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आतंकी संगठन IS में 'शामिल' हुआ केरल का इंजीनियरिंग छात्र मारा गया

पांच साल पहले अचानक से गायब हो गया था छात्र.

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आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट. (सांकेतिक तस्वीर: इंडिया टुडे)
आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट में कथित तौर पर शामिल होने गए केरल के एक युवक को मार दिया गया है. आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट की तरफ से छापी जाने वाली पत्रिका 'वॉइस ऑफ खोरासन' में ये बात कही गई है. आतंक का प्रचार करने वाली इस पत्रिका में युवक के ऊपर एक आर्टिकल भी छापा गया है. युवक ने कथित तौर पर साल 2017 में अफगानिस्तान के खोरासन में इस्लामिक स्टेट को जॉइन किया था. इंजीनियरिंग का छात्र था युवक इंडिया टुडे से जुड़े, अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक जिस युवक के मारे जाने की बात कही जा रही है, वो केरल के मल्लपरम (Malapuram) का रहने वाला था. युवक का नाम नजीब है. नजीब तमिलनाडु के वेल्लोर में रहकर इंजीनियरिंग (एम टेक) की पढ़ाई कर रह था. 2017 में नजीब कथित तौर पर IS में शामिल होने के लिए अफगानिस्तान चला गया, लेकिन उसके परिजनों को लगा कि वो लापता हो गया है. उन्होंने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी. पुलिस ने जब नजीब की तलाश की तो पता चला कि उसने भारत छोड़ दिया है. सुरक्षा एजेंसी के अधिकारी ने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को बताया,
"हमें बाद में पता चल कि नजीब ने देश छोड़ दिया और अफगानिस्तान में IS में शामिल हो गया. हमें नहीं पता कि अफगानिस्तान में उसकी मौत कब हुई. वॉइस ऑफ खोरासन में छपे आर्टिकल से ही हमें उसकी मौत के बारे में पता चला है."
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, नजीब के परिजनों ने मैगजीन में छपी उसकी फोटो को देखकर उसके मरने की पुष्टि की है. 2017 में भारत से लापता होने के कई हफ्तों के बाद नजीब ने कथित तौर पर टेलीग्राम एप से अपने परिवार को एक मैसेज कर बताया था कि वो इस्लामिक स्टेट में शामिल होने कए लिए जा रहा है. उसने मैसेज में लिखा था,
"काफिरों से भरी इस दुनिया में रहने का कोई मतलब नहीं है. मैं काफिरों की इस दुनिया से दूर हो रहा हूं."
आतंकी संगठन के द्वारा छापी गई मैग्जीन 'वॉयस ऑफ खोरासन' में नजीब की मौत पर छपा लेख (फोटो आजतक)
आतंकी संगठन के द्वारा छापी गई मैगजीन 'वॉयस ऑफ खोरासन' में नजीब की मौत पर छपा लेख (फोटो: आजतक)

वॉइस ऑफ खोरासन में छपे आर्टिकल में नजीब का नाम 'नजीब अल हिंदी' लिखा है. मैगजीन के मुताबिक नजीब अल हिंदी ISKP के मुजाहिद्दीनों के बीच रहता था. नजीब की शादी पाकिस्तानी लड़की से हुई थी और शादी के कुछ दिन बाद ही नजीब अल हिंदी ने फिदायीन हमले के लिए खुद को तैयार किया था और बकायदा हमले को अंजाम भी दिया था. मैगजीन में किए गए इस दावे से खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ गई है.

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