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गुजरात दंगे के दोषी ने महिला पत्रकार को पीटा!

पैरोल पर बाहर चल रहा है सुरेश छारा. इंटरव्यू करने गई थीं रेवती लॉल.

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रेवती.
गुजरात दंगा केस में दोषी है सुरेश छारा. पैरोल पर बाहर चल रहा है. बुधवार की शाम एक पत्रकार उसका इंटरव्यू करने गई, लेकिन उसने पत्रकार पर कथित तौर पर हमला कर दिया. घटना अहमदाबाद की है. NDTV की पूर्व पत्रकार और अब फ्रीलांस राइटर रेवती लॉल नरोडा पाटिया नरसंहार केस के दोषियों पर किताब लिख रही हैं. इसी मामले में वह सुरेश छारा से मिलने उसके घर गई थीं. लेकिन उनका आरोप है कि जब उन्होंने सुरेश से कुछ सवाल पूछे तो उसने घूंसे और थप्पड़ से हमला कर दिया. रेवती ने बताया कि सुरेश छारा के बेटे और पड़ोसियों के बीच में आने के बाद वह किसी तरह वहां से भाग आईं. उन्होंने कहा, 'मैं उसके घर गई थी. मैंने उससे विनम्रता से पूछा कि क्या वह अपने बारे में कुछ बाते बताएगा. जैसे पास्ट और फैमिली के बारे में. लेकिन बिना किसी उकसावे के उसने मुझ पर हमला कर दिया. वह मुझे मारता रहा और फिर मेरा सिर दीवार पर दे मारा. मैं किसी तरह वहां से भाग पाई.' घटना के बाद रेवती लॉल ने एक सरकारी अस्पताल से ट्रीटमेंट लिया. फिर वेजलपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत की. रेवती एक साल से ज्यादा समय से अहमदाबाद में हैं और अपनी किताब पर काम कर रही हैं. नरोडा पाटिया दंगा केस में सुरेश छारा को 2013 में 31 साल कैद की सजा सुनाई गई थी. गुजरात दंगों का सबसे घिनौना रूप नरोडा पाटिया में दिखा था, जहां करीब 100 लोगों की मौत हो गई थी. सुरेश को लोकल कोर्ट ने पिछले हफ्ते परोल पर छोड़ा था. बताया जाता है कि उसकी टीनएज बेटी कुछ महीनों से घर से गायब है. कोर्ट ने उसे इसी आधार पर पैरोल दी थी, ताकि वह अपनी बेटी को ढूंढ सके.

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