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लखीमपुर: केंद्रीय मंत्री टेनी ने BJP वर्कर की मौत के लिए पुलिस पर दोष मढ़ा, बोले- कार्रवाई होगी

मंत्री ने सवाल किया, रोड पर किसान थे तो उसे बैरिकेड लगाकर बंद क्यों नही किया गया?

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केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने रविवार को लखीमपुर हिंसा में मारे गए बीजेपी कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी. उनके परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया. (फोटो आजतक)
लखीमपुर हिंसा मामले में अपने बेटे आशीष मिश्रा की भूमिका को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी सवालों के घिरे में हैं. किसान उन्हें मंत्री पद से हटाए जाने की मांग करते हुए सोमवार 18 अक्टूबर को देशभर में रेल रोको आंदोलन कर रहे हैं. इससे एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री ने लखीमपुर की घटना पर अपनी बात सामने रखी. उन्होंने घटना के लिए पुलिस प्रशासन पर ही सवाल उठा दिए. पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए लखीमपुर में 3 अक्टूबर को किसानों पर गाड़ी चढ़ाए जाने और उसके बाद हिंसा में कुल 8 लोगों की मौत हो गई थी. इनमें 4 किसान, 2 बीजेपी कार्यकर्ता, एक गाड़ी का ड्राइवर और स्थानीय पत्रकार शामिल थे. भीड़ की हिंसा में जिस भाजपा कार्यकर्ता श्यामसुंदर निषाद की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी, रविवार को केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी उसके घर पहुंचे. उनके साथ लखीमपुर सदर सीट से विधायक योगेश वर्मा और अन्य भाजपा नेता भी थे. हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ता श्याम सुन्दर निषाद, हरिओम मिश्र और शुभम मिश्र की स्मृति में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन ग्राम पंचायत सिगहा खुर्द के स्कूल परिसर में किया गया. आजतक के अभिषेक वर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रार्थना सभा के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि किसान जब सड़क पर आंदोलन कर रहे थे, उस समय पुलिस उन्हें हटाने नहीं गई. अधिकारियों की मौजूदगी में रोड पर कब्जा होने दिया गया. अगर रोड पर किसान थे तो उस रोड को बैरिकेड लगाकर बंद क्यों नही किया गया? यह एक बड़ी लापरवाही है. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, अजय मिश्रा टेनी ने कहा कि पुलिस के सामने किसानों ने भाजपा कार्यकर्ता को खींचकर मार डाला, लेकिन पुलिस उसे बचा नहीं पाई. केंद्रीय मंत्री ने कहा,
"कार्यकर्ताओं में से एक, श्याम सुंदर निषाद शुरू में जीवित थे और एंबुलेंस तक पहुंच भी गए थे, लेकिन उन्हें खींच कर मार दिया गया... दोषी पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा. सरकार उनके खिलाफ जांच करेगी. सरकार ने जांच एजेंसी को खुली छूट दे रखी है."
केंद्रीय मंत्री ने श्याम सुन्दर निषाद के परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया और कहा कि उन्हें बीजेपी कार्यकर्ताओं की मौत का बेहद अफसोस है. भीड़ की हिंसा पर 37 लोगों को समन? प्रार्थना सभा के दौरान भाजपा विधायक योगेश वर्मा ने दावा किया कि भीड़ की हिंसा को लेकर भाजपा नेता सुमित जायसवाल ने जो तहरीर दी थी, उस पर 37 लोगों को समन जारी किया गया है. वर्मा ने कहा कि उन्हें आईजी ने इन समन के बारे में बताया है. अब इन लोगों को एसआईटी की टीम बुलाकर पूछताछ शुरू करेगी. बता दें कि सुमित जायसवाल लखीमपुर में शिवपुरी वॉर्ड से सभासद है. सुमित की तहरीर पर 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और बलवा सहित कई धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है. सुमित जायसवाल का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह हिंसा के बीच जीप से उतरकर भागता नजर आ रहा था.

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