उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में एक युवक नौकरी की तलाश में था. नौकरी की तलाश करते-करते वो एक व्यक्ति के पास पहुंचा. व्यक्ति ने नौकरी तो नहीं दिलाई लेकिन उसे नौकरी देने के बहाने बेच डाला.
नौकरी खोजने वाले लड़के के हाथ-पैर तोड़े, अंधा किया और भीख मांगने वाले 'गैंग' को बेच दिया!
अंधा करने के लिए आंखों में केमिकल डाल दिया!
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आज तक से जुड़ी सिमर चावला की रिपोर्ट के मुताबिक मामला कानपुर के नौबस्ता इलाके में रहने वाले 30 साल के सुरेश मांझी से जुड़ा है. सुरेश 6 महीने पहले नौकरी की तलाश के लिए निकले थे. इसी बीच उन्हें मछरिया पिंक बिल्डिंग में रहने वाले विजय मिले. विजय ने सुरेश को नौकरी देने का वादा किया. लेकिन बाद में विजय ने सुरेश को शहर में स्थित झकरकटी पुल के नीचे बंधक बना लिया.
इसके बाद विजय ने सुरेश की पिटाई की. सुरेश के हाथ के पंजे और पैर भी तोड़ दिए. यहां तक विजय ने सुरेश की आंखों में केमिकल डालकर उन्हें अंधा तक कर दिया. सुरेश के शरीर में कई जगह गोलियों के निशान भी थे.

विजय सिर्फ यहां ही नहीं रुका. उसने सुरेश को 70 हजार रुपये में दिल्ली स्थित एक गैंग को बेच दिया. आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक ये गैंग दिल्ली में भीख मांगने वालों का गैंग था और गैंग का लीडर राज नाम का एक व्यक्ति था. गैंग में सुरेश को इतना प्रताड़ित किया गया कि उसकी तबीयत बिगड़ती गई. दो महीने पहले गैंग लीडर राज ने सुरेश को वापस कानपुर भेज दिया. कानपुर में विजय ने सुरेश को भीख मांगने के लिए भी मजबूर किया. सुरेश को न खाना मिलता और ना ही पानी.
लेकिन बीता रविवार सुरेश के लिए एक रौशनी की तरह आया. शहर के किदवई नगर इलाके में सुरेश एक राहगीर से मिला. राहगीर की मदद से सुरेश अपने घरवालों तक पहुंच गया. घर पहुंचते ही सुरेश के भाई रमेश व प्रवेश ये देख चौंक गए. दोनों ने सुरेश को गले लगाया. गुरुवार, 3 नवंबर के दिन क्षेत्रीय पार्षद को घटना के बारे में पता चला. इसके बाद पार्षद ने परिवार वालों की मदद से शहर के नौबस्ता पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. कानपुर साउथ डीसीपी प्रमोद कुमार ने कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. जांच के लिए एक टीम का गठन भी कर दिया गया है.
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