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'ऐ दिल है मुश्किल' के इस डायलॉग की वजह से गरियाए गए करण जौहर

बहुत बड़े सिंगर के बेटे ने कहा, 'मुंह पर तारीफ करने वाले करण जौहर, पीठ पीछे थू-थू करते हैं.'

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फोटो - thelallantop
अक्सर शांत ही रहने वाला मोहम्मद रफी का परिवार इस वक्त बहुत गुस्से में है. और इसके पीछे है करण जौहर की नई फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल'. रफी के परिवार का कहना है कि फिल्म के एक डायलॉग में मोहम्मद रफी को नीचा दिखाया गया है.
दरअसल अनुष्का इस फिल्म के एक डायलॉग में रणबीर कपूर से कहती हैं, 'मोहम्मद रफी गाते नहीं रोते थे'. इसी वजह से रफी का परिवार बहुत गुस्से में है.
अखबार 'इंडियन एक्सप्रेस' से बात करते हुए रफी के बेटे शाहिद ने कहा,
'ऐसा बिल्कुल नहीं कि फिल्म की सिचुएशन के हिसाब से इस डायलॉग को रखा गया है. ये फिल्म को न आगे बढ़ाता है, न कहीं ले जाता है. तो इस डायलॉग को फिल्म में रखने की क्या जरूरत थी? डायलॉग लिखते वक्त भी उनको ये ख्याल नहीं आया कि वो किसके बारे में बात कर रहे हैं? मोहम्मद रफी एक बहुत ही अलग तरह का टैलेंट रखने वाले महान गायक थे और मैं ऐसा बस इसलिए नहीं कह रहा कि वो मेरे पिता थे. उनकी मौत के 36 साल बाद भी मेरे पिता जी की फैन फालोईंग इंडस्ट्री के दूसरे किसी भी सिंगर से ज्यादा है. मेरे पिता जी खुद में एक संस्था थे. वो बहुत डाउन-टू-अर्थ इंसान थे. वो बिल्कुल संत जैसे इंसान थे. लोग आज भी उनकी पूजा करते हैं. कोई भी इंडस्ट्री में मेरे पिता के बारे में कुछ बुरा नहीं कहता है. ये डायलॉग बेइज्जती है. ये बेवकूफी है. आदमी जिसने ये डायलॉग लिखा है बेवकूफ है. मेरे पिता जी ने शम्मी कपूर, राजेंद्र कुमार, जॉय मुखर्जी, बिस्वजीत सिंह के लिए गाया है. लव सांग्स से लेकर कव्वाली तक सब कुछ. जो कुछ भी फिल्म में कहा गया है वो कहना बेहूदा है.'
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मोहम्मद रफी

शाहिद इस बात को लेकर चौंके हुए लगे कि करण जौहर जैसे फिल्म मेकर ने इसे अपनी फिल्म में यूज किया है. शाहिद ने ये भी कहा,
'ये देखने के बाद मुझे शक हो रहा है कि करण को थोड़ी भी समझ नहीं थी, कि वो क्या कर रहे हैं? ये मेरे पिता की बेइज्जती है. मैं शर्मिंदा हूं कि और मैंने करण जौहर से ये उम्मीद नहीं की थी. जब उनके पिता यश जोहारजी ने 1980 में दोस्ताना फिल्म बनाई थी, मेरे पिता जी ने उनकी फिल्म में गाने गाए थे. गाना 'मेरे दोस्त किस्सा ये क्या हो गया, सुना है तू बेवफा हो गया ' ये करण जौहर पर फिट बैठता है. मुझे नहीं पता कि इसे फिल्म में क्यों शामिल किया गया है. शायद शोहरत ज्यादा सिर चढ़ गई है. जब शोहरत सर चढ़ जाती है, लोग मुंह पर तारीफ करते हैं और पीठ पीछे थू-थू करते हैं.'
शाहिद अब सेंसर बोर्ड के चीफ पहलाज निहलानी से इस बारे में बात करने के बारे में सोच रहे हैं. शाहिद ने गुस्से में कहते हैं, 'मेरे पास इसके खिलाफ एक्शन लेने के लिए फैंस के बहुत सारे मैसेज आए हैं. मैं पहलाज जी से बात करूंगा. मैं उनको बहुत अच्छे से जानता हूं. मैं देखता हूं कि वो क्या कहते हैं. उनसे सुझाव लेकर उसी के हिसाब से एक्शन लूंगा. ये लाइन सेंसर की ही जानी चाहिए.'


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