खामेनेई की मौत के बाद अयातुल्लाह अलीरेज़ा अराफी ईरान के अंतरिम सुप्रीम लीडर बनाए गए हैं. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ISNA के अनुसार, वरिष्ठ मौलवी अलीरेजा अराफी संवैधानिक प्रक्रिया से खामेनेई के उत्तराधिकारी चुने जाने तक इस पद पर रहेंगे. ईरान की संवैधानिक व्यवस्था के मुताबिक, ऐसे वक्त में जब सुप्रीम लीडर की मौत के बाद देश के शीर्ष नेतृत्व की कुर्सी खाली होती है, तब शासन चलाने के लिए अस्थायी नेतृत्व परिषद (temporary leadership council) जिम्मेदार होती है.
खामेनेई की मौत के बाद इस नेता को सौंपी गई ईरान के सुप्रीम लीडर की जिम्मेदारी
खामेनेई की मौत के बाद ईरान के अंतरिम सुप्रीम लीडर के तौर पर अयातुल्ला अराफी को नियुक्त किया गया है. संवैधानिक तरीके से नए उत्तराधिकारी के चुने जाने तक वो इस पद को संभालेंगे.
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इस काउंसिल में राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन, चीफ जस्टिस गुलाम हुसैन मोहसेनी और गार्जियन काउंसिल के एक धर्मगुरु शामिल हैं. अयातुल्लाह अराफी को इसी अंतरिम काउंसिल के ‘ज्यूरिस्ट मेंबर’ के तौर पर नियुक्त किया गया है. जब तक संवैधानिक तरीके से देश को नया सुप्रीम लीडर नहीं मिल जाता, तब तक अराफी ही सर्वोच्च नेता के कर्तव्यों को निभाएंगे.
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अलीरेजा अराफी दिवंगत नेता खामेनेई के काफी भरोसेमंद करीबी माने जाते थे. खामेनेई के शासन के दौरान अराफी के पास कई महत्वपूर्ण पद थे. वह Assembly of Experts के डिप्टी चेयरमैन थे. Guardian Council के सदस्य और कोम (Qom) शहर में जुमे की नमाज के इमाम भी रहे. ईरान की सत्ता में उनका गहरा प्रभाव था.
बता दें कि साल 1989 से ईरान पर शासन कर रहे 86 साल के खामेनेई शनिवार, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के एक बड़े सैन्य हमले में मारे गए. इस हमले में इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के सैन्य ठिकानों, सरकारी इमारतों और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाया था. इसमें ईरान के रक्षामंत्री अमीर नासेरज़ादेह और रिवॉल्युशनरी गार्ड के कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद पाकपुर की भी मौत हो गई.
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू खामेनेई की मौत की घोषणा करने वाले पहले लोगों में शामिल थे. ट्रंप ने X पर लिखा कि ‘इतिहास के सबसे क्रूर लोगों में से एक खामेनेई की मौत हो गई है. यह न केवल ईरान के लोगों के लिए न्याय है, बल्कि सभी अमेरिकियों और दुनिया भर के कई देशों के उन लोगों के लिए भी इंसाफ है, जिन्हें खामेनेई और उसके खूनी गुंडों के गिरोह ने मार डाला या प्रताड़ित किया.'
ईरान ने पहले तो खामेनेई की मौत की खबरों का खंडन किया, लेकिन रविवार, 1 मार्च की सुबह उनकी मौत की पुष्टि कर दी.
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