कर्नाटक सरकार की वरिष्ठ अधिकारी प्रतिमा केएस की हत्या के मामले में पुलिस ने एक शख्स को हिरासत में लिया है (Prathima KS murder accused arrested). बताया गया है कि किरन नाम का ये शख्स पहले प्रतिमा केएस के लिए ड्राइवर का काम करता था. कुछ ही समय पहले प्रतिमा ने उसे नौकरी से निकाल दिया था.
सीनियर अधिकारी प्रतिमा केएस की हत्या मामले में धरे गए ड्राइवर के बारे में बड़ी जानकारी आई है
प्रतिमा केएस का शव उनके घर से मिला था. उनके साथ काम करने वालों ने बताया कि उन्होंने हाल में ही कुछ जगहों पर छापे मारे थे.


हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 43 साल की प्रतिमा केएस भूवैज्ञानिक थीं. वह कर्नाटक के खान एवं भूविज्ञान विभाग में काम करती थीं. वह डोड्डाकल्लासंद्रा के कुवेम्पु नगर में रहती थीं. 5 नवंबर को प्रतिमा का शव उनके घर से मिला था. खबरों के मुताबिक शुरूआती जांच में पुलिस ने संकेत दिए थे कि हमलावर ने गला घोंट और काटकर हत्या को अंजाम दिया. आशंका जताई जा रही थी कि हत्यारा प्रतिमा का परिचित रहा होगा.
जांच के दौरान ये पता चला है कि 4 अक्टूबर की रात 8 बजे प्रतिमा के नए ड्राइवर ने उनको घर छोड़ा था. अगली सुबह उनका शव बरामद हुआ. हिंदुस्तान टाइम्स ने बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर बी दयानंद के हवाले से लिखा है कि पुलिस गिरफ्तार ड्राइवर से पूछताछ कर रही है. उसको हाल में ही नौकरी से निकाल दिया गया था. कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि आरोपी किरन इससे नाराज था. प्रतिमा की हत्या के बाद उसके फरार होने की भी जानकारी सामने आई. हालांकि कमिश्नर ने उससे और पूछताछ करने की बात कही है.
शिवमोग्गा से एमएससी की डिग्री हासिल करने वाली प्रतिमा पिछले डेढ़ साल से बेंगलुरु में काम कर रही थीं. इससे पहले वह रामनगर में नौकरी कर रही थीं. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिमा के साथ काम करने वालों ने बताया था कि उन्होंने हाल में कुछ जगहों पर छापे मारे थे. वहीं परिवार के एक सदस्य ने बताया,
"वो बहादुर महिला थीं. चाहे रेड करनी हो या कोई कार्रवाई, उन्होंने विभाग में काफी प्रतिष्ठा हासिल की थी. हाल में उन्होंने कुछ जगहों पर रेड की थी. उनका कोई दुश्मन नहीं था."
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हत्या के इस मामले पर कर्नाटक में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. बेंगलुरु साउथ के भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने इस मामले को पूरे कर्नाटक के लिए चौंकाने वाली घटना बताया है. उन्होंने कर्नाटक सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था खराब हो गई है.
वहीं सीएम सिद्धारमैया ने मामले की जांच कराने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि प्रतिमा बेंगलुरु में अकेली रह रही थीं. सीएम ने कहा था कि अभी तक हत्या की असल वजह नहीं पता चली है.
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