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'बेशक तिरंगे की जगह लेगा भगवा झंडा', बीजेपी के बड़े नेता ने मुस्लिमों को भी 'ज्ञान' दे दिया

भगवा झंडे पर बयान देने के एक दिन बाद ईश्वरप्पा ने कहा कि उन्हें खुशी होगी अगर मुस्लिम संगठन 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारे लगाएंगे.

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कर्नाटक के पूर्व मंत्री केएस ईश्वरप्पा (फाइल फोटो)

कर्नाटक के बीजेपी नेता केएस ईश्वरप्पा (KS Eshwarappa) अपने बयान के कारण एक बार विवादों में घिर गए हैं. ईश्वरप्पा ने कहा है कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि भगवा झंडा एक दिन देश का राष्ट्रीय झंडा बन जाएगा. उन्होंने कहा कि भगवा के लिए सम्मान कल या आज शुरू नहीं हुआ है, बल्कि ये हजारों सालों से है. उनका ये बयान रविवार 29 मई को आया. ईश्वरप्पा कर्नाटक के पूर्व मंत्री हैं और पहले भी इस तरह के बयानों की वजह से चर्चा में रह चुके हैं.

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‘भगवा झंडा त्याग का प्रतीक’

इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक मीडिया से बातचीत के दौरान ईश्वरप्पा ने कहा, 

"इस देश में भगवा झंडे का सम्मान लंबे समय से होता रहा है. भगवा झंडा त्याग का प्रतीक है. आरएसएस के भीतर, हम उस त्याग की भावना को लाने के लिए भगवा झंडे के सामने प्रार्थना करते हैं. इसमें कोई संदेह नहीं है कि भगवा झंडा एक दिन राष्ट्रीय झंडा बनेगा. हमें तिरंगा तब नहीं फहराना है जब वे (कांग्रेस) हमें बोलेंगे. संविधान के अनुसार तिरंगा देश का राष्ट्रीय झंडा है और तिरंगे को जो सम्मान देना चाहिए हम उसे देते हैं."

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भगवा झंडे पर बयान देने के एक दिन बाद ईश्वरप्पा ने देश के मुसलमानों को भी अपना 'ज्ञान' दे दिया. डेक्कन हेराल्ड के मुताबिक उन्होंने सोमवार 30 मई को रिपोर्टर्स से कहा,

"उन्हें (मुस्लिम) समझना चाहिए कि उन्होंने भारत में जन्म लिया. वे यहां का अन्न खाते हैं. यहां बहने वाली नदियों से पानी पीते हैं और यहीं की हवा में सांस लेते हैं. इसलिए वे भारत के नागरिक हैं. मुझे बहुत खुशी होगी अगर मुस्लिम 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारे लगाएंगे."

ईश्वरप्पा कर्नाटक के शिमोगा से 5 बार के विधायक हैं. उन्होंने इसी तरह का बयान पहले भी दिया था जिससे काफी विवाद बढ़ा था. बीती 9 फरवरी को ईश्वरप्पा ने कहा था, 

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"हम हर जगह भगवा झंडा फहराएंगे. आज नहीं तो कल, भारत एक हिंदू राष्ट्र बनेगा. लाल किले पर भी भगवा झंडा लहराया जाएगा."

सीएम बसवराज बोम्मई ने किया था बचाव

उनके इस बयान के बाद कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के नेताओं ने ईश्वरप्पा के इस्तीफे की मांग कर दी थी. कांग्रेस नेताओं ने 16 फरवरी को कर्नाटक विधानसभा के भीतर तिरंगा लेकर प्रदर्शन किया था. लेकिन कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई ने उस वक्त ईश्वरप्पा के बयान का बचाव किया था और कहा था कि उन्होंने कानूनी तौर पर कुछ भी गलत नहीं किया है इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकती है.

हालांकि दो महीने बाद ही ईश्वरप्पा को कैबिनेट से इस्तीफा देना पड़ा था. वजह उनके विवादित बयान नहीं थे. बल्कि उनके ऊपर एक कॉन्ट्रैक्टर को सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप लगा था. मामले में ईश्वरप्पा के खिलाफ केस भी दर्ज हुआ था. आरोपों के मुताबिक मंत्री रहते हुए उन्होंने कॉन्ट्रैक्टर से काम के बदले 40 फीसदी कमीशन मांगा था. बीजेपी नेता ने इन आरोपों को गलत बताया था. बता दें कि बोम्मई सरकार में ईश्वरप्पा ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री थे.

वीडियो: ठेकेदार के मौत के मामले में फंसे बीजेपी के मंत्री के एस ईश्वरप्पा

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