The Lallantop

लालू यादव ने नीतीश से इस्तीफा मांग लिया, बिहार को विशेष राज्य के दर्जे पर घिरी जेडीयू

Bihar को विशेष राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर केंद्र सरकार के जवाब के बाद बिहार में सियासी घमासान छिड़ गया है. सूबे की तमाम विपक्षी पार्टियां Nitish Kumar को घेर रही हैं. RJD की तरफ़ से कहा गया कि नीतीश कुमार ने सत्ता के लिए अपनी अंतरात्मा, बिहार की पहचान, बिहार के लोगों की आकांक्षाओं और बिहार के वोटों के महत्व को बेच दिया है.

Advertisement
post-main-image
विपक्षी पार्टियां नीतीश कुमार समेत NDA पर हमलावर है. (फ़ोटो - आजतक)

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग जब-तब उठती रहती है. लेकिन केंद्र सरकार ने संसद में बताया है कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है. इसके बाद से ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar) सवालों के घेरे में हैं. राज्य की विपक्षी पार्टियां नीतीश समेत पूरे NDA को घेर रही हैं. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने तो नीतीश के इस्तीफे की मांग (Lalu Yadav seeks Nitish’s resignation)  कर दी है. वहीं, JDU ने BJP के नेतृत्व वाली NDA सरकार को उनका "वादा" याद दिला दिया है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने वाली ख़बर पर लालू यादव ने मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार इस्तीफ़ा दें. लालू यादव के वीडियो X पर शेयर करते हुए RJD ने लिखा,

नीतीश कुमार ने अपनी अंतरात्मा, अपनी आत्मा, बिहार की पहचान, बिहार के लोगों की आकांक्षाओं और सत्ता के लिए बिहार के वोटों के महत्व को बेच दिया है. नीतीश कुमार को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने कहा था कि उन्हें विशेष राज्य का दर्जा मिलेगा! अब केंद्र ने इससे इनकार कर दिया है. जबकि मुख्यमंत्री ने NDA विधायक दल की बैठक में कहा कि केंद्र ने राज्य के लिए "कुछ अच्छा" वादा किया है.

Advertisement

वहीं, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने भी इस मसले पर केंद्र की NDA सरकार और मुख्यमंत्री की आलोचना की है. द हिंदू की ख़बर के मुताबिक़, अखिलेश ने कहा,

नीतीश कुमार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए INDIA गठबंधन छोड़कर NDA में शामिल हुए थे. अब मुख्यमंत्री को सोचना है कि नरेंद्र मोदी सरकार के स्पष्ट इनकार के बाद आगे क्या करना है. क्या वो केंद्र की NDA सरकार से समर्थन वापस लेंगे या फिर अपने पद से इस्तीफ़ा देंगे.

JDU सूत्रों ने इसे लेकर बताया कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए पार्टी पूरी तरह प्रतिबद्ध है. सूत्रों का कहना है,

Advertisement

अगर कोई तकनीकी समस्या है, तो सरकार को बिहार के विकास के लिए हमें विशेष पैकेज देना चाहिए. हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि इस गठबंधन का हिस्सा हम सिर्फ़ इसलिए हैं, क्योंकि हम से बिहार को विशेष दर्जा देने का वादा किया गया है.

दूसरी तरफ़, JDU नेता से BJP नेता बने RCP सिंह ने कहा,

हम लोगों को भीख मांगने से बचना है. भीख मांगने की मानसिकता से बिहार को निकालना है. हमारी ये मुहिम है. अपनी ताक़त इतनी बढ़ानी है कि हम दूसरों को कुछ दें, न कि हम भीख मांगते रहें. आज भी हमलोग मानसिक रूप से गुलाम हैं, दिन भर भीख मांगते रहते हैं. बिहार में संसाधन की कमी नहीं है.

ये भी पढ़ें - बिहार के मंत्रियों को झुनझुना.." तेजस्वी यादव के दावे में कितना दम? 

विशेष राज्य का दर्जा ना देने पर बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय सिंह से भी सवाल किए गए. उन्होंने इसका कुछ ठीक-ठीक तो जवाब नहीं दिया, लेकिन कहा,

पीएम मोदी और नीतीश कुमार बिहार को विकसित राज्य बनाना चाहते हैं. भारत के साथ बिहार भी विकसित होगा, ये पीएम मोदी का संकल्प है. मजबूती के साथ विकसित बिहार के लिए कदम बढ़ा दिया गया है. बिहार में औद्योगीकरण का वातावरण बनेगा. बिहार में सड़कों का जाल, पुलों का जाल बिछेगा.

दरअसल, JDU सांसद रामप्रीत मंडल ने केंद्रीय वित्त विभाग से विशेष राज्य के दर्जे को लेकर सवाल पूछा था. इस पर जवाब दिया गया,

इससे पहले विशेष श्रेणी के दर्जे के लिए बिहार के अनुरोध पर एक इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप द्वारा विचार किया गया था. ग्रुप ने 30 मार्च, 2012 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी. जिसमें ये कहा गया था कि मौजूदा NDC मानदंडों के आधार पर बिहार के लिए विशेष श्रेणी के दर्जे का मामला नहीं बनता है.

मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने ये जवाब दिया. मंत्री ने आगे कहा कि NDC द्वारा पूर्व में कुछ राज्यों को योजना सहायता के लिए विशेष श्रेणी का दर्जा दिया गया था. जिनमें कई ऐसी विशेषताएं थीं जिनके लिए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता थी.

वीडियो: बिहार को विशेष राज्य के दर्जे पर मोदी सरकार ने क्या जवाब दिया?

Advertisement