अनुराग कश्यप, कबीर खान.
चार दोस्तों - अनुराग कश्यप, विकास बहल, विक्रमादित्य मोटवानी, मधु मंटेना - ने मिलकर फैंटम फिल्म्स नामक कंपनी की स्थापना की तो भारतीय फिल्मों के कंटेंट और निर्माण में बुनियादी तब्दीली लाने के लिए. इरादा ये था कि जब एक, फिल्म डायरेक्ट करेगा तो बाकी तीनों उसके सिर से निर्माता की झिक-झिक और अन्य प्रकार के प्रबंधन का भार ले लेंगे जिससे वो सिर्फ और सिर्फ अपने art और रचनात्मकता पर ध्यान दे सकेगा. इस मॉडल की लंबे समय से जरूरत थी.
अनुराग एंड पार्टी ने बॉम्बे वेलवेट बनाई. 100 करोड़ से ज्यादा की फिल्म रणबीर कपूर, अनुष्का शर्मा और करण जौहर को लेकर. बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने कारोबार से जुड़े लोगों को बहुत निराश किया. विकास बहल द्वारा निर्देशित शाहिद कपूर, आलिया भट्ट स्टारर शानदार ने भी अपने बजट को निकालकर नहीं दिया और ये फैंटम की दूसरी सबसे बड़ी फ्लॉप साबित हुई. फिर अनुराग रमन राघव 2.0 के साथ कम बजट की जबरदस्त थ्रिलर्स वाली अपनी खासियत की ओर लौट गए. फिल्म बहुत सराही गई.
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. इससे ठीक पहले
उड़ता पंजाब रिलीज हुई जो हाल के वर्षों की पहली ऐसी फिल्म थी जिसमें खुले तौर पर असल जिंदगी के इतने बड़े मसले - पंजाब में नशे की समस्या और उसमें राज्य के सत्ताधारी राजनीतिक दल के सीधे शामिल होने के आरोप - को सिरे से पकड़ा गया और अपनी मर्जी मुताबिक artistic तरीके से दिखाया गया. सेंसर के बैन और फिल्म के लीक होने जैसी परेशानियों के बावजूद फिल्म लगी और बहुत सराही गई. इसे अभिषेक चौबे ने डायरेक्ट किया था वे विशाल भारद्वाज के सहयोगी रहे हैं. फिर इश्किया सीरीज भी डायरेक्ट कर चुके हैं.
फैंटम के साथ नई-नई कहानियां कहती चल रही अनुराग एंड कंपनी इस बार कुछ ऐसा करने जा रही है जिससे उन्हें न सिर्फ आलोचकों की तारीफ मिले बल्कि बॉक्स ऑफिस पर ट्रक भरकर नोट भी.
इस कंपनी ने 1983 के क्रिकेट वर्ल्ड में भारत को मिली ऐतिहासिक जीत की कहानी खरीद ली है. अब वे इस पर फिल्म बनाएंगे. https://youtu.be/78sh10Bz_YY हाल ही में मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में अनुराग कश्यप, मधु मंटेना और अन्य लोग 83' की क्रिकेट टीम के साथ मौजूद थे. विनिंग टीम के कप्तान कपिल देव की खुशी का पार न था. उन्होंने शैंपेन की बोतल खोली और बाद में फिल्म बनाने के अधिकार वाले काग़जों पर दस्तख़त करके अनुराग एंड कंपनी को दे दिए. वहां गाना गाते श्रीकांत, झूमते मदनलाल और अन्य खिलाड़ी भी थे. बस सुनील गावस्कर मौजूद नहीं थे. एक, इतना ऐतिहासिक विषय इस बेहद कुशल निर्माण कंपनी को मिला है तो कंटेंट और वर्ल्डकप की कहानी के ट्रीटमेंट को लेकर आश्वस्त हुआ जा सकता है.
क्वीन, रमन राघव 2.0 और
उड़ता पंजाब में ये दिखा है. दूसरा, फिल्म का निर्देशन दिया गया है कबीर खान को.
स्पॉटबॉयई पोर्टल का ऐसा दावा है. अभी इसकी पुष्टि फैंटम फिल्म्स या कबीर खान ने नहीं की है. कबीर की पिछली फिल्म सलमान खान स्टारर
बजरंगी भाईजान थी जो बॉलीवुड के इतिहास में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में दूसरे नंबर पर है. ये फिल्म अब तक दुनिया भर में 625 करोड़ रुपये से ज्यादा कमा चुकी है - (पहले नंबर पर 790 करोड़ के साथ आमिर खान की
पीके है). 2012 में सलमान को लेकर ही कबीर
एक था टाइगर लाए थे जो उस साल सबसे ज्यादा धनवर्षा करने वाली फिल्म थी. आज इसकी वैश्विक कमाई 320 करोड़ पर खड़ी है. अनुराग और कबीर का ये कॉम्बो मनोरंजन के लिहाज से काफी मजेदार हो सकता है. फिलहाल कबीर सलमान खान को लेकर फिल्म
ट्यूबलाइट बनाएंगे जिसकी शूटिंग 9 दिन में शुरू हो रही है.
इसके अलावा कबीर ने भारत-चीन के सह-निर्माण से बनने वाली फिल्म
ज़ूकीपर भी साइन कर ली है जिसे 2018 में रिलीज होना है. ये एक ट्रैवल ड्रामा है. अनुराग द्वारा निर्मित फिल्म को लेकर फिलहाल कहा गया है कि इसकी शूटिंग इस साल के अंत में या अगले साल के शुरू में शुरू हो सकती है. अगर कबीर ही इसका निर्देशन करेंगे तो समय कब निकालेंगे ये देखना होगा. इसके लिए कलाकारों और बाकी क्रू का चयन होना भी बाकी है. वैसे 83' के वर्ल्डकप से प्रेरित एक फिल्म दो साल पहले भी आ चुकी है. 2014 में ये फिल्म रिलीज हुई थी जो मलयालम में थी. इस स्पोर्ट्स ड्रामा का नाम था
1983. इसमें अभिनेता रमेशन का पात्र भारत की वर्ल्डकप जीत के दौरान की घटनाओं को याद कर रहा होता है. ये फिल्म सचिन तेंडूलकर को भी ट्रिब्यूट थी. इस फिल्म को बेस्ट बैकग्राउंड स्कोर का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था. https://www.youtube.com/watch?v=jFTNroAdwDc