी, उनमें 1 हिन्दू था. साथ ही मुस्लिम यूपी के रहने वाले हैं न कि बांग्लादेशी. साथ ही ये भी बताया कि इस घटना में कोई भी सांप्रदायिक ऐंगल नहीं है. https://twitter.com/manabhardwaj/status/713396842222850049 https://twitter.com/manabhardwaj/status/713339120379170816 इस ट्वीट के बदले मोनिका भरद्वाज को ट्विटर पर काफ़ी गाली-गलौज और गुस्से का सामना करना पड़ा. बाद में ये भी मालूम चला कि ट्वीट करने के वक़्त मोनिका छुट्टी पर थीं और वो इस केस की इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर भी नहीं थी. इस हिसाब से उनके ट्वीट की मान्यता ही नहीं रह जाती है. सुनने को ये भी मिला है कि इसके लिए उन्हें दिल्ली पुलिस से झाड़ भी सुनने को मिली. पुलिस ने बताया कि 9 में से 4 लड़के नाबालिग हैं. सभी बालिग़ आरोपियों नसीर, आमिर, मैसर, अमीर और गोपाल को तिहाड़ जेल भेज दिया गया. और 4 नाबालिगों को सुधार गृह. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़, इन सभी आरोपियों ने अपनी इस करतूत पर शर्मिंदगी जताई है. सोमवार को 9 आरोपियों ने तीस हज़ारी कोर्ट में पहचान के लिए परेड करवाने से मना कर दिया. पुलिस ने कोर्ट को इस परेड के लिए एप्लीकेशन दी थी. पुलिस को अब बहरुद्दीन नाम के आरोपी की तलाश है. बहरुद्दीन नासिर के सामने वाले घर में रहता है. जब घटना हुई, उसके बाद से गायब है. नासिर ने रिमांड के दौरान उसके बारे में बताया. पुलिस ने बताया है कि नासिर को वो लगातार ढूंढ रहे हैं. पहचान परेड के लिए मना करने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी नासिर और गोपाल को दो दिन की रिमांड पर ले लिया. पुलिस बाकी लोगों को पहचानने के लिए सीसीटीवी फुटेज देखने में लगी है.
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement
Advertisement













.webp?width=275)

.webp?width=120)

.webp?width=120)
.webp?width=120)


