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'मैं सहमत हूं, हलाल को... ' कांवड़ यात्रा पर आए सोनू सूद के बयान पर कंगना ने अब ये क्या कह दिया?

Uttar Pradesh में Kanwar Yatra मामले पर सोनू सूद को BJP सांसद कंगना रनौत ने जवाब दिया है. Chirag Paswan भी बोले हैं. RLD ने भी बयान जारी किया है. इन सबका इस मुद्दे पर क्या कहना है?

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कांवड़ यात्रा मामले में आमने-सामने BJP और उसके अपने ही सहयोगी दल (फोटो- आजतक)

कांवड़ यात्रा पर उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ के नए फैसले को लेकर विवाद शुरू हो गया है (UP Kanwar Yatra CM Yogi). ताजा आदेश में कांवड़ यात्रा वाले रास्तों पर पड़ने वाली खाने-पीने की दुकानों पर उनके मालिकों का नाम लिखने को कहा गया है. विपक्ष के तमाम नेता इसका विरोध कर रहे हैं. एक्टर सोनू सूद ने भी एक पोस्ट किया जिस पर BJP सांसद कंगना रनौत ने जवाब दिया है.

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सोनू सूद ने 19 जुलाई को पोस्ट में लिखा,

हर दुकान पर केवल एक नेम प्लेट होनी चाहिए- Humanity यानी मानवता.

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ये पोस्ट शेयर कर कंगना ने लिखा,

मैं सहमत हूं. Halal (हलाल) को Humanity से रिप्लेस किया जाना चाहिए.

BJP के सहयोगी ही तंज कसने लगे

इस मामले को लेकर बीजेपी के सहयोगी ही उसपर सवाल उठाने लगे हैं. LJP अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने PTI के साथ बातचीत की. बोले,

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गरीबों के लिए काम करना हर सरकार की जिम्मेदारी है जिसमें समाज के सभी वर्ग जैसे दलित, पिछड़े, ऊंची जातियां और मुस्लिम भी शामिल हैं. जब भी जाति या धर्म के नाम पर इस तरह का विभाजन होता है, मैं न तो इसका समर्थन करता हूं और न ही इसे प्रोत्साहित करता हूं. मुझे नहीं लगता कि मेरी उम्र का कोई भी शिक्षित युवा ऐसी चीजों से प्रभावित होता है. मैं केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के सामने अपनी आपत्तियां उठाऊंगा.

BJP की एक और सहयोगी पार्टी RLD ने भी योगी आदित्यनाथ के इस फैसले पर सवाल उठाया है. पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अनुपम मिश्रा ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा,

खाद्य सुरक्षा नियमों के मुताबिक, हर भोजनालय को केवल अपना नाम और अपने उत्पादों की डीटेल को डिस्पले करना होता है. अगर नियम लागू करना है तो इसे लाल या हरे सिंबल के साथ शाकाहारी और मांसाहारी में डिवाइड किया जाना चाहिए, जैसे खाने के पैकेट पर होता है. हमारे देश में अलग-अलग समुदायों के लोग हैं और सद्भाव बनाए रखा जाना चाहिए. हम इस मुद्दे को केंद्र और राज्य में उठाएंगे.

'कोर्ट को दखल देना चाहिए… '

वहीं, उत्तर प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने एक पोस्ट में लिखा,

ऐसे आदेश पूरी तरह से खारिज होने चाहिए. माननीय न्यायालय सकारात्मक हस्तक्षेप करते हुए शासन के माध्यम से ये सुनिश्चित करवाए कि भविष्य में ऐसा कोई भी विभाजनकारी काम शासन-प्रशासन नहीं करेगा.

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस मसले पर लिखा,

ये मुसलमानों के आर्थिक बॉयकॉट की दिशा में उठाया गया कदम है या दलितों के आर्थिक बॉयकॉट का, या दोनों का, हमें नहीं मालूम.

ये भी पढ़ें- कांवड़ यात्रा मामले में CM योगी की एंट्री, अब पूरे UP के लिए आदेश जारी, दुकानों पर लिखना होगा मालिक का नाम

दूसरी तरफ, राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि कांवड़ यात्रियों की आस्था की शुचिता बनाए रखने के लिए ये फैसला लिया गया है. ये भी कहा गया है कि हलाल सर्टिफिकेशन वाले प्रोडक्ट बेचने पर भी कार्रवाई की जाएगी.

वीडियो: योगी सरकार ने कांवड़ यात्रा पर आदेश जारी किया, कारीगर परेशान

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