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स्कूल में बच्चों ने गाए तीन धर्मों के गाने, 'अजान' वाला सुन कुछ लोग भड़के, माफी मंगवा ली

कर्नाटक के 'मदर टेरेसा मेमोरियल स्कूल' में चल रहा था कार्यक्रम, हिंदूवादी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया

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स्कूल प्रबंधन ने नाराज हुए लोगों को समझाने की खूब कोशिश की | फोटो: इंडिया टुडे

कर्नाटक (Karnataka) का उडुपी जिला (Udupi District) काफी समय से चर्चा में है. एक बड़ा मुद्दा इसी जिले से निकला और पहले निचली अदालत और फिर हाईकोर्ट होते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया. मुद्दा था स्कूल में हिजाब पहनने का, जिसका कर्नाटक की सरकार विरोध कर रही है. अब इसी उडुपी जिले के एक स्कूल में ‘अजान’ को लेकर बवाल हुआ है. स्कूल का नाम है 'मदर टेरेसा मेमोरियल स्कूल'.

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इंडिया टुडे से जुड़े सागय राज की एक रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार, 16 नवंबर को मदर टेरेसा मेमोरियल स्कूल ने अपना वार्षिक खेल दिवस समारोह आयोजित किया. इस कार्यक्रम के दौरान कुछ स्टूडेंट्स ने स्वागत गीत गाए. उन्होंने हिंदू, मुस्लिम और ईसाई तीनों धर्मों के गाने गाए. बताते हैं कि जब छात्रों ने मुस्लिम समुदाय की 'अजान' से जुड़ा गीत गाया तो कुछ हिंदूवादी कार्यकर्ता भड़क गए.

आजतक के मुताबिक इन कार्यकर्ताओं ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. और ये लोग 'अजान' से संबंधित गीत स्टेज पर गाने के लिए माफ़ी की मांग करने लगे. स्कूल से जुड़े अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन जब वे नहीं माने, तो स्कूल प्रशासन ने लिखित माफ़ी जारी की.

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पीटीआई के मुताबिक स्कूल प्रबंधन ने माफी मांगते हुए माना कि 'अजान' का गीत बजाना उसकी गलती थी. प्रबंधन ने अपील करते हुए ये भी कहा है कि वो इस मसले पर और विवाद नहीं चाहता.

हिंदू संगठन ने कहा- 'शिकायत तो करेंगे'

पीटीआई के मुताबिक कर्नाटक के हिंदूवादी संगठन 'हिंदू जनजागृति समिति' के प्रवक्ता मोहन गौड़ा ने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने हिंदू छात्रों को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया है, ये पूरी तरह से गलत बात है.

गौड़ा ने ये आरोप भी लगाया कि मदर टेरेसा मेमोरियल स्कूल ने कुछ समय पहले हिंदू छात्राओं के बिंदी लगाने, चूड़ियां और पायल पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया था, जो कर्नाटक शिक्षा अधिनियम के खिलाफ है. उनके मुताबिक वो राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग और राज्य के शिक्षा विभाग में स्कूल की शिकायत करेंगे.

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