उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर (Kanpur Violence) में शुक्रवार, 3 जून को हिंसा और पथराव की घटना देखने को मिली थी. कानपुर हिंसा मामले में पुलिस ने कथित मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी समेत 36 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. इसी बीच पुलिस की कार्रवाई पर कानपुर के काजी प्रमुख मौलाना अब्दुल कद्दूस कादी ने सवाल उठाए. साथ ही उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मामले में कथित एकतरफा कार्रवाई नहीं किए जाने की मांग भी की.
कानपुर हिंसा: पुलिस पर लगे एकतरफा कार्रवाई के आरोप, तो कमिश्रनर ने ये जवाब दिया
कानपुर पुलिस कमिश्नर का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम में PFI का कथित कनेक्शन सामने आ रहा है. उन्होेंने कहा कि इसकी भी जांच चल रही है. उन्होंने कहा कि आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं. जिनकी जांच की जा रही है.


ताजा जानकारी के मुताबिक, रविवार, 5 जून को पुलिस ने हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किए गए हयात जफर हाशमी, जावेद अहमद खान, मोहम्मद राहिल और मोहम्मद सूफियान को मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया. जहां कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. अब तक इस मामले में 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
Kanpur Police पर आरोपपुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट काजी प्रमुख मौलाना अब्दुल कदूस कादी का कहना है कि हिंसा की शुरुआत कथित तौर पर दूसरे समुदाय ने की थी और उनके खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जानी चाहिए. उनका कहना है कि भाजपा नेता नूपुर शर्मा का बयान मुस्लिम समुदाय के लिए असहनीय था. हम पुलिस कमिश्नर से इस बारे में बात करेंगे कि एकतरफा कार्रवाई ना की जाए. दूसरे समुदाय के जिन लोगों ने कथित तौर पर हिंसा शुरू की थी, उनके खिलाफ भी FIR दर्ज की जानी चाहिए.
इस मामले में कानपुर के पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा ने आजतक से खास बातचीत में पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब दिए. उन्होंने कहा कि पुलिस सभी साइंटिफिक सबूत जुटाने के बाद ही कार्रवाई कर रही है. साथ ही सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर दंगा करने वालों की पहचान की जा रही है. कानपुर पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा ने कहा,
“सीसीटीवी से 100 लोगों की पहचान की गई है. 16 लोगों को मौके से ही गिरफ्तार किया गया है. इस मामले की जांच चल रही है. जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. हमारे पास सभी के नाम आ गए हैं. दो से तीन दिन में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.”
उन्होंने आगे बताया कि आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाया जाएगा और इनकी प्रॉपर्टी भी जब्त की जाएगी.
कानपुर पुलिस कमिश्नर का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम में PFI का कथित कनेक्शन सामने आ रहा है. उन्होेंने कहा कि इसकी भी जांच चल रही है. पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा का कहना है कि अब तक की जांच में हयात जफर हाशमी मास्टरमाइंड पाया गया है, उसकी साजिश नजर आ रही है. आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं. जिनकी जांच की जा रही है. साथ ही आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट भी खंगाले जा रहे हैं. उन्होंने आगे बताया,
"PFI से संबंधित कुछ लिटरेचर मिला है. इसमें मोबाइल को भी सीज किया गया है, जिसकी जांच कर रहे हैं. जल्द ही पूरा खाका तैयार करेंगे. हम सभी पहलुओं को लेकर चल रहे हैं. पीएफआई कनेक्शन को लेकर इनकार नहीं किया जा सकता है."
कानपुर के पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अबतक की जांच में पता चला है कि इन लोगों ने शहर का माहौल खराब करने की कोशिश की थी. पूरे मामले की जांच करने के लिए SIT गठित की गई है. साथ ही एक और टीम गठित गई है जो इस मामले को लेकर जितनी भी कार्रवाई हो रही है और मुकदमें दर्ज किए जा रहे हैं, उन्हें देखेगी. ये दोनों टीमें तय करेंगी की आगे की कार्रवाई किस तरह की जाएगी.
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